क्रेडिट कार्ड से उड़ गए पैसे? घबराएं नहीं, तुरंत उठाएं ये 5 जरूरी कदम

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News India Live, Digital Desk: आज की डिजिटल दुनिया में क्रेडिट कार्ड हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन गया है। यह हमें खरीदारी करने और बिल चुकाने की सुविधा तो देता है, लेकिन इसके साथ ही ऑनलाइन धोखाधड़ी का खतरा भी जुड़ा होता है। सोचिए, आपके पास बैंक से मैसेज आए कि आपके क्रेडिट कार्ड से हजारों रुपये की शॉपिंग हो गई है, जबकि कार्ड आपकी ही जेब में है। ऐसा किसी के भी साथ हो सकता है।

ऐसे में घबराहट होना स्वाभाविक है, लेकिन सबसे जरूरी है कि आप शांत रहें और बिना समय गंवाए सही कदम उठाएं। अगर आप तेजी से और सही तरीके से कार्रवाई करते हैं, तो आप न केवल और अधिक नुकसान होने से बच सकते हैं, बल्कि अपने पैसे वापस पाने की संभावना भी बढ़ा सकते हैं।

आइए जानते हैं कि अगर आपके साथ कभी क्रेडिट कार्ड फ्रॉड होता है, तो आपको तुरंत कौन-से पांच कदम उठाने चाहिए।

1. सबसे पहला काम: तुरंत अपना कार्ड ब्लॉक कराएं

जैसे ही आपको किसी अनजान लेन-देन का पता चले, आपका सबसे पहला और सबसे जरूरी काम है अपने क्रेडिट कार्ड को तुरंत ब्लॉक करवाना। धोखेबाज अक्सर एक के बाद एक कई ट्रांजेक्शन करने की कोशिश करते हैं। कार्ड ब्लॉक करने से आप किसी भी और वित्तीय नुकसान से तुरंत बच जाते हैं।

  • कैसे ब्लॉक कराएं: लगभग हर बैंक के क्रेडिट कार्ड के पीछे कस्टमर केयर का हेल्पलाइन नंबर दिया होता है। उस पर तुरंत कॉल करें और अपने कार्ड को ब्लॉक करने के लिए कहें। इसके अलावा, आप बैंक के मोबाइल ऐप या नेटबैंकिंग के जरिए भी कुछ ही सेकंड में अपना कार्ड ब्लॉक कर सकते हैं।

2. बैंक को धोखाधड़ी की औपचारिक सूचना दें

कार्ड ब्लॉक कराने के बाद, दूसरा कदम है बैंक को इस धोखाधड़ी की औपचारिक रूप से जानकारी देना। सिर्फ फोन पर बता देना काफी नहीं है।

  • लिखित में दें जानकारी: बैंक को ईमेल के जरिए या उनके शिकायत पोर्टल पर जाकर लिखित में शिकायत दर्ज करें। इस शिकायत में धोखाधड़ी वाले ट्रांजेक्शन की तारीख, समय, और रकम जैसी सभी जरूरी जानकारियां दें। बैंक से शिकायत का रेफरेंस या टिकट नंबर लेना न भूलें, यह भविष्य में आपके बहुत काम आएगा।

3. नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन पर शिकायत करें

यह एक बेहद महत्वपूर्ण कदम है, जिसे अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं। भारत सरकार ने ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायत के लिए एक विशेष हेल्पलाइन और पोर्टल बनाया है।

  • हेल्पलाइन नंबर 1930: तुरंत इस नंबर पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज कराएं। यह हेल्पलाइन सीधे बैंकों और वित्तीय संस्थानों से जुड़ी होती है, जिससे धोखेबाजों के खाते में गए पैसे को फ्रीज करने में मदद मिलती है।
  • ऑनलाइन पोर्टल: आप राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (www.cybercrime.gov.in) पर जाकर भी अपनी शिकायत विस्तार से दर्ज कर सकते हैं। जितनी जल्दी आप यहां रिपोर्ट करेंगे, आपके पैसे वापस मिलने की संभावना उतनी ही बढ़ जाएगी।

4. सभी सबूत इकट्ठा करें

अपनी शिकायत को मजबूत बनाने के लिए सभी जरूरी सबूतों को इकट्ठा करना और संभालकर रखना बहुत जरूरी है।

  • क्या-क्या इकट्ठा करें: धोखाधड़ी वाले ट्रांजेक्शन के SMS और ईमेल अलर्ट के स्क्रीनशॉट, अपने क्रेडिट कार्ड का स्टेटमेंट जिसमें वह ट्रांजेक्शन दिख रहा हो, और बैंक तथा साइबर सेल में की गई शिकायतों की कॉपी। ये सभी दस्तावेज आपके केस को मजबूत बनाएंगे और यह साबित करेंगे कि आपने बिना देरी किए कार्रवाई की थी।

5. FIR दर्ज कराएं (यदि आवश्यक हो)

अगर धोखाधड़ी की रकम बड़ी है, तो बैंक आपसे पुलिस में FIR (प्रथम सूचना रिपोर्ट) दर्ज कराने के लिए कह सकता है।

  • कहां करें शिकायत: आप अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन या उसके साइबर सेल में जाकर FIR दर्ज करा सकते हैं। FIR की एक कॉपी लेना सुनिश्चित करें और उसे अपने बैंक में भी जमा कराएं।

याद रखें, आपकी सतर्कता ही आपकी सुरक्षा है। RBI के दिशानिर्देशों के अनुसार, यदि आप धोखाधड़ी की सूचना तुरंत (3 दिनों के भीतर) दे देते हैं और इसमें आपकी कोई लापरवाही नहीं है, तो आपकी देनदारी शून्य हो जाती है। इसलिए, ऐसे किसी भी मामले में घबराएं नहीं, बस तेजी से इन कदमों का पालन करें।