युद्ध क्षेत्र से पति की सुरक्षित वापसी के लिए पत्नी ने केंद्र सरकार से लगाई गुहार, एजेंट पर केस दर्ज

युद्ध क्षेत्र से पति की सुरक्षित वापसी के लिए पत्नी ने केंद्र सरकार से लगाई गुहार, एजेंट पर केस दर्ज

तेलंगाना के राजन्ना-सिरसिल्ला जिले से एक दिल दहला देने वाला और गंभीर मामला सामने आया है, जहां रोजगार की तलाश में विदेश गए एक भारतीय युवक को अंतरराष्ट्रीय नौकरी रैकेट का शिकार बनाकर जबरन रूसी सेना में शामिल कर दिया गया है। पीड़ित युवक को कथित तौर पर यूक्रेन सीमा के पास भीषण युद्ध क्षेत्र में तैनात कर दिया गया है, जिसके बाद उसके परिवार में गहरा भय और हताशा का माहौल बना हुआ है। युवक की पत्नी दोमाती रक्षिता ने भारत सरकार, विदेश मंत्रालय और राज्य प्रशासन से भावुक अपील करते हुए अपने पति को तत्काल सुरक्षित स्वदेश वापस लाने की गुहार लगाई है।

नौकरी का लालच देकर रूस भेजा और थमा दी बंदूक

स्थानीय पुलिस में दर्ज कराई गई आधिकारिक शिकायत के अनुसार, राजन्ना-सिरसिल्ला जिले के निवासी दोमाती किशन आजीविका के बेहतर अवसरों की तलाश में थे। इसी दौरान सिरसिल्ला शहर में संचालित 'आदित्य मैनपावर' एजेंसी से जुड़े धरनम श्रीनिवास नामक एक स्थानीय एजेंट ने उन्हें रूस में सुरक्षित और अच्छे वेतन वाली नौकरी दिलाने का झांसा दिया। एजेंट के मीठे वादों और भरोसे में आकर किशन ने उसे 2.5 लाख रुपये की मोटी रकम सौंप दी। औपचारिकताएं पूरी होने के बाद किशन को विजिट वीजा पर 5 सितंबर 2026 को रूस भेजा गया, लेकिन वहां पहुंचते ही परिस्थितियां पूरी तरह बदल गईं।

युद्ध क्षेत्र से आया फोन कॉल और सामने आई खौफनाक सच्चाई

पत्नी रक्षिता के अनुसार, रूस पहुंचने के बाद किशन के साथ भारी धोखा किया गया। उन्हें किसी सामान्य काम में लगाने के बजाय जबरन रूसी सेना की यूनिट में भर्ती करा दिया गया और सैन्य प्रशिक्षण के बाद सीधे अग्रिम मोर्चे पर भेज दिया गया। किशन ने हाल ही में किसी तरह फोन के जरिए अपनी पत्नी से संपर्क साधा और रोते हुए अपनी आपबीती साझा की। उन्होंने बताया कि उन्हें यूक्रेन सीमा के बेहद संवेदनशील और संघर्षग्रस्त इलाके में अग्रिम पंक्ति में तैनात कर दिया गया है, जहां हर पल जान का गंभीर जोखिम बना हुआ है। इस खुलासे के बाद पूरे परिवार के होश उड़ गए हैं।

केंद्र सरकार से सुरक्षित निकासी की गुहार और पुलिस की कानूनी कार्रवाई

पति की जान खतरे में देखकर रक्षिता ने जिला प्रशासन और केंद्र सरकार के विदेश मंत्रालय से तत्काल राजनयिक हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने कहा कि फर्जी एजेंटों के जाल में फंसकर निर्दोष भारतीय युवा विदेशी युद्धों में अपनी जान गंवा रहे हैं, इसलिए भारत सरकार को तुरंत मॉस्को स्थित भारतीय दूतावास के जरिए किशन को ढूंढकर सुरक्षित भारत वापस लाना चाहिए। शिकायत दर्ज होने के बाद स्थानीय पुलिस ने आरोपी एजेंट धरनम श्रीनिवास के खिलाफ धोखाधड़ी और गैरकानूनी भर्ती गतिविधियों के तहत मामला दर्ज कर लिया है और पूरे गिरोह की जांच शुरू कर दी है।