मुंबई में 'कैट सीरियल किलर' का खौफ: 20 बेजुबान बिल्लियों का बेरहमी से कत्ल; सोसाइटियों में मिलीं क्षत-विक्षत लाशें, CCTV खंगालने में जुटी पुलिस

मुंबई में 'कैट सीरियल किलर' का खौफ: 20 बेजुबान बिल्लियों का बेरहमी से कत्ल; सोसाइटियों में मिलीं क्षत-विक्षत लाशें, CCTV खंगालने में जुटी पुलिस

देश की आर्थिक राजधानी मुंबई से इंसानियत को झकझोर देने वाला एक बेहद खौफनाक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। शहर की एक प्रमुख हाउसिंग सोसाइटी और आसपास के खुले परिसरों में पिछले कुछ ही दिनों के भीतर 20 से अधिक बेजुबान आवारा और पालतू बिल्लियों की संदिग्ध व क्रूर तरीके से हत्या कर दी गई है। लगातार मिल रहे बिल्लियों के क्षत-विक्षत शवों ने स्थानीय निवासियों, एनिमल फीडर्स और पशु कल्याण कार्यकर्ताओं के होश उड़ा दिए हैं। इलाके में दहशत का माहौल इस कदर है कि लोग इसे किसी मानसिक रूप से विक्षिप्त 'कैट सीरियल किलर' (Cat Serial Killer) की घिनौनी करतूत मान रहे हैं, जो योजनाबद्ध तरीके से रात के अंधेरे में बेजुबानों को अपना शिकार बना रहा है।

झाड़ियों और पार्किंग में मिले क्षत-विक्षत शव: पोस्टमार्टम में खुले दर्दनाक राज

घटना का खुलासा तब हुआ जब स्थानीय सोसाइटी में रोज स्ट्रीट कैट्स को खाना खिलाने वाले एनिमल लवर्स ने पाया कि कई बिल्लियां अचानक गायब हो गई हैं। खोजबीन के दौरान सोसाइटी के पिछले हिस्से, झाड़ियों, डक्ट एरिया और सुनसान पार्किंग लॉट से बिल्लियों के शव बरामद होने लगे।

स्थानीय पशु प्रेमियों और एनजीओ कार्यकर्ताओं के अनुसार, मौतों का तरीका बेहद अमानवीय और सुनियोजित है:

  • कई बिल्लियों के शरीर पर नुकीले हथियारों के गहरे घाव, टूटी हुई हड्डियां और सिर कुचले जाने के निशान पाए गए हैं।

  • प्राथमिक चिकित्सकीय जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्टों में इस बात की आशंका भी जताई गई है कि कुछ बिल्लियों को खाने में धीमा जहर (Poisoning) देकर मारा गया है, जबकि कुछ के साथ भारी क्रूरता की गई है।

  • लगातार एक के बाद एक मिल रही लाशों को देखकर यह स्पष्ट है कि यह किसी दुर्घटना या कुत्तों के हमले का मामला नहीं है, बल्कि किसी व्यक्ति द्वारा जानबूझकर किया गया नरसंहार है।

पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज: पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई

मामले की गंभीरता और स्थानीय निवासियों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए पशु अधिकार कार्यकर्ताओं ने पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है।

  • स्थानीय पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 (Prevention of Cruelty to Animals Act) की धारा 11 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है।

  • पुलिस अधिकारियों ने मामले की जांच के लिए विशेष टीम का गठन किया है।

  • सोसाइटी परिसर, मुख्य गेट और आसपास की सड़कों पर लगे सभी सीसीटीवी कैमरों (CCTV Footage) की रात के समय की रिकॉर्डिंग खंगाली जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कौन सा संदिग्ध व्यक्ति देर रात बिल्लियों को बहला-फुसलाकर ले जाता या संदिग्ध पैकेट फेंकता हुआ दिखाई दे रहा है।

मनोवैज्ञानिक चेतावनी: बेजुबानों पर हिंसा बड़े अपराध की शुरुआती सीढ़ी

इस घटना ने न केवल पशु प्रेमियों बल्कि अपराध विज्ञान (Criminology) के जानकारों की भी चिंता बढ़ा दी है। फोरेंसिक साइकोलॉजिस्ट्स का मानना है कि जानवरों के प्रति अत्यधिक क्रूरता दिखाने वाले लोग अक्सर गंभीर मानसिक विकार (Psychopathy) से ग्रस्त होते हैं। दुनिया भर के कई कुख्यात सीरियल किलर शुरुआत में बेजुबान बिल्लियों और कुत्तों को टॉर्चर करके ही अपनी हिंसक प्रवृत्तियों की शुरुआत करते हैं। यदि ऐसे विकृत मानसिकता वाले व्यक्ति को समय रहते नहीं पकड़ा गया, तो वह आगे चलकर समाज में इंसानों और बच्चों के लिए भी एक बड़ा जानलेवा खतरा बन सकता है।

सोसाइटियों में एडवाइजरी: अलर्ट पर रहे पेट लवर्स

घटना के बाद स्थानीय रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) और एनिमल एक्टिविस्ट्स ने इलाके में सख्त एडवाइजरी जारी की है:

  • सभी पालतू बिल्ली मालिकों को निर्देश दिया गया है कि वे जब तक आरोपी पकड़ा नहीं जाता, अपने पालतू जानवरों को घर के अंदर ही सुरक्षित रखें और अकेले बाहर न घूमने दें।

  • कम्युनिटी फीडर्स से कहा गया है कि वे केवल अपनी देखरेख में सुरक्षित स्थानों पर ही बिल्लियों को खाना दें और किसी भी अनजान खाने की चीज या संदिग्ध डिब्बे को तुरंत हटा दें।

  • यदि किसी भी व्यक्ति को रात के समय सोसाइटी या गलियों में बिल्लियों के साथ छेड़छाड़ या संदिग्ध हरकत करते देखा जाए, तो तुरंत स्थानीय पुलिस और सिक्योरिटी गार्ड्स को सूचित करने की अपील की गई है।