छत्तीसगढ़ में बिजली बिलिंग का नया दौर स्मार्ट मीटर पर मिलेगी 20% की छूट, प्रीपेड सिस्टम और समाधान योजना लागू
News India Live, Digital Desk: छत्तीसगढ़ में बिजली उपभोक्ताओं के लिए 1 अप्रैल 2026 से व्यवस्थाएं पूरी तरह बदलने जा रही हैं। राज्य सरकार और छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी (CSPDCL) ने बिजली के उपयोग और बिलिंग प्रणाली में क्रांतिकारी बदलाव किए हैं। अब प्रदेश में 'टाइम ऑफ डे' (ToD) टैरिफ लागू होने जा रहा है, जिससे बिजली का बिल इस बात पर निर्भर करेगा कि आप किस समय बिजली का उपयोग कर रहे हैं। साथ ही, भारी बकाया राशि से निपटने के लिए प्रीपेड मीटरिंग और 'मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना' की भी शुरुआत की गई है।
1. 'टाइम ऑफ डे' (ToD) टैरिफ: सही समय पर बिजली उपयोग से 20% बचत नई व्यवस्था के तहत दिन को अलग-अलग स्लॉट में बांटा गया है। सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक बिजली का उपयोग करने पर उपभोक्ताओं को सामान्य दर से 20 प्रतिशत तक की छूट मिलेगी। हालांकि, शाम 5 बजे से रात 11 बजे तक (पीक आवर्स) बिजली का उपयोग करने पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क देना पड़ सकता है। यह नियम फिलहाल स्मार्ट मीटर वाले उपभोक्ताओं के लिए अनिवार्य किया गया है।
2. प्रीपेड सिस्टम: मोबाइल की तरह रिचार्ज होने पर ही जलेंगे बल्ब सरकारी विभागों और नगर निकायों पर बढ़ते हजारों करोड़ के बकाया को देखते हुए सरकार ने 'प्रीपेड मीटरिंग' को हरी झंडी दे दी है। अब उपभोक्ताओं को बिजली का उपयोग करने से पहले मोबाइल की तरह रिचार्ज कराना होगा। रिचार्ज खत्म होते ही बिजली सप्लाई खुद-ब-खुद बंद हो जाएगी। कंपनी ने इसे लागू करने के पीछे 3,500 करोड़ रुपये से अधिक के बढ़ते बकाया को मुख्य वजह बताया है।
3. 'मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना-2026' का आगाज मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बकाया बिजली बिलों से परेशान लाखों उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए इस योजना की शुरुआत की है। इसके तहत:
बकाया बिल के मूल भुगतान में 75 फीसदी तक की छूट का प्रावधान है (नियमों के अधीन)।
उपभोक्ताओं को बकाया राशि आसान किश्तों में चुकाने की सुविधा दी जाएगी।
यह योजना मुख्य रूप से घरेलू (सिंगल बल्ब) और कृषि उपभोक्ताओं को ध्यान में रखकर बनाई गई है।
योजना का लाभ लेने के लिए पंजीकरण अनिवार्य है और यह 30 जून 2026 तक वैध रहेगी।
4. डिजिटल ऐप्स और स्मार्ट मीटर से निगरानी उपभोक्ता अब 'मोर बिजली' (Mor Bijlee) ऐप और स्मार्ट मीटर के जरिए अपनी वास्तविक समय (Real-time) की खपत देख सकेंगे। इससे लोगों को यह समझने में आसानी होगी कि वे किस समय भारी उपकरणों (जैसे गीजर, एसी या मोटर) का उपयोग कर अपने बिल में कटौती कर सकते हैं। राज्य सरकार का लक्ष्य चरणबद्ध तरीके से पूरे प्रदेश में स्मार्ट मीटर लगाने का है।