UP के 53 गांवों से गुज़रेगी नई रेलवे लाइन, बनेंगे 7 नए स्टेशन, जानिए आपके इलाके का नाम है या नहीं

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उत्तर प्रदेश में रहने वालों के लिए एक और बड़ी खुशखबरी है! योगी सरकार राज्य में परिवहन व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठा रही है। अब प्रदेश के महाराजगंज जिले के 53 गांवों की ज़मीन पर एक बिल्कुल नई रेलवे लाइन बिछाई जाने वाली है, जिससे लाखों लोगों का सफ़र आसान हो जाएगा।

यह सिर्फ एक पटरी नहीं, बल्कि विकास की एक नई राह है। तो चलिए जानते हैं कि इस प्रोजेक्ट में क्या-क्या खास है।

क्या-क्या बन रहा है इस 52 किलोमीटर की लाइन पर?

यह प्रोजेक्ट घुघली-आनंदनगर रेल लाइन के नाम से जाना जाएगा। इसके तहत कुल 52 किलोमीटर लंबी पटरी बिछाई जाएगी और इस रूट पर 7 नए रेलवे स्टेशन और हॉल्ट बनाए जाएँगे। अब ट्रेन पकड़ने के लिए लोगों को दूर नहीं जाना पड़ेगा। ये रहे नए स्टेशनों के नाम:

  • आनंदनगर
  • महराजगंज
  • परसिया बुजुर्ग
  • पकड़ी नौनिया
  • घुघली क्रॉसिंग
  • शिकारपुर
  • पिपरा मुंडेरी हॉल्ट

इस प्रोजेक्ट में 32 अंडरपास भी बनाए जाएँगे ताकि ट्रैफिक जाम की समस्या न हो। माना जा रहा है कि इस नई रेल लाइन से लगभग 10 लाख लोगों को सीधा फायदा मिलेगा।

ज़मीन का काम कहाँ तक पहुँचा?

इस बड़ी लाइन को बिछाने के लिए 53 गांवों की ज़मीन की ज़रूरत पड़ेगी। अच्छी खबर यह है कि इनमें से 29 गांवों में ज़मीन अधिग्रहण का काम लगभग पूरा हो चुका है। रेलवे ने उन किसानों को भी सूचित कर दिया है जिनकी ज़मीन इस प्रोजेक्ट में आ रही है, ताकि वे समय पर अपनी फसलें काट सकें। जल्द ही इन जगहों पर नोटिस बोर्ड लगाकर काम शुरू कर दिया जाएगा।

कब तक पूरा होगा यह प्रोजेक्ट?

इस शानदार प्रोजेक्ट को 2023 में मंजूरी मिली थी और इसे 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए सरकार ने ₹958.27 करोड़ का बजट भी पास कर दिया है। लोगों का मानना है कि इन स्टेशनों के बनने से पूरे इलाके में विकास की रफ़्तार तेज़ हो जाएगी।

सिर्फ यहीं नहीं, पूरे UP में बदल रहे हैं स्टेशन

यह प्रोजेक्ट तो बस एक झांकी है! अमृत भारत योजना के तहत यूपी के 157 पुराने रेलवे स्टेशनों को भी चमकाया जा रहा है। कानपुर, काशी, अयोध्या, लखनऊ और गोरखपुर जैसे बड़े स्टेशनों को एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं के साथ हाई-टेक बनाया जा रहा है, जिस पर ₹7,695 करोड़ खर्च किए जा रहे हैं।

कुल मिलाकर, आने वाले कुछ सालों में उत्तर प्रदेश में ट्रेन का सफ़र पहले से कहीं ज़्यादा आरामदायक और आधुनिक होने वाला है।