उत्तर भारत से मानसून की विदाई, लेकिन इन राज्यों में आफत! 4 से 6 अक्टूबर तक भारी बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट

उत्तर भारत से मानसून की विदाई, लेकिन इन राज्यों में आफत! 4 से 6 अक्टूबर तक भारी बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट

देश भर में मौसमी गतिविधियों में बड़ा फेरबदल दर्ज किया जा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के अधिकांश हिस्सों से औपचारिक रूप से विदा हो चुका है। राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के वायुमंडल में अब शुष्क उत्तर-पश्चिमी हवाएं स्थापित हो चुकी हैं। हालांकि, मानसून की इस वापसी के बीच देश के पूर्वी, पूर्वोत्तर और दक्षिणी प्रायद्वीपीय राज्यों में मौसम का मिजाज अचानक बदल गया है। बंगाल की खाड़ी और अरब सागर के ऊपर सक्रिय मौसमी प्रणालियों (Weather Systems) के चलते मौसम वैज्ञानिकों ने 4 से 6 अक्टूबर के दौरान कई राज्यों में तेज हवाओं, गरज-चमक और भारी से बहुत भारी बारिश का नया अलर्ट जारी किया है।

पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश का खतरा: असम, मेघालय और त्रिपुरा में चेतावनी

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाओं का सबसे ज्यादा असर देखने को मिल रहा है। अगले 72 घंटों के दौरान इन राज्यों में मौसम बेहद चुनौतीपूर्ण रह सकता है:

  • असम और मेघालय: इन दोनों राज्यों के कई पर्वतीय और मैदानी इलाकों में 4 से 6 अक्टूबर के बीच मूसलाधार बारिश की आशंका है। मौसम विभाग ने यहां आकाशीय बिजली चमकने और अचानक जलभराव को लेकर चेतावनी जारी की है।

  • अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर और त्रिपुरा: पहाड़ी ढलानों पर लगातार हो रही नमी के जमावड़े के कारण भूस्खलन (Landslides) और नदी-नालों में उफान की संभावना जताई गई है। पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को संवेदनशील रास्तों पर आवाजाही के दौरान सावधानी बरतने को कहा गया है।

  • उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम: तीस्ता और जलढाका जैसी नदियों के जलग्रहण क्षेत्रों में मध्यम से तेज बारिश के कारण जलस्तर बढ़ने का खतरा है।

दक्षिण भारत में सक्रिय ट्रफ लाइन: केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक में अलर्ट

दक्षिणी प्रायद्वीप में चक्रवाती परिसंचरण और तटीय ट्रफ के चलते मौसमी हलचल तेज हो गई है। 4 से 6 अक्टूबर तक दक्षिणी राज्यों में व्यापक रूप से बारिश का पूर्वानुमान है:

  • केरल और माहे: पश्चिमी घाट से सटे जिलों में तेज गर्जना के साथ भारी वर्षा का येलो व ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

  • तटीय और दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक: बेंगलुरु, मैसूरु समेत तटीय जिलों जैसे दक्षिण कन्नड़ और उडुपी में रुक-रुक कर तेज बौछारें पड़ने की संभावना है।

  • तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल: कई अंदरूनी और तटीय इलाकों में शाम के वक्त बादलों की तेज गड़गड़ाहट और बिजली गिरने (Thunderstorm Activity) के साथ हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती है।

उत्तर और मध्य भारत में खिली धूप, रात के तापमान में गिरावट का दौर शुरू

एक तरफ जहां देश के कुछ हिस्से भारी बारिश का सामना कर रहे हैं, वहीं उत्तर और पश्चिमी राज्यों में मौसम पूरी तरह साफ और शुष्क हो चुका है:

  • दिल्ली, यूपी और बिहार: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों में आसमान साफ रहेगा और तेज धूप निकलेगी। दिन का अधिकतम तापमान 33 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहेगा।

  • गुलाबी ठंड की आहट: मानसून की विदाई के बाद हवा में नमी का स्तर घट गया है। इसके चलते राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में रात के न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे सुबह-शाम हल्की गुलाबी ठंड का अहसास शुरू हो गया है।

  • मध्य प्रदेश और गुजरात: इन राज्यों से भी मानसूनी बादल पूरी तरह छंट चुके हैं और आगामी दिनों में कोई सक्रिय बारिश का अलर्ट नहीं है।

किसानों और यात्रियों के लिए मौसम विभाग की अहम सलाह

मौसम विभाग ने जिन राज्यों में 4 से 6 अक्टूबर तक भारी बारिश का अलर्ट दिया है, वहां के किसानों को विशेष सावधानी बरतने को कहा है:

  1. फसल कटाई और भंडारण: खरीफ फसलों (धान, तिलहन) की कटाई कर चुके किसान कटी हुई उपज को खुले खेतों में छोड़ने के बजाय सुरक्षित व सूखे स्थानों पर रखें ताकि नमी से फसल खराब न हो।

  2. आकाशीय बिजली से बचाव: बारिश और बादलों की तेज गड़गड़ाहट के समय खेतों में काम करने वाले किसान और आम लोग खुले मैदानों, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे शरण लेने से बचें।

  3. सड़क सुरक्षा: पर्वतीय क्षेत्रों में वाहन चलाने वाले लोग फिसलन और लैंडस्लाइड की आशंका को देखते हुए रात के समय लंबी यात्राओं से परहेज करें।