सड़क किनारे खड़ी धुमाल मंडली की गाड़ी को तेज रफ्तार ट्रक ने 50 मीटर तक घसीटा
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले से सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को झकझोर देने वाली एक बेहद दर्दनाक और वीभत्स खबर सामने आ रही है। नेशनल हाईवे-30 पर स्थित मरकटोला घाट के पास एक भीषण सड़क हादसे में छह लोगों की मौके पर ही और इलाज के दौरान दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 11 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, कवर्धा जिले से एक धुमाल संगीत मंडली के कलाकार मिनी मालवाहक (पिकअप) वाहन में सवार होकर जगदलपुर की तरफ जा रहे थे। सफर के दौरान अचानक मरकटोला घाट के पास उनकी गाड़ी तकनीकी खराबी के कारण बंद हो गई, जिसके बाद ड्राइवर ने वाहन को सड़क के किनारे साइड में खड़ा कर दिया। मंडली के कुछ सदस्य गाड़ी से उतरकर आसपास मैकेनिक की तलाश करने चले गए थे और बाकी लोग वाहन के अंदर व आसपास मौजूद थे। इसी दौरान बारिश और खराब मौसम के बीच रायपुर की तरफ से आ रहे एक बेकाबू 16 पहियों वाले भारी-भरकम ट्रक ने सड़क किनारे खड़ी उस मिनी मालवाहक को पीछे से इतनी जोरदार टक्कर मारी कि देखने वालों की रूह कांप उठी। टक्कर इतनी भयंकर थी कि ट्रक वाहन को करीब 50 मीटर से अधिक दूरी तक घसीटता हुआ ले गया और अंत में गाड़ी पलट गई। इस अप्रत्याशित और भीषण हादसे के बाद चारों तरफ चीख-पुकार मच गई और पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।
इस दुर्घटना के बाद राहत और बचाव कार्य में आई शुरुआती बाधाओं ने स्थिति को और अधिक गंभीर बना दिया। जिस ट्रक ने टक्कर मारी थी, वह गेहूं की बोरियों से लदा हुआ था और टक्कर के बाद वाहन के पलटने से धुमाल मंडली के लोग गेहूं की भारी बोरियों और मलबे के नीचे बुरी तरह दब गए। बारिश के माहौल के बीच स्थानीय ग्रामीणों और आसपास के लोगों ने फौरन मानवीय दृष्टिकोण दिखाते हुए मदद का हाथ बढ़ाया। सूचना मिलते ही पुरूर थाना सहित दो थानों की पुलिस टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं। पुलिस और स्थानीय लोगों ने मिलकर कड़ी मशक्कत के बाद गेहूं की बोरियों और गाड़ी के मलबे को हटाया तथा अंदर दबे हुए लोगों को बाहर निकाला। घायलों को तुरंत एंबुलेंस के जरिए नजदीकी धमतरी जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने गंभीर हालत को देखते हुए कई लोगों को रायपुर रेफर कर दिया। इस दर्दनाक हादसे के बाद से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है और मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। आइए विस्तार से जानते हैं कि इस भीषण सड़क हादसे की पृष्ठभूमि क्या है, घायलों की वर्तमान स्थिति कैसी है और प्रशासन की तरफ से क्या कदम उठाए गए हैं।
कैसे हुआ यह खौफनाक हादसा और क्या थी इसके पीछे की परिस्थितियां?
घटनास्थल मरकटोला घाट का यह इलाका अपनी भौगोलिक बनावट के कारण पहले से ही दुर्घटनाओं के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है। धुमाल मंडली की गाड़ी जब अचानक खराब हुई, तो उन्होंने उसे सड़क की पटरी पर रोकने की कोशिश की थी, लेकिन पीछे से आ रहे तेज रफ्तार भारी वाहन के चालक को शायद कम विजिबिलिटी या लापरवाही के चलते खड़ी गाड़ी समय पर दिखाई नहीं दी। 16 पहियों वाले इस विशालकाय ट्रक ने जब पिकअप को टक्कर मारी, तो वह संभल नहीं पाया और उसे पचास मीटर तक रौंदते हुए आगे निकल गया। गाड़ी में सवार कलाकारों को संभलने का एक सेकंड का भी मौका नहीं मिला। इस दुर्घटना में जान गंवाने वाले सभी लोग कवर्धा जिले के विभिन्न गांवों के रहने वाले बताए जा रहे हैं जो अपने संगीत कला के पेशे के सिलसिले में बाहर जा रहे थे।
प्रशासन की त्वरित कार्रवाई और घायलों का चल रहा है विशेष इलाज
हादसे की सूचना मिलते ही राज्य के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस पर गहरा शोक व्यक्त किया है और शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं प्रकट की हैं। प्रशासन को यह निर्देश दिए गए हैं कि सभी घायलों का इलाज पूरी तरह से मुफ्त और सर्वोत्तम चिकित्सीय देखरेख में किया जाए। कुल 11 घायलों में से 7 की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है, जिन्हें रायपुर के बड़े अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। वहीं दूसरी ओर, दुर्घटना को अंजाम देने के बाद ट्रक चालक मौके से फरार होने में कामयाब हो गया। पुलिस ने फरार चालक की तलाश के लिए आसपास के टोल प्लाजा और रास्तों के सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं तथा मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। यह हादसा एक बार फिर से इस बात की याद दिलाता है कि हाईवे पर वाहन खराब होने की स्थिति में कितनी अधिक सावधानी बरतने और रिफ्लेक्टर्स या इंडिकेटर्स का इस्तेमाल करने की जरूरत होती है।