राजस्थान में कुदरत का कहर भीषण आंधी-बारिश और ओलावृष्टि से कांपा मरूधरा, 17 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी
News India Live, Digital Desk: राजस्थान में मौसम ने अचानक ऐसा यू-टर्न लिया है कि भीषण गर्मी के बीच लोगों को कंपकंपी का अहसास होने लगा है। सक्रिय हुए एक शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में झमाझम बारिश और ओलावृष्टि का दौर शुरू हो गया है। सोमवार रात से ही जयपुर, बीकानेर, जोधपुर और शेखावाटी अंचल में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। मौसम विभाग (IMD) ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश के 17 जिलों में 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है, जहां 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से अंधड़ चलने और ओले गिरने की आशंका है।
जयपुर और बीकानेर में ओलों की चादर: सड़कों पर बिछी सफेद परत
राजधानी जयपुर समेत आसपास के इलाकों में मंगलवार सुबह तेज गर्जना के साथ बारिश शुरू हुई। बीकानेर और चुरू के ग्रामीण इलाकों में तो चने के आकार के ओले गिरे, जिससे सड़कें और खेत सफेद चादर से ढक गए। इस बेमौसम बदलाव के कारण दिन के तापमान में 5 से 7 डिग्री सेल्सियस तक की भारी गिरावट दर्ज की गई है। लू के थपेड़ों की जगह अब ठंडी हवाओं ने ले ली है, जिससे जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है।
इन 17 जिलों के लिए चेतावनी: घरों में रहने की सलाह
मौसम केंद्र जयपुर ने अगले 48 घंटों के लिए विशेष बुलेटिन जारी किया है। ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों में जयपुर, दौसा, अलवर, भरतपुर, धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर, बीकानेर, चुरू, हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, नागौर, जैसलमेर, जोधपुर, पाली, अजमेर और टोंक शामिल हैं। इन इलाकों में बिजली गिरने (Lightning Strike) की भी प्रबल संभावना है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
किसानों की मेहनत पर फिरा पानी: पकी फसलें हुई तबाह
अप्रैल महीने में हुई इस ओलावृष्टि ने राजस्थान के किसानों की कमर तोड़ दी है। खेतों में गेहूं, चना और सरसों की कटाई का काम जोरों पर था, लेकिन बारिश और ओलों ने फसल को जमीन पर बिछा दिया है। विशेष रूप से हाड़ौती और शेखावाटी क्षेत्र के किसानों का कहना है कि ओलों के कारण दाने काले पड़ जाएंगे और पैदावार में भारी कमी आएगी। मंडियों में खुले में पड़ा अनाज भी भीगने से खराब हो गया है, जिससे करोड़ों के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है।
क्यों बदला अचानक राजस्थान का मिजाज?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर-पश्चिमी भारत के ऊपर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है, जिसे अरब सागर से भरपूर नमी मिल रही है। इसी के असर से राजस्थान में प्री-मानसून जैसी गतिविधियां समय से पहले ही उग्र हो गई हैं। मौसम विभाग का मानना है कि 9 अप्रैल तक प्रदेश के उत्तरी और पूर्वी हिस्सों में रुक-रुक कर बारिश का यह सिलसिला जारी रह सकता है। इसके बाद ही तापमान में दोबारा बढ़ोतरी होने की संभावना है।