दिल्ली-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर थमेगी वाहनों की रफ्तार, पुलिस ने जारी किया ट्रैफिक अलर्ट

दिल्ली-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर थमेगी वाहनों की रफ्तार, पुलिस ने जारी किया ट्रैफिक अलर्ट

Noida Traffic Advisory 9 October : राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में दैनिक आवागमन करने वाले लाखों नौकरीपेशा लोगों और यात्रियों के लिए आज का दिन परेशानी भरा साबित हो सकता है। दिल्ली-नोएडा सीमा, चिल्ला बॉर्डर और 24 किलोमीटर लंबे व्यस्त नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे (Noida-Greater Noida Expressway) पर आज दिन भर भारी ट्रैफिक जाम और धीमी आवाजाही की गंभीर संभावना जताई गई है। नोएडा ट्रैफिक पुलिस ने आधिकारिक एडवाइजरी जारी करते हुए यात्रियों से अपील की है कि वे असुविधा और समय की बर्बादी से बचने के लिए एक्सप्रेसवे के मुख्य कैरिजवे के बजाय वैकल्पिक मार्गों का चयन करें। पीक आवर्स (सुबह 8:30 से 11:30 बजे और शाम 5:30 से रात 9:00 बजे) के दौरान वाहनों का दबाव चरम पर रहने का अनुमान है, जिसके चलते ट्रैफिक पुलिस के अतिरिक्त जवानों को सभी प्रमुख कट और चौराहों पर तैनात किया गया है।

जाम के पीछे की मुख्य वजहें: वीआईपी मूवमेंट, अंडरपास निर्माण और री-सर्फेसिंग कार्य

ट्रैफिक पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, आज एक्सप्रेसवे और उससे जुड़े फीडर रूट्स पर जाम की स्थिति बनने के पीछे कई तकनीकी और प्रशासनिक कारण हैं:

  • वीआईपी मूवमेंट और सुरक्षा प्रोटोकॉल: ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो मार्ट और जेवर एयरपोर्ट कनेक्टिविटी से जुड़े उच्चस्तरीय प्रशासनिक निरीक्षण व वीआईपी काफिले की आवाजाही के चलते एक्सप्रेसवे के कई स्ट्रेच पर समय-समय पर ट्रैफिक को थोड़े अंतराल के लिए रोका या धीमा किया जा सकता है।

  • री-सर्फेसिंग और मेंटेनेंस वर्क: एक्सप्रेसवे पर कुछ चुनिंदा किलोमीटर स्ट्रेच में ब्लैक-टॉपिंग (डामरीकरण) और एक्सपेंशन जॉइंट्स की मरम्मत का काम चल रहा है, जिसके चलते 2-2 लेन को बैरिकेडिंग लगाकर संकरा कर दिया गया है।

  • अंडरपास और ड्रेनेज कनेक्टिविटी का काम: सेक्टर-96 और सेक्टर-142 के निकट चल रहे इंफ्रास्ट्रक्चर कार्यों के कारण मुख्य लेन से सर्विस लेन में जाने वाले वाहनों के कारण बॉटलनेक (सड़क का संकरा होना) की स्थिति बन रही है।

इन प्रमुख पॉइंट्स पर सबसे ज्यादा रहेगा ट्रैफिक का दबाव

ट्रैफिक पुलिस की एडवाइजरी के मुताबिक, निम्नलिखित स्थानों पर वाहनों की कतारें सबसे लंबी हो सकती हैं:

  1. चिल्ला रेगुलेटर और डीएनडी फ्लाईवे कट: दिल्ली से नोएडा में प्रवेश करने वाले दोनों मुख्य प्रवेश द्वारों पर वाहनों की धीमी गति।

  2. महामाया फ्लाईओवर से सेक्टर-37 लूप: कालिंदी कुंज और आश्रम की ओर से आने वाले ट्रैफिक का मिलन बिंदु।

  3. सेक्टर-128 और 132 (जेपी हॉस्पिटल कट): सर्विस रोड से मुख्य मार्ग पर मिलने वाले लोकल ट्रैफिक का दबाव।

  4. परी चौक (ग्रेटर नोएडा): एक्सप्रेसवे से सूरजपुर, कासना और यमुना एक्सप्रेसवे की ओर मुड़ने वाले जंक्शन पर भारी वाहनों का जमावड़ा।

ट्रैफिक पुलिस द्वारा सुझाए गए वैकल्पिक मार्ग (Alternative Routes)

दफ्तर जाने वाले और जरूरी काम से निकलने वाले यात्रियों को एक्सप्रेसवे के मुख्य मार्ग से बचने के लिए इन वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है:

  • डीएससी रोड (दादरी-सूरजपुर-छलेरा मार्ग): दिल्ली या सेक्टर-18 से ग्रेटर नोएडा की ओर जाने वाले यात्री बॉटनिकल गार्डन, गोल्फ कोर्स, बरौला और भंगेल होते हुए डीएससी रोड का उपयोग कर सकते हैं।

  • एमपी-2 और एमपी-3 एलिवेटेड रोड: मयूर विहार या अक्षरधाम की ओर से आने वाले लोग रजनीगंधा चौक से सीधे एलिवेटेड रोड पकड़कर सेक्टर-62 और सेक्टर-71 चौराहे होते हुए सीधे ग्रेटर नोएडा वेस्ट (नोएडा एक्सटेंशन) के रास्ते आगे बढ़ सकते हैं।

  • कालिंदी कुंज से ओखला बैराज डायवर्जन: दक्षिणी दिल्ली से आने वाले वाहन चालक कालिंदी कुंज बॉर्डर पर दबाव बढ़ने की स्थिति में सीधे आश्रम-डीएनडी लूप का रुख करें।

  • इंटरनल सेक्टर रूट्स: एक्सप्रेसवे के समानांतर चलने वाले सेक्टर-128, 135, 137 और 142 के आंतरिक सेक्टर मार्गों का इस्तेमाल कर जाम वाले बॉटलनेक पॉइंट्स को बायपास किया जा सकता है।

भारी और व्यावसायिक वाहनों के प्रवेश पर सीमित प्रतिबंध, हेल्पलाइन नंबर जारी

जाम को नियंत्रित करने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने दिन के समय आवश्यक सेवाओं (दूध, फल-सब्जी, एम्बुलेंस और पेट्रोलियम टैंकर) को छोड़कर मध्यम और भारी व्यावसायिक मालवाहक वाहनों (Medium & Heavy Commercial Vehicles) के एक्सप्रेसवे पर चलने पर आंशिक रोक लगाई है। ऐसे वाहनों को ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (EPE) की ओर डायवर्ट किया जा रहा है।

नोएडा पुलिस कमिश्नरेट ने आम जनता की सहायता के लिए ट्रैफिक हेल्पलाइन नंबर 9971009001 और सोशल मीडिया हैंडल (X: @noidatraffic) को 24 घंटे एक्टिव रहने का निर्देश दिया है। किसी भी आपातकालीन स्थिति में या रास्ते के सटीक हाल जानने के लिए नागरिक इस नंबर पर सीधे संपर्क कर सकते हैं।