Monsoon Fury: देश के 19 राज्यों में घने बादलों ने डाला डेरा! आज भारी बारिश और आंधी का IMD अलर्ट, खिसक सकते हैं पहाड़; पर्यटकों के लिए सख्त एडवाइजरी जारी
देश भर में विदाई की ओर बढ़ रहे मानसून ने एक बार फिर अपना आक्रामक और तूफानी रुख अख्तियार कर लिया है। बंगाल की खाड़ी से लगातार उठ रही नम पूर्वी हवाओं और दक्षिणी उत्तर प्रदेश व मध्य भारत के ऊपर बने सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) के चलते देश के एक बड़े हिस्से पर घने काले बादलों ने डेरा डाल रखा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने ताजा मौसम बुलेटिन में देश के 19 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश, तेज आंधी और आकाशीय बिजली को लेकर अलर्ट जारी किया है।
विशेष रूप से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र यानी उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी इलाकों में मूसलाधार बारिश के चलते चट्टानें दरकने और भूस्खलन (Landslides) का भारी संकट खड़ा हो गया है। पहाड़ी रास्तों पर खतरे को भांपते हुए आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों और स्थानीय प्रशासन ने देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों और तीर्थयात्रियों के लिए विशेष सुरक्षा एडवाइजरी जारी कर दी है।
19 राज्यों में मानसूनी आफत: कहां-कहां भारी बारिश की चेतावनी?
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिम से लेकर पूर्वी, मध्य और पूर्वोत्तर भारत तक मानसूनी ट्रफ पूरी तरह सक्रिय है। इन 19 राज्यों में अगले 24 से 48 घंटे मौसमी गतिविधियों के लिहाज से बेहद संवेदनशील रहेंगे:
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उत्तर और मध्य भारत: दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और छत्तीसगढ़।
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पहाड़ी राज्य: उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर।
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पूर्वी और तटीय भारत: पश्चिम बंगाल, ओडिशा और झारखंड।
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पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत: असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, त्रिपुरा और तमिलनाडु।
मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि इस दौरान मैदानी और तटीय इलाकों में 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंके वाली हवाएं चल सकती हैं, जिससे कच्चे मकानों, पेड़ों और बिजली के खंभों को नुकसान पहुंच सकता है।
दिल्ली-एनसीआर और यूपी-बिहार: जलभराव और आकाशीय बिजली का साया
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दिल्ली-एनसीआर: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में सुबह से ही आसमान में बादलों की आवाजाही जारी है। दोपहर और शाम के समय तेज गरज-चमक के साथ कई दौर की बौछारें पड़ने की संभावना है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव और ट्रैफिक जाम की स्थिति बन सकती है।
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उत्तर प्रदेश: राज्य के 20 से अधिक जिलों में मध्यम से मूसलाधार बारिश का अनुमान है। दक्षिणी यूपी और तराई वाले जिलों में नदी-नाले उफान पर हैं। किसानों को खुले खेतों में जाने से बचने की सलाह दी गई है।
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बिहार और झारखंड: पटना, गया, भागलपुर और रांची-जमशेदपुर समेत आसपास के इलाकों में मेघगर्जन और वज्रपात (ठनका) को लेकर यलो व ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
पहाड़ों पर खिसक रही हैं चट्टानें: सड़कें बंद, नदियां उफान पर
पहाड़ी राज्यों में हालात सबसे ज्यादा नाजुक बने हुए हैं:
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उत्तराखंड: देहरादून, नैनीताल, चमोली, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ में मूसलाधार बारिश के चलते चारधाम यात्रा मार्गों पर लगातार बोल्डर और मलबा गिर रहा है। कई प्रमुख संपर्क मार्ग बंद होने से वाहनों की लंबी कतारें लग रही हैं।
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हिमाचल प्रदेश: कांगड़ा, मंडी, सिरमौर, शिमला और कुल्लू में भारी बारिश के कारण दर्जनों संपर्क सड़कें और कई राष्ट्रीय राजमार्ग बाधित हुए हैं। ब्यास, सतलुज और उनकी सहायक खड्डों का जलस्तर खतरे के निशान के करीब बह रहा है।
पर्यटकों और यात्रियों के लिए सख्त एडवाइजरी
पहाड़ों में लगातार हो रहे भूस्खलन और जलभराव को देखते हुए प्रशासन ने पर्यटकों के लिए विस्तृत गाइडलाइन जारी की है:
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अनावश्यक पहाड़ी सफर से बचें: जब तक मौसम साफ न हो या बहुत जरूरी काम न हो, तब तक ऊंचाई वाले संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों और घाटियों की यात्रा टालने की सलाह दी गई है।
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नदी-नालों और झरनों के पास न जाएं: सेल्फी लेने या नहाने के चक्कर में उफनते प्राकृतिक नालों, नदियों और झरनों के किनारे जाने पर सख्त प्रतिबंध लगाया गया है। अचानक जलस्तर बढ़ने (Flash Flood) का खतरा रहता है।
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रात के समय सफर करने से परहेज: अंधेरे में पहाड़ों से गिरते पत्थरों और मलबे का अंदाजा नहीं लग पाता, इसलिए रात के वक्त पहाड़ी ढलानों और संकरे मोड़ों पर वाहन चलाने से बचें।
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मौसम और ट्रैफिक अपडेट लेकर ही निकलें: किसी भी मार्ग पर निकलने से पहले राज्य आपदा नियंत्रण कक्ष (SDRF), स्थानीय पुलिस हेल्पलाइन और मौसम विभाग के लाइव बुलेटिन की पुष्टि अवश्य करें।
आपदा प्रबंधन टीमों और एनडीआरएफ (NDRF) को संवेदनशील जिलों में हाई अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके।