दिल्ली के प्राइवेट स्कूलों में फ्री सीट पर एडमिशन का सुनहरा मौका: कक्षा 2 से 9वीं तक EWS सीटों पर आवेदन शुरू; 20 सितंबर से पहले निपटा लें ये जरूरी काम

दिल्ली के प्राइवेट स्कूलों में फ्री सीट पर एडमिशन का सुनहरा मौका: कक्षा 2 से 9वीं तक EWS सीटों पर आवेदन शुरू; 20 सितंबर से पहले निपटा लें ये जरूरी काम

यदि आप दिल्ली के नामी और मान्यता प्राप्त प्राइवेट स्कूलों में अपने बच्चे को निशुल्क पढ़ाना चाहते हैं, तो आपके पास एक शानदार मौका है। दिल्ली शिक्षा निदेशालय (Directorate of Education - DoE) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए राजधानी के निजी गैर-सहायता प्राप्त मान्यता प्राप्त स्कूलों में कक्षा 2 से लेकर 9वीं तक की रिक्त EWS (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) और DG (वंचित समूह/Freeship) सीटों पर दाखिले का आधिकारिक कार्यक्रम जारी कर दिया है।

प्रवेश स्तर (Nursery, KG, Class 1) से ऊपर की कक्षाओं में खाली पड़ी सीटों को भरने के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 8 सितंबर से शुरू हो चुकी है। इच्छुक अभिभावकों को 20 सितंबर 2026 तक शिक्षा निदेशालय के आधिकारिक पोर्टल edudel.nic.in पर जाकर ऑनलाइन फॉर्म भरना होगा। इसके बाद 24 सितंबर को कंप्यूटरीकृत लकी ड्रॉ (Computerised Draw of Lots) के जरिए सीटों का आवंटन किया जाएगा।

20 सितंबर से पहले हर हाल में कर लें ये काम: पात्रता और दस्तावेज

इस पारदर्शी और लॉटरी आधारित दाखिला प्रक्रिया में भाग लेने के लिए कुछ सख्त दिशा-निर्देश तय किए गए हैं, जिन्हें आवेदन से पहले पूरा करना अनिवार्य है:

  • ₹5 लाख से कम आय सीमा: EWS श्रेणी के तहत आवेदन करने वाले परिवार की सभी स्रोतों से कुल वार्षिक आय ₹5 लाख से कम होनी चाहिए।

  • 20 सितंबर से पहले का आय प्रमाण पत्र: आवेदक के पास दिल्ली सरकार के राजस्व विभाग (Revenue Department) द्वारा जारी वैध आय प्रमाण पत्र होना जरूरी है। खास बात यह है कि यह प्रमाण पत्र 20 सितंबर से पहले का जारी होना चाहिए; केवल आवेदन की रसीद मान्य नहीं होगी।

  • राशन कार्ड विकल्प: जिन परिवारों के पास दिल्ली सरकार द्वारा जारी बीपीएल (BPL), अंत्योदय अन्न योजना (AAY) या फूड सिक्योरिटी राशन कार्ड है, वे भी इस कोटे में सीधे पात्र माने जाएंगे।

  • दिल्ली का स्थायी निवास: आवेदक अनिवार्य रूप से दिल्ली का निवासी होना चाहिए। पते के प्रमाण के रूप में राशन कार्ड, वोटर आईडी, बिजली बिल या आधार कार्ड मान्य होगा।

उम्र सीमा का कड़ा नियम (31 मार्च 2026 के आधार पर)

शिक्षा निदेशालय के सर्कुलर के अनुसार, बच्चे की उम्र की गणना 31 मार्च 2026 को आधार मानकर की जाएगी:

  • कक्षा 2 के लिए: उम्र 6 वर्ष या उससे अधिक लेकिन 7 वर्ष से कम होनी चाहिए।

  • कक्षा 3 के लिए: 7 वर्ष या उससे अधिक लेकिन 8 वर्ष से कम।

  • कक्षा 9 के लिए: 13 वर्ष या उससे अधिक लेकिन 14 वर्ष से कम होनी चाहिए।

भूलकर भी न करें ये गलतियां, वरना रद्द हो जाएगा एडमिशन

शिक्षा निदेशालय ने दाखिला प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सख्त दिशानिर्देश दिए हैं:

  • एक मोबाइल नंबर, एक फॉर्म: एक मोबाइल नंबर से केवल एक ही बच्चे का पंजीकरण हो सकेगा। एक बच्चे के नाम पर डुप्लीकेट या एक से अधिक आवेदन पाए जाने पर लॉटरी निकलने के बाद भी उम्मीदवारी पूरी तरह रद्द कर दी जाएगी।

  • गलत पते पर तुरंत निरस्तीकरण: मनपसंद स्कूल पाने के लिए फॉर्म में फर्जी या किराए का गलत आवासीय पता न भरें। ऑनलाइन भरे गए पते और भौतिक सत्यापन (Physical Verification) में अंतर मिलने पर सीट आवंटन फौरन रद्द कर दिया जाएगा।

  • अल्पसंख्यक स्कूलों में लागू नहीं: यह प्रक्रिया अल्पसंख्यक (Minority) निजी स्कूलों पर लागू नहीं होती।

  • स्कूल बदलने की अनुमति नहीं: कंप्यूटरीकृत लॉटरी के जरिए जो स्कूल आवंटित कर दिया जाएगा, उसे बाद में किसी भी परिस्थिति में बदला नहीं जा सकेगा।

डोनेशन या फीस मांगने पर स्कूल पर होगी 10 गुना पेनल्टी

शिक्षा निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि ईडब्ल्यूएस/डीजी कोटे के तहत चयनित बच्चों से कोई भी निजी स्कूल एडमिशन फीस, ट्यूशन फीस, कैपिटेशन फीस या किसी भी तरह का डोनेशन नहीं मांग सकता। यदि कोई स्कूल नियमों का उल्लंघन करते हुए किसी भी प्रकार के शुल्क की मांग करता है, तो उस पर कैपिटेशन फीस की 10 गुना तक पेनल्टी (जुर्माना) लगाई जाएगी और उसकी मान्यता रद्द करने की कार्रवाई की जा सकती है। लॉटरी निकलने के बाद DoE की 29 जोनल टीमें चयनित बच्चों के दस्तावेजों की गहन जांच करेंगी।