जाम के झंझट से मिलेगी मुक्ति! बस्ती को मिलने जा रहा है 2000 करोड़ का 'रिंग रोड', जानें क्या है पूरा प्लान
बस्ती शहर के लोगों के लिए जल्द ही ट्रैफिक जाम की समस्या बीते दिनों की बात होने वाली है। शहर को ट्रैफिक जाम के अंतहीन जाल से निकालने और विकास को नई गति देने के लिए अब तक की सबसे बड़ी और महत्वाकांक्षी परियोजना, बस्ती रिंग रोड पर काम तेज़ी से चल रहा है। केंद्र सरकार ने इस परियोजना को हरी झंडी दे दी है और जल्द ही इसका निर्माण शुरू होने की उम्मीद है।
यह सिर्फ एक सड़क नहीं होगी, बल्कि बस्ती की तरक्की का एक नया सर्किल साबित होगी, जिसका सीधा फायदा शहर से लेकर गांव तक हर किसी को मिलेगा.
क्या है यह 'महा-प्रोजेक्ट'?
बस्ती को मिलने जा रहा यह रिंग रोड करीब 30 किलोमीटर लंबा होगा और इसका निर्माण दो चरणों (phases) में किया जाएगा. इस पूरे प्रोजेक्ट पर 2000 करोड़ रुपये से भी ज़्यादा का भारी-भरकम बजट खर्च होने का अनुमान है, जो दिखाता है कि यह बस्ती के लिए कितना अहम प्रोजेक्ट है.
शहर को जाम से कैसे मिलेगी निज़ात?
यह रिंग रोड शहर के बाहर-बाहर से होकर गुजरेगी. इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि गोरखपुर, अयोध्या या लखनऊ की तरफ जाने वाले भारी वाहन, जैसे ट्रक और बसें, अब शहर के अंदर घुसने की बजाय सीधे रिंग रोड पकड़कर अपने रास्ते निकल जाएंगे. इससे शहर की अंदरूनी सड़कों पर ट्रैफिक का बोझ अपने-आप 50% से भी ज़्यादा कम हो जाएगा.
सिर्फ रोड नहीं, बनेंगे 4 फ्लाईओवर और 5 अंडरपास भी
इस रिंग रोड को पूरी तरह से आधुनिक और ट्रैफिक के लिए सुगम बनाने की योजना ਹੈ. इसे बनाने में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय पूरी मदद कर रहा है और इसके तहत ये सब निर्माण भी किए जाएंगे:
- 4 फ्लाईओवर: रिंग रोड पर ट्रैफिक बिना रुके चलता रहे, इसके लिए 4 फ्लाईओवर बनाए जाएंगे.
- 1 रेलवे ओवरब्रिज: रेलवे लाइन के ऊपर से गुज़रने के लिए एक रेलवे ओवरब्रिज (ROB) बनेगा.
- 5 अंडरपास: पैदल चलने वालों और छोटे वाहनों के लिए 5 अंडरपास बनाए जाएंगे, ताकि सड़क पार करना सुरक्षित हो.
यह परियोजना न केवल बस्ती शहर को जाम से मुक्ति दिलाएगी, बल्कि इलाके की तस्वीर बदलने में भी अहम भूमिका निभाएगी। इससे आस-पास के गाँवों से कनेक्टिविटी बेहतर होगी और ज़मीन की कीमतें भी बढ़ने की उम्मीद है। यह बस्ती के विकास में मील का पत्थर साबित होगा।