Navratri Diet : क्या नवरात्रि व्रत में साबुदाना खाना सही है? जानें इसके फायदे, नुकसान और फलाहार के जरूरी नियम
News India Live, Digital Desk: चैत्र नवरात्रि 2026 का पावन पर्व चल रहा है और आज तीसरा दिन है। श्रद्धा और भक्ति के इस समय में अधिकांश श्रद्धालु उपवास (व्रत) रखते हैं। व्रत के दौरान 'साबुदाना' (Sabudana) फलाहार का सबसे लोकप्रिय विकल्प माना जाता है। खिचड़ी हो या वड़ा, साबुदाना हर घर की पसंद है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि सेहत के नजरिए से व्रत में साबुदाना खाना कितना सही है? आहार विशेषज्ञों और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, साबुदाना खाते समय कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।
साबुदाना: ऊर्जा का पावरहाउस या सिर्फ स्टार्च?
साबुदाना मुख्य रूप से 'सागो पाम' (Sago Palm) नामक पेड़ के तने के गूदे से निकाला जाता है। यह कार्बोहाइड्रेट का एक शुद्ध स्रोत है।
फायदे: व्रत के दौरान जब शरीर को तुरंत ऊर्जा की जरूरत होती है, तब साबुदाना बेहतरीन काम करता है। यह पचाने में आसान होता है और पेट को लंबे समय तक भरा रखता है। इसमें पोटेशियम और कैल्शियम भी पाया जाता है, जो हड्डियों और मांसपेशियों के लिए अच्छा है।
नुकसान: साबुदाना में फाइबर की मात्रा बहुत कम और कैलोरी अधिक होती है। यदि आप वजन घटाने की कोशिश कर रहे हैं या डायबिटीज (मधुमेह) के मरीज हैं, तो साबुदाना का अधिक सेवन आपके ब्लड शुगर लेवल को बढ़ा सकता है।
व्रत में साबुदाना बनाने का सही तरीका
अक्सर लोग साबुदाना को डीप फ्राई करके (जैसे वड़े या पकौड़ी) खाते हैं, जिससे इसमें फैट की मात्रा बढ़ जाती है। सेहतमंद रहने के लिए इन तरीकों को अपनाएं:
खिचड़ी में सब्जियों का मेल: साबुदाना खिचड़ी बनाते समय इसमें मूंगफली, उबले आलू, और करी पत्ता जरूर डालें। इससे प्रोटीन और फाइबर की कमी पूरी होगी।
ज्यादा पानी पिएं: साबुदाना शरीर से पानी सोखता है, इसलिए इसे खाने के बाद पर्याप्त मात्रा में पानी या छाछ का सेवन करें।
कम तेल-घी: घी का कम से कम इस्तेमाल करें ताकि पाचन तंत्र पर अतिरिक्त दबाव न पड़े।
क्या साबुदाना 'अनाज' है? धार्मिक दृष्टिकोण
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, साबुदाना अनाज की श्रेणी में नहीं आता क्योंकि यह फल या बीज नहीं, बल्कि पेड़ के तने का अर्क है। यही कारण है कि इसे 'फलाहार' का हिस्सा माना गया है। हालांकि, साबुदाना बनाने की प्रक्रिया (Processing) मशीनी होती है, इसलिए कुछ लोग इसे पूरी तरह शुद्ध नहीं मानते। व्रत में शुद्धता बनाए रखने के लिए साबुदाना को अच्छी तरह धोकर ही इस्तेमाल करना चाहिए।
इन लोगों को रहना चाहिए सावधान
डायबिटीज के मरीज: साबुदाना का ग्लाइसेमिक इंडेक्स बहुत अधिक होता है, इसलिए डॉक्टर की सलाह के बिना इसका सेवन न करें।
कब्ज की समस्या: जिन लोगों को पाचन संबंधी समस्या या कब्ज रहती है, उन्हें साबुदाना सीमित मात्रा में ही खाना चाहिए।