NEET UG 2026: देश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में बढ़ेंगी 400 से ज्यादा सीटें, नेशनल मेडिकल कमीशन ने शुरू की प्रक्रिया
News India Live, Digital Desk: देश में चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र को मजबूती देने और डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए एमबीबीएस (MBBS) और पोस्ट ग्रेजुएट (PG) की सीटों में भारी बढ़ोतरी की प्रक्रिया शुरू कर दी है। ताजा अपडेट के अनुसार, देश के विभिन्न राज्यों के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 220 नई एमबीबीएस सीटें और 211 नई पीजी सीटें जोड़ने का प्रस्ताव अंतिम चरण में है। इस फैसले से न केवल नीट (NEET) की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए प्रतिस्पर्धा थोड़ी आसान होगी, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं में भी सुधार देखने को मिलेगा।
कहां और कितनी बढ़ेंगी सीटें? इन राज्यों को मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा
सीटों में बढ़ोतरी का यह प्रस्ताव मुख्य रूप से उन राज्यों के लिए है जहाँ मेडिकल कॉलेजों के बुनियादी ढांचे (Infrastructure) में सुधार हुआ है।
MBBS (220 सीटें): उत्तर प्रदेश, राजस्थान और बिहार के कुछ चिन्हित मेडिकल कॉलेजों में इन सीटों को जोड़ने की तैयारी है।
PG (211 सीटें): स्पेशलाइजेशन के क्षेत्र में कमी को देखते हुए एमडी (MD) और एमएस (MS) की सीटों में यह इजाफा किया जा रहा है। NMC की टीम ने हाल ही में कई कॉलेजों का निरीक्षण किया था, जिसके बाद फैकल्टी और लैब की सुविधा के आधार पर इन सीटों को मंजूरी दी जा रही है।
NEET UG 2026 की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए 'गोल्डन चांस'
मेडिकल सीटों में इस बढ़ोतरी का सीधा फायदा उन छात्रों को मिलेगा जो नीट यूजी 2026 (NEET UG) की परीक्षा में शामिल होने वाले हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि सीटों की संख्या बढ़ने से सरकारी कॉलेजों की कट-ऑफ (Cut-off) में मामूली गिरावट आ सकती है, जिससे कम रैंक वाले प्रतिभाशाली छात्रों को भी सरकारी सीट मिलने की संभावना बढ़ जाएगी। पीजी सीटों में बढ़ोतरी से उन डॉक्टरों को राहत मिलेगी जो एम्स (AIIMS) या अन्य बड़े संस्थानों में अपनी विशेषज्ञता पूरी करना चाहते हैं।
कब तक लागू होगा नया सीट मैट्रिक्स?
NMC के अधिकारियों के अनुसार, इस प्रक्रिया को जून 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा ताकि आगामी काउंसलिंग सत्र (Counseling Session) में इन नई सीटों को शामिल किया जा सके। कॉलेजों को निर्देश दिया गया है कि वे बढ़ी हुई सीटों के अनुपात में अपनी फैकल्टी और हॉस्टल सुविधाओं को जल्द से जल्द अपडेट करें। इससे पहले भी सरकार ने 'एक जिला, एक मेडिकल कॉलेज' योजना के तहत सीटों में लगातार इजाफा किया है, जिससे भारत अब वैश्विक चिकित्सा हब बनने की ओर अग्रसर है।