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March 15 2026 05:43 am

New Education Policy : अब स्कूल बंक करना पड़ेगा महंगा, दिल्ली सरकार का नया ऐप खोलेगा बच्चों की सारी पोल

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News India Live, Digital Desk: New Education Policy : मेरा बच्चा आज स्कूल पहुंचा या नहीं? उसने क्लास में होमवर्क दिखाया? टेस्ट में कितने नंबर आए?" - ये कुछ ऐसे सवाल हैं जो दिल्ली के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले लाखों बच्चों के माता-पिता के मन में हर रोज आते हैं. अब इन सभी सवालों का जवाब उन्हें अपने मोबाइल फोन पर सिर्फ एक क्लिक से मिल जाएगा.

दिल्ली सरकार ने पेरेंट्स और टीचरों की ज़िंदगी को आसान बनाने के लिए एक नया 'स्कूल वेब ऐप' लॉन्च किया है. यह ऐप एक ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है जहां माता-पिता अपने बच्चे की स्कूल से जुड़ी हर छोटी-बड़ी गतिविधि पर नज़र रख सकेंगे. अब उन्हें बार-बार टीचर को फोन करने या स्कूल के चक्कर काटने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी.

क्या-क्या मिलेगा इस ऐप पर?

सोचिए, आपके बच्चे की पूरी स्कूल डायरी अब आपके फोन में होगी. इस ऐप के ज़रिए आपको ये सारी जानकारी मिलेगी:

  • डेली अटेंडेंस: बच्चा किस दिन स्कूल आया और किस दिन नहीं, इसकी जानकारी अब रोज़ाना अपडेट होगी. अब बच्चे स्कूल बंक करने का बहाना नहीं बना पाएंगे.
  • रिजल्ट और परफॉर्मेंस: क्लास टेस्ट से लेकर फाइनल एग्जाम तक, बच्चे का रिजल्ट सीधे आपके ऐप पर आ जाएगा. आप आसानी से देख पाएंगे कि आपका बच्चा किस विषय में होशियार है और कहां उसे ज़्यादा मेहनत की ज़रूरत है.
  • होमवर्क अपडेट: आज टीचर ने क्या होमवर्क दिया है, इसकी जानकारी भी आपको ऐप से मिल जाएगी. अगर बच्चा छुट्टी पर है तो भी उसका काम नहीं छूटेगा.
  • स्कूल का टाइम-टेबल: किस दिन कौन सी क्लास होगी और किस सब्जेक्ट का पीरियड कब है, यह सब भी आप देख सकेंगे.

क्यों लॉन्च किया गया यह ऐप?

इस ऐप को लॉन्च करने का मकसद सिर्फ टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करना नहीं, बल्कि पेरेंट्स को स्कूल से जोड़ना है. दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद के मुताबिक, यह ऐप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'डिजिटल इंडिया' विजन को आगे बढ़ाता है.

इस ऐप से सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि टीचरों का कागजी काम कम हो जाएगा और वे बच्चों को पढ़ाने पर ज़्यादा ध्यान दे पाएंगे. वहीं, जब माता-पिता को अपने बच्चे की प्रोग्रेस के बारे में लगातार जानकारी मिलती रहेगी, तो वे भी उसकी पढ़ाई में बेहतर तरीके से मदद कर पाएंगे. यह कदम नई शिक्षा नीति (NEP) 2020 को ध्यान में रखकर भी उठाया गया है.

फिलहाल इस ऐप को 15 MCD स्कूलों में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया गया है. अगर यह सफल रहा, तो अगले दो महीनों में इसे दिल्ली के सभी 1,512 सरकारी स्कूलों में लागू कर दिया जाएगा. यह पहल दिल्ली की सरकारी शिक्षा व्यवस्था को और भी आधुनिक और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है.