NEET UG 2026: मेडिकल छात्रों की बल्ले-बल्ले! देश में बढ़ीं 11,000 से ज्यादा MBBS सीटें, जानें अब कुल कितनी है संख्या
नई दिल्ली: नीट यूजी (NEET-UG) की तैयारी कर रहे लाखों छात्रों के लिए साल 2026 एक बड़ी सौगात लेकर आया है। केंद्र सरकार और नेशनल मेडिकल काउंसिल (NMC) ने मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक विस्तार करते हुए एमबीबीएस (MBBS) की सीटों में 11,000 से अधिक की बढ़ोतरी की है। इस फैसले का सबसे बड़ा फायदा उन उम्मीदवारों को होगा जो कुछ अंकों के अंतर से सरकारी या निजी मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश से वंचित रह जाते थे। अब देश के युवाओं को डॉक्टर बनने के लिए विदेश जाने के बजाय अपने ही देश में बेहतर मौके मिलेंगे।
MBBS और PG सीटों का नया गणित: एक नजर में
केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल द्वारा संसद में दी गई जानकारी और NMC के ताजा आंकड़ों के अनुसार, मेडिकल सीटों का विस्तार कुछ इस प्रकार है:
| विवरण | पिछला आंकड़ा (2025) | नया आंकड़ा (2026-27 सत्र) | कुल बढ़ोतरी |
|---|---|---|---|
| MBBS सीटें | 1,18,190 | 1,29,603 | 11,413 |
| मेडिकल कॉलेज | 780 | 824 | 44 |
| PG सीटें | - | - | 8,967 |
44 नए मेडिकल कॉलेजों को मिली हरी झंडी
एकेडमिक सत्र 2025-26 के लिए देश भर में 44 नए मेडिकल कॉलेजों को मान्यता दी गई है। इसके साथ ही भारत में मेडिकल कॉलेजों की कुल संख्या अब 824 पर पहुंच गई है। इन नए संस्थानों के खुलने से न केवल सीटें बढ़ी हैं, बल्कि क्षेत्रीय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं में भी सुधार होने की उम्मीद है। इन कॉलेजों में बुनियादी ढांचे और फैकल्टी की जांच के बाद ही NMC ने अपनी वेबसाइट पर डेटा अपडेट किया है।
नीट पीजी (NEET PG) उम्मीदवारों के लिए भी खुशखबरी
केवल ग्रेजुएशन ही नहीं, बल्कि पोस्ट ग्रेजुएशन (PG) करने के इच्छुक डॉक्टरों के लिए भी सरकार ने राहत दी है। इस साल मेडिकल की पीजी सीटों में 8,967 की वृद्धि की गई है। खास बात यह है कि इन सीटों में एम्स (AIIMS) और अन्य 'इंस्टीट्यूट ऑफ नेशनल इंपॉर्टेंस' (INIs) की सीटें भी शामिल हैं, जो देश के सबसे प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थान माने जाते हैं।
इस बढ़ोतरी का छात्रों पर क्या होगा असर?
कंपटीशन में राहत: सीटें बढ़ने से कट-ऑफ में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है, जिससे ज्यादा रैंक वाले छात्रों के लिए भी राह आसान होगी।
देश में शिक्षा: भारी संख्या में सीटें बढ़ने से छात्रों का 'फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट' (FMG) बनने का रुझान कम होगा और वे देश के मानकों के अनुरूप यहीं शिक्षा ले सकेंगे।
स्पेशलाइजेशन के मौके: पीजी सीटों में करीब 9 हजार की बढ़ोतरी का मतलब है कि भविष्य में देश को अधिक विशेषज्ञ डॉक्टर (Specialists) मिलेंगे।
महत्वपूर्ण जानकारी: अभ्यर्थी नए मेडिकल कॉलेजों की सूची और कॉलेज-वार सीटों का विवरण National Medical Commission (NMC) की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर चेक कर सकते हैं।