चक्रवात 'अर्नब' के लैंडफॉल के बाद बदलेगा देश का मौसम, IMD ने यूपी-बिहार और बंगाल समेत इन 10 राज्यों में जारी किया भारी बारिश का अलर्ट

चक्रवात 'अर्नब' के लैंडफॉल के बाद बदलेगा देश का मौसम, IMD ने यूपी-बिहार और बंगाल समेत इन 10 राज्यों में जारी किया भारी बारिश का अलर्ट

बंगाल की खाड़ी से उठे अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान 'अर्नब' (Cyclone Arnab) ने आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में काकीनाडा और यनम के बीच दस्तक देकर भारी तबाही मचाई है। 130 से 150 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली विनाशकारी हवाओं और समुद्र की ऊंची लहरों के बाद तूफान अब स्थल भाग (Inland) की ओर बढ़ चुका है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, हालांकि जमीन पर आने के बाद यह चक्रवात धीरे-धीरे गहरे अवदाब (Deep Depression) में तब्दील होकर कमजोर पड़ रहा है, लेकिन इसके साथ बहकर आ रही मानसूनी नमी और वायुमंडलीय दबाव का असर देश के पूर्वी, मध्य और उत्तरी मैदानी राज्यों के मौसम पर व्यापक रूप से देखने को मिलेगा। मौसम विभाग ने अगले 48 से 72 घंटों के दौरान उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश सहित 10 से अधिक राज्यों में मूसलाधार बारिश, तेज आंधी और वज्रपात की चेतावनी जारी की है।

ओडिशा और आंध्र प्रदेश: अभी नहीं टला खतरा, फ्लैश फ्लड की चेतावनी

आंध्र प्रदेश के काकीनाडा, कोनसीमा, विशाखापट्टनम और विजयनगरम जैसे तटीय जिलों में तबाही मचाने के बाद भी अगले 24 घंटों तक रुक-रुक कर भारी बारिश का सिलसिला बना रहेगा। वहीं पड़ोसी राज्य ओडिशा में मौसम विभाग ने पांच दक्षिणी जिलों—मलकानगिरी, कोरापुट, रायगड़ा, गंजाम और गजपति—के लिए अचानक बाढ़ (Flash Flood) और बहुत भारी बारिश का ऑरेंज व रेड अलर्ट जारी किया है। निचले इलाकों में जलभराव और पहाड़ी ढलानों पर भूस्खलन की आशंका को देखते हुए आपदा राहत टीमों को पूरी तरह मुस्तैद रखा गया है। उत्तरी तटीय ओडिशा के जिलों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान है।

पश्चिम बंगाल और झारखंड: 31 अक्टूबर तक लगातार बारिश के आसार

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, तूफान के उत्तर-उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ने से गांगेय पश्चिम बंगाल (Gangetic West Bengal) और झारखंड के मौसम में भारी बदलाव आ रहा है।

  • पश्चिम बंगाल: कोलकाता, हावड़ा, पूर्व व पश्चिम मेदिनीपुर, झाड़ग्राम और उत्तर व दक्षिण 24 परगना में 31 अक्टूबर तक आसमान में घने बादल छाए रहेंगे और अधिकांश इलाकों में मध्यम से भारी बारिश दर्ज की जाएगी। कोलकाता हवाई अड्डे पर दृश्यता कम होने से उड़ानों पर भी असर पड़ रहा है। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी गई है।

  • झारखंड: रांची, जमशेदपुर, धनबाद, बोकारो और संथाल परगना प्रमंडल में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने और कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश (70 से 110 मिमी) का अलर्ट है।

उत्तर प्रदेश और बिहार: पूर्वी जिलों में मूसलाधार बारिश और वज्रपात का अलर्ट

तूफान 'अर्नब' के शेष दबाव का सबसे बड़ा असर उत्तर प्रदेश और बिहार के मैदानी इलाकों पर पड़ने जा रहा है:

  • उत्तर प्रदेश: मौसम विभाग ने पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों के लिए विशेष चेतावनी जारी की है। वाराणसी, चंदौली, गाजीपुर, बलिया, मिर्जापुर, सोनभद्र, गोरखपुर, देवरिया और कुशीनगर में 29 से 31 अक्टूबर के बीच गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश और 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने का अनुमान है। यूपी राहत आयुक्त कार्यालय ने आकाशीय बिजली (ठनका) के खतरे को देखते हुए किसानों और आम नागरिकों के लिए सतर्कता एडवाइजरी जारी की है।

  • बिहार: पटना, गया, भागलपुर, पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज और अररिया समेत उत्तर व दक्षिण-पूर्वी बिहार के कई जिलों में भारी बारिश का पूर्वानुमान है। मौसम विभाग ने किसानों को आगाह किया है कि खेतों में कटी पड़ी धान की फसल को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाएं, अन्यथा पानी भरने से फसल को भारी नुकसान हो सकता है।

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़: मध्य भारत में भी बादलों का डेरा

तूफान के अंदरूनी हिस्सों में प्रवेश करने से छत्तीसगढ़ के बस्तर, सुकमा, दंतेवाड़ा और बिलासपुर संभाग में भारी बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी है। इसके साथ ही पूर्वी मध्य प्रदेश (जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग) और महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में गरज-चमक के साथ अच्छी बारिश होने की संभावना जताई गई है। इस बेमौसम बारिश से दिन के तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस की तेज गिरावट आएगी, जिससे मध्य भारत में भी सुबह और रात के समय गुलाबी ठंड का अहसास अचानक बढ़ जाएगा।

प्रशासन की एडवाइजरी: खुले स्थानों और कच्चे ढांचों से रहें दूर

आईएमडी और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) ने प्रभावित राज्यों के नागरिकों से अपील की है कि तेज बारिश और आंधी के दौरान जलभराव वाले रास्तों, जर्जर इमारतों, बिजली के खंभों और बड़े पेड़ों के नीचे शरण लेने से बचें। बारिश के समय इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को अनप्लग रखें और यात्रा करने से पहले संबंधित राज्य परिवहन व रेलवे की आधिकारिक एडवाइजरी अवश्य जांच लें।