छोटे शहरों की उड़ान होगी अब और आसान: एयरलाइन Fly91 ने दिए 40 नए ATR-72 विमानों के बड़े ऑर्डर

छोटे शहरों की उड़ान होगी अब और आसान: एयरलाइन Fly91 ने दिए 40 नए ATR-72 विमानों के बड़े ऑर्डर

भारतीय विमानन और एविएशन सेक्टर से देश के आम नागरिकों और यात्रा प्रेमियों के लिए एक बेहद उत्साहजनक और बड़ी खबर सामने आ रही है। भारत के क्षेत्रीय हवाई यातायात को नई ऊंचाइयां देने और देश के दूर-दराज के उन छोटे शहरों तक हवाई यात्रा को सुलभ बनाने के लिए, जिन्हें अब तक बड़े महानगरों से सीधी हवाई कनेक्टिविटी का लाभ नहीं मिल पाया था, क्षेत्रीय एयरलाइन कंपनी 'Fly91' ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। एयरलाइन ने देश के टियर-2 और टियर-3 शहरों के बीच यात्रियों को किफायती, सुरक्षित और तेज सफर का विकल्प देने के लिए कुल 40 नए ATR 72-600 टर्बोप्रॉप विमान खरीदने का पक्का और आधिकारिक ऑर्डर दे दिया है। एविएशन बाजार के वरिष्ठ जानकारों और विशेषज्ञों का यह मानना है कि हाल के कुछ वर्षों में क्षेत्रीय विमानन श्रेणी (Regional Aviation Category) के तहत दिया गया यह अब तक का सबसे बड़ा और व्यापक फ्लीट विस्तार ऑर्डर है, जो आने वाले समय में भारतीय एयरलाइंस बाजार की तस्वीर पूरी तरह से बदलकर रख देगा।

कैटलॉग या आधिकारिक लिस्ट प्राइस के मानकों के अनुसार यदि इस विशालकाय सौदे का हिसाब लगाया जाए, तो इन 40 अत्याधुनिक विमानों की कुल कीमत लगभग 8,300 करोड़ रुपये (यानी करीब 1 अरब अमेरिकी डॉलर) से भी ज्यादा बैठती है। हालांकि, व्यावसायिक विमानन समझौतों के नियमों के तहत इतने बड़े आकार के ऑर्डर्स पर विमान निर्माता कंपनियों की तरफ से एयरलाइंस को भारी-भरकम छूट और विशेष रियायतें भी प्रदान की जाती हैं। इसके बावजूद, यह सौदा भारतीय क्षेत्रीय विमानन क्षेत्र में किसी भी निजी एयरलाइन द्वारा किया गया सबसे बड़ा निवेश माना जा रहा है। कंपनी का मुख्य उद्देश्य भारत सरकार की महत्वाकांक्षी 'उड़ान' (UDAN - Ude Desh ka Aam Nagrik) योजना के विजन को जमीन पर उतारना है, जिसके तहत देश के आम आदमी को बहुत ही कम किराए में हवाई जहाज से सफर करने का सपना पूरा कराया जा रहा है। Fly91 के इस कदम से देश के छोटे शहरों के विकास को एक नई रफ्तार मिलने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है।

वित्तीय मजबूती और निवेशकों के जरिए 250 करोड़ रुपये जुटाने की बड़ी तैयारी

इतने बड़े और महत्वाकांक्षी विस्तार प्रोजेक्ट को सफलतापूर्वक धरातल पर उतारने के लिए और विमानों के अधिग्रहण की प्रक्रिया को गति देने के लिए Fly91 ने अपनी वित्तीय तैयारियों को भी मजबूत करना शुरू कर दिया है। कंपनी से जुड़े सूत्रों के अनुसार, एयरलाइन अपने मौजूदा और नए निवेशकों के साथ मिलकर लगभग 250 करोड़ रुपये की नई पूंजी जुटाने की प्रक्रिया में पूरी तेजी से जुटी हुई है। विमानन क्षेत्र में शुरुआती चरण की कंपनियों के लिए इतने बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित करना इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि निवेशकों को भारत के क्षेत्रीय एविएशन बाजार की ग्रोथ और Fly91 के बिजनेस मॉडल पर पूरा भरोसा है। जुटाए गए इस फंड का उपयोग न केवल नए विमानों के फ्लीट को जोड़ने में किया जाएगा, बल्कि देश के विभिन्न हिस्सों में नए रूट्स की शुरुआत, ग्राउंड स्टाफ की ट्रेनिंग और यात्रियों के लिए आधुनिक सुविधाओं के विकास पर भी खर्च किया जाएगा।

कंपनी का यह वित्तीय प्रबंधन इस बात को सुनिश्चित करता है कि परिचालन के दौरान किसी भी तरह की नकदी संकट (Cash Flow Issues) का सामना न करना पड़े। देश के विमानन बाजार में इंडिगो और एयर इंडिया जैसी दिग्गज एयरलाइंस के प्रभुत्व के बीच Fly91 ने क्षेत्रीय मार्गों पर अपना एक अलग और मजबूत मुकाम बनाना शुरू कर दिया है। निवेशकों का यह समर्थन इस बात को साबित करता है कि भारत के छोटे शहरों में हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या में भारी इजाफा हो रहा है और बाजार में इसकी मांग लगातार बढ़ रही है। कंपनी के उच्च प्रबंधन का मानना है कि जैसे-जैसे देश की अर्थव्यवस्था आगे बढ़ रही है और मध्यम वर्ग के लोगों की आय बढ़ रही है, वैसे-वैसे लोग लंबी दूरी की ट्रेनों के बजाय समय बचाने के लिए हवाई यात्रा को प्राथमिकता दे रहे हैं। इसी बढ़ती हुई मांग को पूरा करने के लिए कंपनी अपनी ऑपरेशनल क्षमताओं को कई गुना बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही है।

वर्तमान फ्लीट का आकार होगा दोगुना, सिंधुदुर्ग और जलगांव जैसे शहरों को मिलेगा बड़ा फायदा

इस नए और विशाल ऑर्डर की सबसे बड़ी और खास बात यह है कि इन 40 नए विमानों के बेड़े में शामिल होने के बाद Fly91 के पास कुल संचालित विमानों की संख्या मौजूदा फ्लीट के आकार से दोगुनी से भी ज्यादा हो जाएगी। वर्तमान समय में यह क्षेत्रीय एयरलाइन छोटे और चुनिंदा विमानों के अपने बेड़े के माध्यम से मुख्य रूप से देश के टियर-2 और टियर-3 शहरों को आपस में जोड़ने का काम कर रही है। कंपनी वर्तमान में सरकार की क्षेत्रीय संपर्क योजना के अंतर्गत महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग और जलगांव जैसे खूबसूरत लेकिन कम हवाई कनेक्टिविटी वाले शहरों के बीच अपनी नियमित उड़ान सेवाएं दे रही है। इन रूट्स पर यात्रियों से मिल रहे शानदार रिस्पॉन्स और भारी डिमांड को देखते ही एयरलाइन प्रबंधन ने अपने पंख और फैलाने का फैसला किया है।

जब ये 40 नए ATR 72-600 विमान एक-एक करके कंपनी के बेड़े में जुड़ेंगे, तो देश के दूर-दराज के इलाकों, धार्मिक स्थलों और व्यापारिक केंद्रों के बीच कनेक्टिविटी का दायरा अभूतपूर्व रूप से मजबूत हो जाएगा। कई ऐसे छोटे शहर जो अभी तक केवल सड़क या रेल मार्ग के भरोसे थे और जहां पहुंचने में 12 से 24 घंटे का समय लग जाता था, वे अब हवाई मार्ग से मात्र एक से दो घंटे की दूरी पर आ जाएंगे। इससे न केवल स्थानीय पर्यटन (Tourism) को जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा, बल्कि व्यापारिक गतिविधियों, रोजगार के नए अवसरों और मेडिकल इमरजेंसी के दौरान मरीजों को बड़े अस्पतालों तक पहुंचाने में भी बहुत बड़ी मदद मिलेगी। Fly91 का यह रणनीतिक विस्तार भारत के उस सपने को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है जिसमें देश का हर नागरिक सस्ते में हवाई सफर का आनंद ले सके।

साल 2027 के अंत से शुरू होगी विमानों की डिलीवरी, 2032 तक पूरा होगा पूरा बेड़ा

इस बड़े ऑर्डर को लेकर एयरलाइन की समय-सीमा (Timeline) भी पूरी तरह से स्पष्ट कर दी गई है। Fly91 के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) मनोज चाको ने प्रमुख समाचार एजेंसी पीटीआई (PTI) के साथ एक विशेष बातचीत में खुलासा करते हुए बताया कि इन 40 नए अत्याधुनिक विमानों की डिलीवरी का सिलसिला साल 2027 के आखिर से मिलना शुरू हो जाएगा। कंपनी का यह लक्ष्य है कि वह चरणबद्ध तरीके से डिलीवरी लेते हुए साल 2032 तक सभी 40 विमानों को अपने बेड़े में पूरी तरह से शामिल कर ले। इतने लंबे समय तक चलने वाले इस चरणबद्ध विस्तार से कंपनी को अपने ऑपरेशंस को स्थिर करने, नए पायलटों और क्रू मेंबर्स की भर्ती करने तथा देश भर के विभिन्न एयरपोर्ट्स पर अपने नेटवर्क को मजबूत करने का पर्याप्त समय और अवसर मिलेगा।

वहीं, एयरलाइन के चेयरमैन हर्षा राघवन ने इस ऐतिहासिक सौदे की पुष्टि करते हुए अपने एक बयान में स्पष्ट किया कि लगभग 1 अरब डॉलर की भारी-भरकम लागत वाले इन 40 विमानों के जुड़ने से भारतीय क्षेत्रीय विमानन बाजार में Fly91 की स्थिति और अधिक मजबूत और अप्रतिस्पर्धी हो जाएगी। उन्होंने कहा कि भारत जैसे विशाल भौगोलिक विस्तार वाले देश में जहां सड़क और रेल यातायात पर अत्यधिक दबाव है, वहां क्षेत्रीय विमानन की अपार संभावनाएं हैं। आने वाले वर्षों में जैसे-जैसे ये नए विमान आसमान में उड़ान भरेंगे, वैसे-वैसे देश के छोटे शहरों में रहने वाले आम लोगों के लिए दुनिया काफी छोटी और सुलभ हो जाएगी। Fly91 की यह पहल निश्चित रूप से भारतीय विमानन इतिहास में एक नए स्वर्णिम अध्याय की शुरुआत करने जा रही है।