पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की जयंती पर पीएम मोदी और रक्षा मंत्री समेत तमाम दिग्गजों ने दी श्रद्धांजलि

पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की जयंती पर पीएम मोदी और रक्षा मंत्री समेत तमाम दिग्गजों ने दी श्रद्धांजलि

भारत के पूर्व प्रधानमंत्री और देश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने वाले शीर्ष राजनेता डॉ. मनमोहन सिंह की जयंती के अवसर पर आज पूरा देश उन्हें आदरपूर्वक याद कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और देश के तमाम वरिष्ठ राजनीतिक दिग्गजों ने सोशल मीडिया और विभिन्न मंचों के माध्यम से पूर्व पीएम को जन्मदिन की बहुत-बहुत शुभकामनाएं दीं और उनके लंबे तथा स्वस्थ जीवन की कामना की। भारतीय राजनीति और अर्थशास्त्र के इतिहास में डॉ. मनमोहन सिंह का नाम एक ऐसे दूरदर्शी नेता के रूप में दर्ज है, जिन्होंने 1991 के आर्थिक संकट के दौर में देश के वित्त मंत्री के रूप में ऐतिहासिक आर्थिक सुधारों (Economic Reforms) की नींव रखी थी और भारतीय अर्थव्यवस्था को वैश्विक पटल पर एक नई पहचान दिलाई थी। पार्टीगत सीमाओं से ऊपर उठकर देश के तमाम शीर्ष नेताओं ने देश के प्रति उनकी दी गई अनमोल सेवाओं और उनके सादगीपूर्ण राजनीतिक जीवन की खुलकर सराहना की है।

देश की राजधानी नई दिल्ली से लेकर राजनीतिक गलियारों तक आज डॉ. मनमोहन सिंह के योगदान को लेकर विशेष चर्चाएं हो रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर पूर्व प्रधानमंत्री को जन्मदिन की बधाई देते हुए उनके अच्छे स्वास्थ्य और दीर्घायु होने की कामना की। इसी तरह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और अन्य वरिष्ठ केंद्रीय मंत्रियों ने भी उनके शांत स्वभाव, विद्वत्ता और देश के विकास में दिए गए उनके अमूल्य योगदान को याद किया। कांग्रेस पार्टी और अन्य विपक्षी दलों के नेताओं ने भी इस अवसर पर डॉ. सिंह को आधुनिक भारत का वह शिल्पकार बताया, जिन्होंने अपनी नीतियों से देश के मध्यम वर्ग और औद्योगिक क्षेत्र को एक नई मजबूती प्रदान की।

1991 के ऐतिहासिक आर्थिक सुधार और डॉ. मनमोहन सिंह की दूरदर्शिता

डॉ. मनमोहन सिंह के राजनीतिक और प्रशासनिक करियर का सबसे स्वर्णिम और ऐतिहासिक अध्याय साल 1991 में लिखा गया था, जब देश गंभीर विदेशी मुद्रा संकट और भुगतान संतुलन की भारी समस्या से जूझ रहा था। उस समय प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव की सरकार में वित्त मंत्री के रूप में कमान संभालते हुए डॉ. मनमोहन सिंह ने उदारीकरण, निजीकरण और वैश्वीकरण (LPG Reforms) की नीतियों का सूत्रपात किया था। उनके इन क्रांतिकारी फैसलों ने भारत के बंद दरवाजे वाले बाजारों को दुनिया के लिए खोल दिया, जिससे विदेशी निवेश के रास्ते साफ हुए और देश में अभूतपूर्व आर्थिक विकास की शुरुआत हुई। अर्थशास्त्री के रूप में उनकी साख और उनकी प्रशासनिक कुशलता ने देश को उस वित्तीय भंवर से बाहर निकाला, जिससे आज भी भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है।

देश सेवा को समर्पित एक सादगीपूर्ण और बेदाग राजनीतिक जीवन

वित्त मंत्री के रूप में अपनी अमिट छाप छोड़ने के बाद डॉ. मनमोहन सिंह ने साल 2004 से 2014 तक देश के 13वें प्रधानमंत्री के रूप में लगातार दो कार्यकाल तक देश का सफल नेतृत्व किया। उनके प्रधानमंत्री कार्यकाल के दौरान ही देश में सूचना का अधिकार (RTI) कानून, मनरेगा (MGNREGA) जैसी जनकल्याणकारी योजनाएं और भारत-अमेरिका परमाणु समझौता जैसी ऐतिहासिक रणनीतिक पहलें जमीन पर उतरीं। राजनीति में आने के बावजूद उन्होंने हमेशा अपनी अकादमिक शालीनता, बौद्धिक ईमानदारी और गहरी सादगी को बनाए रखा। सार्वजनिक जीवन में उनके बेदाग और स्वच्छ चरित्र ने उन्हें विपक्ष के बीच भी एक आदरणीय स्थान दिलाया। आज उनकी जयंती के अवसर पर देश का हर नागरिक उनके योगदान को नमन कर रहा है और भारतीय लोकतंत्र तथा अर्थव्यवस्था को सींचने में उनके द्वारा दिए गए बलिदान व समर्पण को याद कर रहा है।