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April 03 2026 05:17 am

छत्तीसगढ़ से होगा नक्सलियों का सफाया डिप्टी सीएम विजय शर्मा का बड़ा एलान, समय सीमा के भीतर खत्म होगा सशस्त्र उग्रवाद'

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News India Live, Digital Desk : छत्तीसगढ़ की साय सरकार ने नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक जंग का बिगुल फूंक दिया है। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री विजय शर्मा ने एक बेहद महत्वपूर्ण और साहसी बयान देते हुए कहा है कि राज्य से सशस्त्र नक्सलियों का पूरी तरह सफाया कर दिया जाएगा। डिप्टी सीएम ने स्पष्ट किया कि सरकार ने इसके लिए एक डेडलाइन (तय समय सीमा) निर्धारित की है, जिसके भीतर बस्तर समेत पूरे छत्तीसगढ़ से उग्रवाद की जड़ों को उखाड़ फेंका जाएगा। सरकार की इस आक्रामक रणनीति ने नक्सली कैडरों में खलबली मचा दी है।

डिपार्टमेंटल डेडलाइन और सुरक्षा बलों को खुली छूट

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि अब बातचीत का समय लगभग समाप्त हो चुका है और सुरक्षा बल पूरी ताकत के साथ नक्सलियों के गढ़ में घुस रहे हैं। उन्होंने बताया कि गृह विभाग ने एक निश्चित कार्ययोजना तैयार की है। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले कुछ वर्षों के भीतर छत्तीसगढ़ को 'नक्सल मुक्त' राज्य घोषित किया जाए। इसके लिए पुलिस और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों (CRPF/BSF) को आधुनिक हथियारों और तकनीक के साथ फ्री-हैंड दिया गया है।

बस्तर में विकास और 'नियद नेल्लानार' योजना का असर

विजय शर्मा ने जोर देकर कहा कि केवल बंदूक के दम पर ही नहीं, बल्कि विकास के जरिए भी नक्सलियों को मात दी जा रही है। सरकार की 'नियद नेल्लानार' (आपका अच्छा गांव) योजना के तहत उन अंदरूनी इलाकों तक सड़क, बिजली, पानी और अस्पताल पहुंचाए जा रहे हैं, जिन्हें कभी नक्सलियों का 'अभेद्य किला' माना जाता था। डिप्टी सीएम के मुताबिक, जैसे-जैसे विकास गांवों तक पहुंच रहा है, नक्सलियों का आधार खत्म हो रहा है और वे अब केवल अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे हैं।

आत्मसमर्पण करें या परिणाम भुगतने को तैयार रहें

गृहमंत्री ने नक्सलियों को सीधी चेतावनी देते हुए कहा कि उनके पास अब दो ही रास्ते बचे हैं—या तो वे लोकतंत्र की मुख्यधारा में शामिल होकर आत्मसमर्पण (Surrender) करें और सरकार की पुनर्वास नीति का लाभ उठाएं, अन्यथा सुरक्षा बलों की गोलियों का सामना करने के लिए तैयार रहें। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता अब हिंसा और डर के साये में नहीं जीना चाहती। सरकार की इस 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत हाल के महीनों में रिकॉर्ड संख्या में नक्सलियों को ढेर किया गया है और उनके कैंपों को नष्ट किया गया है।