Nestle India : 64 साल का CEO, जूनियर महिला कर्मचारी से इश्क, नेस्ले ने सालों पुराने बॉस को नौकरी से निकाला

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News India Live, Digital Desk: दुनिया की सबसे बड़ी फूड कंपनियों में से एक नेस्ले (Nestlé) में उस वक्त भूचाल आ गया, जब कंपनी ने अपने 38 साल पुराने कर्मचारी और लैटिन अमेरिका जोन के CEO लॉरेंट फ्रेक्से (Laurent Freixe) को तत्काल प्रभाव से नौकरी से निकाल दिया. 64 वर्षीय फ्रेक्से पर आरोप है कि उन्होंने कंपनी की आचार संहिता (Code of Conduct) का उल्लंघन करते हुए अपनी एक अधीनस्थ (junior) महिला कर्मचारी के साथ व्यक्तिगत संबंध बनाए थे.

यह मामला तब सामने आया जब किसी ने इसकी शिकायत कंपनी के अंदर की, जिसके बाद नेस्ले ने एक आंतरिक जांच (internal probe) बैठाई. जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद कंपनी ने बिना कोई देरी किए अपने इतने वरिष्ठ और पुराने अधिकारी को बाहर का रास्ता दिखा दिया.

क्या है पूरा मामला?

नेस्ले जैसी बड़ी कंपनियां अपने कर्मचारियों, खासकर वरिष्ठ पदों पर बैठे अधिकारियों के लिए एक सख्त आचार संहिता रखती हैं. इसके तहत, कोई भी मैनेजर या बॉस अपने अधीन काम करने वाले किसी भी कर्मचारी के साथ ऐसे व्यक्तिगत या रोमांटिक रिश्ते नहीं बना सकता, जिससे हितों का टकराव (conflict of interest) हो. इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि ऑफिस का माहौल पेशेवर बना रहे और किसी भी कर्मचारी को गलत फायदा न मिले या किसी के साथ भेदभाव न हो.

लॉरेंट फ्रेक्से के मामले में यही हुआ. आंतरिक जांच में यह बात साबित हो गई कि उनके अपनी एक जूनियर महिला सहकर्मी के साथ संबंध थे. कंपनी ने अपने बयान में कहा, "नेस्ले ने लॉरेंट फ्रेक्से के साथ रोजगार समाप्त कर दिया है क्योंकि उन्होंने हमारी आचार संहिता का उल्लंघन किया था. यह फैसला एक आंतरिक जांच के बाद लिया गया है."

कौन हैं लॉरेंट फ्रेक्से?

लॉरेंट फ्रेक्से नेस्ले के लिए एक बहुत बड़ा नाम थे. उन्होंने 1986 में कंपनी ज्वाइन की थी और पिछले 38 सालों में कई बड़े पदों पर काम किया. वह कंपनी के एग्जीक्यूटिव बोर्ड का भी हिस्सा थे. पिछले 10 सालों से वह लैटिन अमेरिका क्षेत्र के CEO के तौर पर एक बड़े कारोबार का नेतृत्व कर रहे थे. कंपनी ने उनके योगदान को स्वीकार किया लेकिन साथ ही यह भी साफ कर दिया कि नियमों का उल्लंघन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

नेस्ले ने फिलहाल उनकी जगह किसी की स्थायी नियुक्ति नहीं की है. कंपनी के लैटिन अमेरिका के हेड ऑफ ऑपरेशंस, फेलिप रियानो (Felipe Riano), अस्थायी रूप से फ्रेक्से की जिम्मेदारियां संभालेंगे.

यह मामला कॉर्पोरेट जगत में एक बड़ी नजीर पेश करता है कि पद चाहे कितना भी बड़ा क्यों न हो, कंपनी के नियमों और नैतिक मूल्यों से बढ़कर कुछ भी नहीं है.