BREAKING:
April 08 2026 01:10 am

MP: अनूपपुर में 'काल' बनी 4 मंजिला इमारत! अग्रवाल लॉज गिरने से 2 की मौत, मलबे में अब भी दबे कई लोग; रेस्क्यू जारी

Post

अनूपपुर: मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। शनिवार (4 अप्रैल) की देर रात कोतमा कस्बे के बस स्टैंड के पास स्थित 'अग्रवाल लॉज' नाम की एक चार मंजिला इमारत ताश के पत्तों की तरह ढह गई। इस भीषण हादसे में अब तक दो लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि करीब 7 से 10 लोगों के अब भी मलबे में दबे होने की आशंका है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब इमारत गिरी तो धमाके जैसी तेज आवाज हुई और पूरे इलाके में धूल का गुबार छा गया, जिससे वहां मौजूद यात्रियों और स्थानीय लोगों में अफरा-तफरी मच गई।

विस्फोट जैसी आवाज और फिर मलबे का ढेर

हादसा रात के समय हुआ जब बस स्टैंड पर यात्रियों की आवाजाही थी। अग्रवाल लॉज के अचानक जमींदोज होने से किसी को संभलने का मौका नहीं मिला। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच गईं। अनूपपुर के एसपी मोती-उर-रहमान ने बताया कि मलबे से अब तक पांच लोगों को निकाला गया है, जिनमें से दो को मृत घोषित कर दिया गया है। अन्य तीन घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। मलबे के नीचे दबे लोगों की तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन युद्धस्तर पर जारी है।

NDRF-SDRF और माइनिंग एक्सपर्ट्स संभाल रहे मोर्चा

हादसे की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने राहत कार्य में पूरी ताकत झोंक दी है। घटनास्थल पर एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमें तैनात हैं। इसके अलावा, भारी मलबा हटाने और फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए एसईसीएल (SECL) की जमुना कोतमा इकाई और कोयला खनन कंपनी जेएमएस के विशेषज्ञ बचाव दलों को भी बुलाया गया है। आधुनिक मशीनों के जरिए मलबे को हटाया जा रहा है और कोतमा व अनूपपुर के जिला अस्पतालों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।

मुख्यमंत्री ने जताया दुख, जांच के दिए निर्देश

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस घटना को अत्यंत दुखद और पीड़ादायक बताया है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी दी कि प्रशासन को राहत एवं बचाव कार्य में कोई कसर न छोड़ने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने प्रभारी मंत्री दिलीप जायसवाल को तुरंत मौके पर पहुंचने और घायलों के समुचित उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है।

क्यों गिरी 10 साल पुरानी इमारत?

इमारत गिरने के कारणों को लेकर अभी शुरुआती जांच चल रही है। एसपी के अनुसार, यह लॉज करीब 10 साल पुराना था। आशंका जताई जा रही है कि लॉज के पास वाले भूखंड पर चल रहा निर्माण कार्य इस हादसे की एक बड़ी वजह हो सकता है। खुदाई या भारी मशीनों के कंपन से पुरानी इमारत की नींव कमजोर हुई होगी। हालांकि, अनूपपुर जिलाधिकारी हर्षल पंचोली ने कहा है कि पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल प्रशासन का पूरा ध्यान मलबे में दबे जिंदगियों को बचाने पर है।