झारखंड में जल्द बज सकती है निकाय चुनाव की घंटी, फरवरी-मार्च में वोटिंग की तैयारी
News India Live, Digital Desk : झारखंड में पिछले काफी समय से नगर निगम और नगर परिषदों के चुनाव लटके हुए हैं। पार्षदों और मेयर का कार्यकाल खत्म हो चुका है और शहरों की कमान फिलहाल अफसरों के हाथ में है। इसका सीधा असर मोहल्ले के विकास पर दिख रहा है। जनता परेशान है कि अपनी छोटी-मोटी समस्याओं के लिए किसके पास जाए। लेकिन, अब जो खबरें छनकर आ रही हैं, वो राहत देने वाली हैं।
फरवरी-मार्च 2026 हो सकता है टारगेट
मीडिया रिपोर्ट्स और सूत्रों की मानें तो राज्य निर्वाचन आयोग और सरकार ने चुनावों को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं। माना जा रहा है कि फरवरी या मार्च 2026 तक झारखंड में निकाय चुनाव संपन्न कराए जा सकते हैं। अगर सब कुछ प्लान के मुताबिक रहा, तो बहुत जल्द आचार संहिता की घोषणा भी सुनने को मिल सकती है।
आखिर इतनी देरी क्यों हुई?
चुनाव न होने की सबसे बड़ी वजह OBC आरक्षण (Triple Test) का पेंच फंसा होना था। बिना ओबीसी को आरक्षण दिए चुनाव कराने पर रोक थी। अब बताया जा रहा है कि सरकार और पिछड़ा वर्ग आयोग (OBC Commission) इस प्रक्रिया को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। 'ट्रिपल टेस्ट' की औपचारिकताएं पूरी होते ही चुनाव का रास्ता साफ हो जाएगा।
प्रत्याशी और जनता, दोनों हो जाएं तैयार
जो नेता जी लोग टिकट की आस में बैठे थे, उन्होंने भी अपना जनसंपर्क अभियान तेज कर दिया है। चाय की टपरियों पर चुनावी चर्चा शुरू हो गई है।
आम जनता के लिए भी यह एक मौका है। अफसरों से काम करवाना मुश्किल होता है, लेकिन एक चुना हुआ वार्ड पार्षद या मेयर जनता के प्रति जवाबदेह होता है।
वोटर लिस्ट पर नजर
चुनाव आयोग मतदाता सूची (Voter List) को दुरुस्त करने का काम भी तेजी से कर रहा है। अगर आपका नाम वोटर लिस्ट में नहीं है या कोई गड़बड़ी है, तो यह सही समय है उसे ठीक करवाने का।
कुल मिलाकर माहौल यह बता रहा है कि जल्द ही आपके गली-मोहल्ले में चुनाव प्रचार का शोर गूंजने वाला है। तो तैयार रहिये अपनी 'शहर की सरकार' चुनने के लिए!