सरबजीत कौर से बनी नूर हुसैन पाकिस्तान गई सिख महिला ने थामा इस्लाम का दामन, भारत लौटने से किया इनकार
News India Live, Digital Desk: जत्थे के साथ पाकिस्तान की धार्मिक यात्रा पर गई एक भारतीय सिख महिला को लेकर चौंकाने वाली खबर सामने आई है। पंजाब की रहने वाली सरबजीत कौर ने न केवल सिख धर्म छोड़कर इस्लाम स्वीकार कर लिया है, बल्कि उन्होंने एक पाकिस्तानी युवक से निकाह भी कर लिया है। अब उनका नया नाम 'नूर हुसैन' है। इस घटना ने एक बार फिर सरहद पार श्रद्धालुओं की सुरक्षा और वहां होने वाले धर्मांतरण के खेल पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
तीर्थयात्रा पर गई थी सरबजीत, निकाहनामे ने सबको चौंकाया
मिली जानकारी के अनुसार, सरबजीत कौर उन श्रद्धालुओं के जत्थे का हिस्सा थीं, जो बैसाखी के अवसर पर पाकिस्तान स्थित गुरुद्वारों के दर्शन करने गए थे। यात्रा के दौरान ही वह अचानक लापता हो गईं और बाद में सोशल मीडिया के जरिए उनके निकाह की खबरें सामने आईं। सरबजीत ने फैसलाबाद के रहने वाले नूर हुसैन नाम के शख्स से शादी की है। भारत में उनके परिवार वाले इस खबर से सदमे में हैं और उन्हें डर है कि यह सब किसी दबाव या साजिश के तहत किया गया है।
'अपनी मर्जी से बदला धर्म' - वीडियो जारी कर दी सफाई
विवाद बढ़ता देख सरबजीत कौर (अब नूर हुसैन) ने एक वीडियो संदेश जारी किया है। इसमें उन्होंने दावा किया है कि उन पर धर्म परिवर्तन के लिए कोई दबाव नहीं डाला गया और उन्होंने अपनी मर्जी से इस्लाम अपनाया है। उन्होंने पाकिस्तानी अधिकारियों से अपील की है कि उन्हें भारत वापस न भेजा जाए क्योंकि उन्हें वहां अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है। उन्होंने निकाह के दस्तावेज भी दिखाए हैं और पाकिस्तान में ही बसने की इच्छा जताई है।
पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों की भूमिका पर उठे सवाल
इस मामले ने भारतीय सुरक्षा एजेंसियों को भी सतर्क कर दिया है। अक्सर देखा गया है कि पाकिस्तान जाने वाले भारतीय श्रद्धालुओं को वहां के स्थानीय लोग और एजेंसियां बरगलाने की कोशिश करती हैं। खुफिया सूत्रों का मानना है कि सोशल मीडिया के जरिए पहले से ही ऐसे जाल बिछाए जाते हैं, जिसमें श्रद्धालुओं को फंसाकर उनका धर्मांतरण कराया जाता है। सरबजीत कौर का मामला भी इसी संदिग्ध पैटर्न का हिस्सा लग रहा है, जिसकी जांच अब गहन स्तर पर की जा रही है।
क्या यह केवल प्रेम है या एक सोची-समझी साजिश?
सिख संगठनों ने इस घटना पर कड़ी आपत्ति जताई है। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए भारत सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है। संगठनों का कहना है कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यक हिंदू और सिख लड़कियों के साथ-साथ अब भारतीय श्रद्धालुओं को भी निशाना बनाया जा रहा है। इस घटना के बाद अब जत्थों में जाने वाले श्रद्धालुओं के वेरिफिकेशन और वहां उनकी निगरानी को लेकर नए प्रोटोकॉल बनाने की मांग तेज हो गई है।