राजस्थान में कुदरत का कहर बारिश और ओलों से बिछ गई फसलें सरसों-गेहूं को भारी नुकसान, गिरदावरी के आदेश
News India Live, Digital Desk: राजस्थान के शेखावाटी क्षेत्र (झुंझुनू, सीकर) और मारवाड़ के कुछ हिस्सों में बुधवार और गुरुवार (18-19 मार्च) को तेज हवाओं के साथ ओलावृष्टि हुई है। कटाई के लिए तैयार खड़ी फसलों पर ओले गिरने से दाने झड़ गए हैं और फसलें खेतों में ही बिछ गई हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय ने प्रभावित जिलों के जिला कलेक्टरों को तुरंत विशेष गिरदावरी (Crop Assessment) करने के निर्देश दिए हैं ताकि किसानों को मुआवजा मिल सके।
इन जिलों में सबसे ज्यादा नुकसान (Affected Districts):
झुंझुनू और सीकर: यहाँ बड़े आकार के ओले गिरने से सरसों की फलियां टूट गई हैं और गेहूं की बालियों को भारी क्षति पहुँची है।
बीकानेर और नागौर: तेज अंधड़ के साथ आई बारिश ने जीरे और ईसबगोल की फसल को बर्बाद कर दिया है।
जयपुर और टोंक: यहाँ चने की फसल में जलभराव और ओलों के कारण उत्पादन घटने की आशंका है।
किसानों पर दोहरी मार (Impact on Crops):
सरसों (Mustard): सरसों की कटाई का काम अंतिम चरण में था। ओलों की मार से फलियां फट गई हैं, जिससे पैदावार में 30-50% तक की गिरावट आ सकती है।
गेहूं (Wheat): तेज हवाओं के साथ बारिश होने से गेहूं की फसल खेत में गिर (Lodging) गई है। इससे दानों की गुणवत्ता खराब होगी और कटाई में भी मुश्किल आएगी।
जीरा और मसाला फसलें: पश्चिमी राजस्थान में जीरे की तैयार फसल को नमी से भारी नुकसान हुआ है, जिससे कालेपन की समस्या (Fungal infection) पैदा हो सकती है।
सरकार की पहल: मुआवजे की उम्मीद
राजस्थान सरकार ने किसानों को राहत देने के लिए निम्नलिखित कदम उठाए हैं:
गिरदावरी के निर्देश: राजस्व विभाग को 7 दिनों के भीतर नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है।
बीमा क्लेम: प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के तहत बीमित किसानों को सलाह दी गई है कि वे नुकसान के 72 घंटों के भीतर टोल-फ्री नंबर या 'क्रॉप लॉस ऐप' (Crop Loss App) के माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज करें।
आपदा राहत कोष: जिन किसानों का बीमा नहीं है, उन्हें 'राज्य आपदा राहत कोष' (SDRF) के नियमों के अनुसार आर्थिक सहायता दी जाएगी।