माँ का दूध बच्चे के लिए अमृत, और माँ के लिए ‘रक्षा कवच’! जानें कैसे
अक्टूबर का महीना ब्रेस्ट कैंसर जागरूकता माह (Breast Cancer Awareness Month) के रूप में मनाया जाता है। इस महीने में हम महिलाओं के स्वास्थ्य और कैंसर से बचाव के तरीकों पर खूब बात करते हैं। लेकिन बचाव का एक ऐसा प्राकृतिक और शक्तिशाली तरीका है, जिसके बारे में हम शायद उतना नहीं जानते या बात नहीं करते, जितना हमें करना चाहिए।
वह तरीका है - स्तनपान (Breastfeeding)।
जब एक माँ अपने बच्चे को दूध पिलाती है, तो यह सिर्फ बच्चे का पेट भरने या उसे पोषण देने की प्रक्रिया नहीं होती। यह एक ‘डबल तोहफा’ है - एक ऐसा वरदान जो बच्चे को सेहत देता है और माँ को कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों से बचाता है।
हम सब यह तो जानते हैं कि स्तनपान कराने से माँ को भविष्य में ब्रेस्ट कैंसर का खतरा कम होता है। लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि यह आपको एक और बहुत ही खतरनाक और ‘साइलेंट किलर’ माने जाने वाले कैंसर - ओवेरियन कैंसर (Ovarian Cancer) - से भी बचाने में बहुत बड़ी भूमिका निभाता है।
तो आखिर कैसे काम करता है यह ‘जादू’? (इसके पीछे का विज्ञान)
यह कोई जादू नहीं, बल्कि हमारे शरीर की खूबसूरत बनावट का विज्ञान है:
- ओवरीज़ को मिलता है ‘आराम’ (Less Ovulation): जब तक एक महिला स्तनपान कराती है, तब तक उसके शरीर में ओव्यूलेशन (अंडाशय से अंडे निकलने की प्रक्रिया) या तो रुक जाता है या बहुत कम हो जाता है। आसान भाषा में कहें तो, आपके अंडाशय (Ovaries) एक तरह से ‘छुट्टी’ पर चले जाते हैं। जितनी कम बार ओव्यूलेशन होता है, उतनी ही कम बार अंडाशय की कोशिकाओं को बदलना पड़ता है, जिससे कैंसर वाली असामान्य कोशिकाओं के बनने का खतरा अपने आप कम हो जाता है।
- ‘खतरनाक’ हॉर्मोन्स का लेवल होता है कम: ओवेरियन और ब्रेस्ट, दोनों ही कैंसर के बढ़ने में एस्ट्रोजन जैसे हॉर्मोन्स का बड़ा हाथ होता है। स्तनपान कराने से शरीर में इन हॉर्मोन्स का लेवल प्राकृतिक रूप से कम हो जाता है, जिससे कैंसर को पनपने का माहौल ही नहीं मिलता।
- ‘खराब’ कोशिकाओं की सफाई: कुछ स्टडीज यह भी मानती हैं कि स्तनपान की प्रक्रिया शरीर को उन कोशिकाओं को बाहर निकालने में मदद करती है जिनके DNA में कोई खराबी आ गई हो और जो भविष्य में कैंसर का रूप ले सकती हैं।
कब तक कराएं स्तनपान?
स्टडीज के मुताबिक, जो महिलाएं अपने जीवनकाल में कुल 12 महीने या उससे ज्यादा समय तक स्तनपान कराती हैं, उनमें ओवेरियन और ब्रेस्ट कैंसर का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है। लेकिन याद रखिए, कुछ महीने स्तनपान कराना भी, बिल्कुल न कराने से कहीं ज्यादा फायदेमंद है।
यह प्रकृति का सबसे खूबसूरत ‘गिव एंड टेक’ है। जब एक माँ अपने बच्चे को जीवन का अमृत देती है, तो बदले में प्रकृति उस माँ को सुरक्षा का वरदान देती है।