सुबह की ठिठुरन और कोहरे का घेरा, राजस्थान में फिर बदली मौसम की चाल, हनुमानगढ़ में स्कूलों की छुट्टी

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News India Live, Digital Desk: कैसे हैं आप सब? राजस्थान में इस समय जो मौसम चल रहा है, उसे समझ पाना थोड़ा मुश्किल हो रहा है। कभी दोपहर में धूप ऐसी खिलती है कि स्वेटर बोझ लगने लगता है, तो कभी सुबह और रात की सर्दी हड्डियों तक कांप उठती है। लेकिन जो इलाके पंजाब और हरियाणा के बॉर्डर से सटे हैं, वहां ठंड ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं।

खासकर हनुमानगढ़ से एक ऐसी खबर आई है जो बच्चों और पेरेंट्स के लिए राहत भरी है। चलिए, आपको बताते हैं मौसम के ताजा हाल और स्कूल की छुट्टियों का क्या चक्कर है।

हनुमानगढ़ में बंद हुए स्कूल (क्लास 5 तक की छुट्टी)
बढ़ती हुई सर्दी और शीत लहर (Cold Wave) को देखते हुए हनुमानगढ़ के जिला कलेक्टर ने एक बड़ा फैसला लिया है। वहां बढ़ती ठंड को देखते हुए छोटे बच्चों (नर्सरी से कक्षा 5 तक) के लिए 18 जनवरी तक स्कूलों में छुट्टी का ऐलान कर दिया गया है। ये फैसला इसलिए लिया गया ताकि कड़ाके की सर्दी में मासूम बच्चों की सेहत न बिगड़े। सच कहें तो, सुबह-सुबह इस कोहरे और सर्द हवाओं के बीच बच्चों को तैयार कर स्कूल भेजना किसी चुनौती से कम नहीं था।

तापमान में अजीबोगरीब 'लुका-छिपी'
मौसम विभाग की मानें तो राजस्थान में पारा अब अजीब खेल खेल रहा है। जहाँ एक तरफ उत्तरी राजस्थान (हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, चुरू) में पारा काफी गिर गया है, वहीं जयपुर और जोधपुर जैसे शहरों में दिन का तापमान थोड़ा बढ़ भी रहा है। लेकिन जानकारों का कहना है कि ये बढ़ता तापमान भी 'धोखा' हो सकता है, क्योंकि हवाओं के रुख बदलते ही वापस कड़ाके की ठंड लौट सकती है।

कोहरा और विजिबिलिटी की समस्या
श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ की तरफ कोहरा इतना ज्यादा है कि सड़कों पर गाड़ियां चलाना दूभर हो रहा है। प्रशासन ने लोगों को सलाह दी है कि रात के सफर से बचें और हाईवे पर गाड़ी की लाइटों का ध्यान रखें। सर्द हवाएं अभी भी लोगों को कांपने पर मजबूर कर रही हैं, ऐसे में अलाव और गरम चाय ही लोगों का सहारा बनी हुई है।

मेरी राय और सुझाव
चाहे आपके जिले में छुट्टी हुई हो या नहीं, लेकिन सुबह के समय बच्चों और बुजुर्गों का खास ख्याल रखें। ये जो मौसम का उतार-चढ़ाव होता है, इसी वक्त सर्दी-जुकाम और बुखार का खतरा सबसे ज्यादा होता है। खान-पान में गरमाहट बनाए रखें और सुबह की सैर पर निकलते समय कान और छाती को ढंकना न भूलें।

देखना ये है कि क्या ठंड का ये कहर आगे भी बढ़ता है और क्या राजस्थान के दूसरे जिलों के कलेक्टर भी स्कूलों को लेकर ऐसा ही कोई बड़ा कदम उठाते हैं।

आप किस जिले से हैं और वहां अभी कितनी ठंड पड़ रही है? कमेंट में अपना हाल-चाल हमें ज़रूर बताएं!