Mythology story : प्रेग्नेंसी में महिलाओं से क्यों डरते हैं सांप? क्या है दो जीव एक शरीर का रहस्य

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News India Live, Digital Desk: हमारे समाज में सदियों से कई ऐसी मान्यताएं चली आ रही हैं, जिन पर आज भी लोग विश्वास करते हैं। इन्हीं में से एक बेहद दिलचस्प और हैरान करने वाली मान्यता ये है कि सांप कभी किसी गर्भवती महिला को नहीं काटते, बल्कि उससे दूर भागते हैं। आपने भी शायद अपने घर के बड़े-बुजुर्गों से यह बात जरूर सुनी होगी।

इस मान्यता के पीछे कुछ वैज्ञानिक तर्क देने की कोशिश की जाती है तो कुछ बेहद रोचक पौराणिक कथाएं भी जुड़ी हुई हैं। आज भी गांवों और कस्बों में लोग इस बात को पूरी तरह सच मानते हैं। चलिए जानते हैं कि इस अनोखी मान्यता के पीछे आखिर क्या वजहें बताई जाती हैं।

क्या कहते हैं तर्क?

जो लोग इस मान्यता के पीछे वैज्ञानिक कारण मानते हैं, वे कुछ इस तरह के तर्क देते हैं:

  1. हार्मोन में बदलाव: ऐसा कहा जाता है कि गर्भावस्था के दौरान एक महिला के शरीर में कई तरह के हार्मोनल बदलाव होते हैं। इन बदलावों के कारण उनके शरीर से एक ख़ास तरह की गंध निकलती है। सांप सूंघने में बहुत तेज होते हैं, और यह बदली हुई और अपरिचित गंध उन्हें असहज कर सकती है, जिससे वे दूर रहना ही बेहतर समझते हैं।
  2. शरीर का तापमान: यह भी माना जाता है कि प्रेग्नेंसी के समय महिला के शरीर का तापमान सामान्य से थोड़ा बढ़ जाता है। सांप ठंडे खून वाले जीव होते हैं और हो सकता है कि शरीर का यह बढ़ा हुआ तापमान उन्हें दूर रहने के लिए मजबूर करता हो।
  3. दो 'जीव' एक शरीर: एक लोकप्रिय मान्यता यह भी है कि सांप यह भांप लेते हैं कि गर्भवती महिला के शरीर में एक नहीं, बल्कि दो जीव हैं। इस 'अप्राकृतिक' स्थिति को देखकर या महसूस करके वे डर जाते हैं और हमला नहीं करते।

क्या है इसके पीछे की पौराणिक कथा?

इस मान्यता के पीछे सबसे प्रसिद्ध कहानी लोकदेवता गोगा देव (जिन्हें जाहरवीर गोगाजी भी कहा जाता है) से जुड़ी है। कथा के अनुसार, गोगा देव की पत्नी गर्भवती थीं। एक दिन जब वह बाग में टहल रही थीं, तो एक सांप ने उन्हें डस लिया। जब गोगा देव को यह पता चला, तो वे क्रोध से भर गए।

उन्होंने अपनी शक्तियों से एक ऐसा मंत्र पढ़ना शुरू किया, जिससे दुनिया के सारे सांप खिंचकर एक उबलते हुए तेल के कड़ाहे में आकर गिरने लगे। पूरी नाग जाति का विनाश होता देख, नागों के राजा नागराज वासुकि प्रकट हुए। उन्होंने गोगा देव से क्षमा मांगी और उनकी पत्नी को फिर से जीवित कर दिया।

कहा जाता है कि उसी समय नागराज ने गोगा देव को यह वचन भी दिया था कि आज के बाद कोई भी सांप किसी भी गर्भवती महिला को कभी नहीं डसेगा और न ही उसे कोई नुकसान पहुंचाएगा। माना जाता है कि तभी से सांप गर्भवती महिलाओं से दूर रहते हैं।