BREAKING:
April 03 2026 12:23 am

Nature's Fury : बेमौसम बारिश और ओलों ने छीनी किसानों की मुस्कान, यूपी-पंजाब समेत कई राज्यों में गेहूं की फसल बर्बाद

Post

News India Live, Digital Desk: उत्तर भारत समेत देश के कई हिस्सों में पिछले दो सप्ताह से जारी बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की कमर तोड़ दी है। मार्च के उत्तरार्ध से शुरू हुआ मौसम का यह मिजाज अब खेती-किसानी के लिए काल बन गया है। हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में गेहूं की तैयार फसल को भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे अन्नदाता दाने-दाने को मोहताज होने की कगार पर है।

कटाई के वक्त बरसी आफत, भीग गया 'सोना'

यह बारिश उस समय हुई है जब खेतों में गेहूं की फसल पूरी तरह पक कर तैयार थी। कई इलाकों में तो कटाई शुरू हो चुकी थी और फसल खेतों में या खलिहानों में खुले में पड़ी थी। बारिश और ओलों की वजह से खड़ी फसल खेतों में बिछ गई है, जिससे दाना काला पड़ने और गुणवत्ता खराब होने का खतरा बढ़ गया है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि इस समय फसल को तेज धूप की जरूरत थी, लेकिन बारिश ने सारी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।

हरियाणा और पंजाब में मुआवजे की गूंज

हरियाणा के हिसार, रोहतक, गुरुग्राम और सोनीपत जैसे जिलों में भारी बारिश दर्ज की गई है। वहीं पंजाब के फिरोजपुर और मुक्तसर साहिब में भी फसलों को भारी क्षति हुई है। किसान अब सड़कों पर उतर आए हैं और सरकार से तुरंत विशेष गिरदावरी (सर्वे) कराकर उचित मुआवजे की मांग कर रहे हैं। चिंता की बात यह है कि मौसम विभाग ने 3 और 4 अप्रैल को बारिश का एक और दौर आने की चेतावनी दी है, जो बची-खुची फसल को भी तबाह कर सकता है।

यूपी के 21 जिलों में भारी तबाही, सरकार ने शुरू किया सर्वे

उत्तर प्रदेश में हालात और भी गंभीर हैं। राज्य सरकार ने स्वीकार किया है कि अब तक 21 जिले इस बेमौसम बरसात से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। लखनऊ, प्रयागराज, मेरठ, सहारनपुर और चित्रकूट मंडल के जिलों में गेहूं के साथ-साथ सरसों और आम की फसल को भी नुकसान पहुंचा है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रभावित इलाकों में सर्वे का काम शुरू कर दिया गया है ताकि किसानों को जल्द से जल्द राहत राशि प्रदान की जा सके।

महाराष्ट्र और एमपी में भी 'तांडव'

कुदरत का यह कहर सिर्फ उत्तर भारत तक सीमित नहीं है। महाराष्ट्र में अब तक की रिपोर्ट के मुताबिक लगभग 64 हजार हेक्टेयर फसल बर्बाद हो चुकी है। इसमें गेहूं के अलावा ज्वार, प्याज और फलों के बाग शामिल हैं। मध्य प्रदेश से भी ऐसी ही दुखद खबरें आ रही हैं, जहां ओलावृष्टि ने खेतों में बिछी फसल को बर्बाद कर दिया है।