बिहार-झारखंड समेत 12 राज्यों में आंधी के साथ भारी बारिश की चेतावनी; 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी तूफानी हवाएं

बिहार-झारखंड समेत 12 राज्यों में आंधी के साथ भारी बारिश की चेतावनी; 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी तूफानी हवाएं

बंगाल की खाड़ी में सक्रिय हुआ मौसमी चक्रवात और गहरा दबाव का क्षेत्र (Deep Depression) अब तटीय इलाकों के बेहद करीब पहुंच चुका है, जिसके चलते पूर्वी और मध्य भारत में मौसम का मिजाज अत्यधिक विकराल हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 10 सितंबर को ओडिशा के कई तटीय और आंतरिक जिलों के लिए 'रेड कलर वार्निंग' (Red Alert) जारी की है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस मौसमी सिस्टम के प्रभाव से ओडिशा के मयूरभंज, क्योंझर, बालासोर, भद्रक, केंद्रपाड़ा और जगतसिंहपुर जैसे जिलों में 200 मिमी से अधिक की अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। इसके साथ ही समुद्र में 45 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलने और ऊंची समुद्री लहरें उठने की आशंका है, जिसको देखते हुए मछुआरों को समुद्र में न उतरने की सख्त हिदायत दी गई है।

बिहार और झारखंड में मूसलाधार बारिश का तांडव: वज्रपात का बड़ा खतरा

ओडिशा के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों झारखंड और बिहार में भी इस मानसूनी तंत्र का सीधा और व्यापक असर देखा जा रहा है। झारखंड के रांची, जमशेदपुर, धनबाद, बोकारो और चाईबासा समेत कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश को लेकर 'ऑरेंज अलर्ट' प्रभावी किया गया है। वहीं बिहार के गया, नवादा, औरंगाबाद, रोहतास, जमुई और बांका जिलों में झमाझम बारिश के साथ 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार तूफानी हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने विशेष रूप से वज्रपात (Lightning Strike) को लेकर चेतावनी जारी की है। ग्रामीण क्षेत्रों और खुले खेतों में काम करने वाले किसानों को आकाशीय बिजली की तेज गर्जना के दौरान पक्के आश्रयों में रहने और ऊंचे पेड़ों या बिजली के खंभों से दूर रहने की सख्त सलाह दी गई है।

इन 12 राज्यों में बिगड़ेगा मौसम का मिजाज: आंधी और बारिश का महाअलर्ट

बंगाल की खाड़ी से उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहे इस विशालकाय वेदर सिस्टम के चलते देश के कुल 12 प्रमुख राज्यों में मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है:

  • पूर्वी भारत: ओडिशा (रेड अलर्ट), पश्चिम बंगाल (गांगेय क्षेत्र), झारखंड और बिहार।

  • मध्य भारत: छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और विदर्भ क्षेत्र।

  • उत्तर भारत: पूर्वी उत्तर प्रदेश (वाराणसी, मिर्जापुर, सोनभद्र बेल्ट), उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के कुछ संवेदनशील पहाड़ी हिस्से।

  • तटीय व दक्षिणी प्रायद्वीप: उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश और तेलंगाना।

इन सभी राज्यों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने, निचले इलाकों में जलभराव होने और पुराने पेड़ों या कच्चे निर्माणों को नुकसान पहुंचने की संभावना है।

पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और मैदानी इलाकों में जलभराव की चुनौती

लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ी राज्यों उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में संवेदनशील मार्गों पर अचानक भूस्खलन (Landslides) और बोल्डर गिरने का खतरा बढ़ गया है। वहीं मैदानी भागों में नदियों के जलस्तर में तेज बढ़ोतरी देखी जा रही है। दामोदर, सुवर्णरेखा और बैतरणी जैसी नदियों के बेसिन में जलभराव की स्थिति बन सकती है। नगरीय निकायों को शहरों में सीवरेज जाम और ड्रेनेज व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं।

एनडीआरएफ और प्रशासन हाई अलर्ट पर: यात्रियों के लिए एडवाइजरी

खराब मौसम और आंधी-तूफान के पूर्वानुमान को देखते हुए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीमों को संवेदनशील जिलों में तैनात कर दिया गया है। संबंधित जिला प्रशासनों ने कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिए हैं। मौसम विभाग ने आम नागरिकों और दैनिक यात्रियों को सलाह दी है कि वे तेज आंधी और भारी बारिश के दौरान गैर-जरूरी यात्राओं से बचें, जलभराव वाले रास्तों पर वाहन धीमी गति से चलाएं और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक मौसम बुलेटिन पर लगातार नजर बनाए रखें।