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March 20 2026 12:57 pm

ईद पर नहीं बरसेंगी गोलियां पाकिस्तान और तालिबान के बीच महा-युद्ध पर लगा ब्रेक, सीजफायर का बड़ा ऐलान

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News India Live, Digital Desk: पिछले कई दिनों से डूरंड लाइन (Durand Line) पर आमने-सामने खड़ी पाकिस्तान और अफगानिस्तान की सेनाओं ने ईद-उल-फितर के पवित्र अवसर पर हथियारों को शांत रखने का फैसला किया है। सीमा पर जारी भीषण गोलाबारी और तनाव के बीच दोनों देशों ने सीजफायर (Ceasefire) का ऐलान किया है, जिससे सरहद पर रहने वाले हजारों परिवारों ने राहत की सांस ली है।

तनाव के बीच 'शांति' का संदेश

अफगानिस्तान की सत्ता पर काबिज तालिबान और पाकिस्तान सरकार के बीच पिछले कुछ हफ्तों से संबंध बेहद निचले स्तर पर पहुंच गए थे। हाल ही में पाकिस्तान द्वारा अफगानिस्तान के भीतर किए गए हवाई हमलों और तालिबान की जवाबी कार्रवाई ने युद्ध जैसी स्थिति पैदा कर दी थी। लेकिन ईद के त्योहार को देखते हुए दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से अस्थाई युद्धविराम का निर्णय लिया है।

क्यों भिड़े थे पाकिस्तान और अफगानिस्तान?

इस विवाद की मुख्य जड़ें इन तीन बिंदुओं में छिपी हैं:

TTP का मुद्दा: पाकिस्तान का आरोप है कि 'तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान' (TTP) के आतंकी अफगानिस्तान की धरती का इस्तेमाल कर पाकिस्तान में हमले कर रहे हैं।

डूरंड लाइन विवाद: तालिबान डूरंड लाइन को आधिकारिक सीमा मानने से इनकार करता रहा है, जिससे अक्सर फेंसिंग को लेकर झड़पें होती हैं।

हवाई हमले: पाकिस्तान द्वारा खोस्त और कुनार प्रांतों में किए गए हमलों ने आग में घी डालने का काम किया था।

ईद के बाद क्या?

हालाँकि यह सीजफायर केवल ईद के त्यौहार तक सीमित रहने की संभावना है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक TTP और सीमा विवाद का कोई स्थायी समाधान नहीं निकलता, तब तक यह शांति अस्थायी ही रहेगी। फिलहाल, दोनों देशों के स्थानीय कमांडरों को निर्देश दिए गए हैं कि वे ईद के दौरान किसी भी तरह की उकसावे वाली कार्रवाई से बचें।

स्थानीय लोगों में खुशी की लहर

सीमावर्ती इलाकों जैसे चमन और तोरखम में व्यापारिक गतिविधियां फिर से सामान्य होने की उम्मीद है। लोग अब बिना किसी डर के ईद की नमाज अदा कर सकेंगे और बाजारों में खरीदारी कर पाएंगे।