वैशाली में NDA की लहर, तेजस्वी तो जीते पर किला नहीं बचा पाए

Post

News India Live, Digital Desk: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों ने वैशाली जिले की राजनीतिक तस्वीर को पूरी तरह से बदल कर रख दिया है। यह जिला, जिसे आरजेडी का मजबूत गढ़ माना जाता था, वहां इस बार एनडीए गठबंधन ने बड़ी सेंधमारी की है। जिले की कुल 8 विधानसभा सीटों में से 6 पर एनडीए (बीजेपी-जेडीयू) के उम्मीदवारों ने शानदार जीत दर्ज की है, जबकि आरजेडी के खाते में सिर्फ 2 सीटें ही आ पाई हैं।

सबसे बड़ी और चर्चित सीट राघोपुर से आरजेडी नेता और महागठबंधन के सीएम उम्मीदवार तेजस्वी यादव ने तो अपनी सीट बचा ली, लेकिन वह पूरे जिले में अपनी पार्टी की 'लालटेन' को जलने से नहीं रोक पाए।

वैशाली जिले की 8 सीटों का पूरा ब्यौरा: कौन बना आपका विधायक?

  1. हाजीपुर: यह VIP सीट बीजेपी के खाते में गई है। यहां से अवधेश सिंह ने शानदार जीत दर्ज की है।
  2. लालगंज: इस सीट पर भी बीजेपी का कमल खिला है। संजय कुमार सिंह यहां से विधायक चुने गए हैं।
  3. वैशाली: यहां से जेडीयू के सिद्धार्थ पटेल ने जीत हासिल की है।
  4. महनार: यह सीट भी जेडीयू के खाते में गई है। उमेश सिंह कुशवाहा ने यहां से जीत दर्ज की है।
  5. पातेपुर (SC): बीजेपी ने इस सुरक्षित सीट पर भी अपना परचम लहराया है। लखेंद्र कुमार रौशन यहां से विधायक बने हैं।
  6. राजापाकर (SC): यह सुरक्षित सीट जेडीयू के खाते में गई है, जहां से महेंद्र राम ने जीत हासिल की है।
  7. राघोपुर: बिहार की सबसे हॉट सीट पर तेजस्वी यादव ने जीत दर्ज की है। यह आरजेडी के लिए जिले में एक बड़ी राहत है।
  8. महुआ: राघोपुर के अलावा, यह दूसरी सीट है जो आरजेडी के खाते में गई है। यहां से मुकेश कुमार रौशन ने जीत हासिल की है।

क्या रहे जीत के मायने?

वैशाली जिले के इन नतीजों ने साफ कर दिया है कि एनडीए गठबंधन ने आरजेडी के पारंपरिक वोट बैंक में भी सेंध लगा दी । बीजेपी और जेडीयू ने मिलकर 3-3 सीटें जीती हैं, जो उनकी मजबूत जमीनी पकड़ को दिखाता । तेजस्वी यादव के लिए यह परिणाम चिंता का विषय है, क्योंकि भले ही वह खुद जीत गए हों, लेकिन अपने ही गढ़ में पार्टी का ऐसा प्रदर्शन भविष्य के लिए एक बड़ी चुनौती है। इन नतीजों ने यह भी साबित कर दिया है कि वैशाली की जनता ने इस बार विकास और गठबंधन की राजनीति पर ज्यादा भरोसा जताया है।