IPL 2026 : कैमरन ग्रीन पर 25.20 करोड़ का दांव पूर्व भारतीय दिग्गज ने KKR को घेरा
News India Live, Digital Desk: आईपीएल 2026 की नीलामी में कैमरन ग्रीन इतिहास के सबसे महंगे विदेशी खिलाड़ी बन गए। उन्हें खरीदने के लिए केकेआर और सीएसके के बीच जबरदस्त होड़ मची, जिसमें अंततः केकेआर ने बाजी मारी। लेकिन इस डील ने विशेषज्ञों को हैरान कर दिया है, क्योंकि ग्रीन का पिछला आईपीएल रिकॉर्ड उनके प्राइस टैग के मुकाबले काफी साधारण रहा है।
1. पूर्व क्रिकेटर के तीखे सवाल
रिपोर्ट के मुताबिक, पूर्व भारतीय बल्लेबाज (संकेत आकाश चोपड़ा या कृष्णमाचारी श्रीकांत की ओर हो सकते हैं, जो अक्सर ऐसे साहसिक बयान देते हैं) ने केकेआर की रणनीति पर सवाल उठाए:
परफॉर्मेंस बनाम पैसा: उन्होंने कहा कि 25 करोड़ से ज्यादा की राशि एक ऐसे खिलाड़ी को देना जिसने अब तक लीग को 'डोमिनेट' नहीं किया है, समझ से परे है।
बड़ा सवाल: "क्या ग्रीन ने आईपीएल में ऐसा कुछ किया है? उनके पास प्रतिभा हो सकती है, लेकिन क्या वे अकेले दम पर मैच जिताने वाले खिलाड़ी साबित हुए हैं?"
2. कैमरन ग्रीन का आईपीएल सफर (Stat Check)
ग्रीन अब तक मुंबई इंडियंस (MI) और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के लिए खेल चुके हैं।
बल्लेबाजी: उन्होंने 29 मैचों में लगभग 700+ रन बनाए हैं, जिसमें एक शतक शामिल है।
गेंदबाजी: गेंदबाजी में वे उतने प्रभावी नहीं रहे हैं, उनके नाम केवल 16 विकेट हैं।
निरंतरता की कमी: विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रीन टॉप ऑर्डर में अच्छे हैं, लेकिन केकेआर उन्हें मिडिल ऑर्डर में फिनिशर के तौर पर देख रही है, जहाँ उनका रिकॉर्ड बहुत खास नहीं है।
3. केकेआर का बचाव: रसेल के 'उत्तराधिकारी'?
केकेआर के सीईओ वेंकी मैसूर ने इस फैसले का बचाव करते हुए कहा:
लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट: आंद्रे रसेल अब अपने करियर के अंतिम पड़ाव पर हैं। केकेआर को एक ऐसे युवा ऑलराउंडर की जरूरत थी जो बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में योगदान दे सके।
पावर कोच: टीम ने आंद्रे रसेल को 'पावर कोच' नियुक्त किया है ताकि वे ग्रीन जैसे युवाओं को अपनी तरह खतरनाक हिटर बना सकें।
4. 'मैक्सिमम फी' रूल का पेंच (The Financial Twist)
भले ही केकेआर ने 25.20 करोड़ की बोली लगाई है, लेकिन आईपीएल के नए नियमों के अनुसार:
ग्रीन को केवल 18 करोड़ रुपये ही मिलेंगे (जो सबसे ऊंची रिटेंशन स्लैब है)।
बाकी के 7.20 करोड़ रुपये बीसीसीआई के 'खिलाड़ी कल्याण कोष' (Player Welfare Fund) में जाएंगे।
हालांकि, केकेआर के पर्स से पूरे 25.20 करोड़ रुपये ही काटे गए हैं।