पैसे आते हैं और चले जाते हैं? ये 10 आदतें अपनाएं, ज़िंदगी में कभी तंगी नहीं होगी
हम में से ज़्यादातर लोगों की एक ही कहानी है - महीना शुरू होते ही सैलरी आती है और कब खत्म हो जाती है, पता ही नहीं चलता। हम सोचते हैं कि अगली बार से पक्का पैसे बचाएंगे, लेकिन वो 'अगली बार' कभी आता ही नहीं।
पैसे का मैनेजमेंट कोई रॉकेट साइंस नहीं है, बल्कि कुछ सीधी-सादी आदतें हैं, जिन्हें अगर आपने अपनी ज़िंदगी में शामिल कर लिया, तो आप कभी भी पैसों को लेकर परेशान नहीं रहेंगे। ये नियम आपकी सैलरी पर नहीं, आपकी सोच पर निर्भर करते हैं।
चलिए, जानते हैं पैसों के वो 10 स्मार्ट नियम जो हर किसी को पता होने चाहिए:
1. पता तो रखो, पैसा जा कहाँ रहा है (बजट बनाना)
सबसे पहला कदम यह जानना है कि आपका पैसा खर्च कहाँ हो रहा है। महीने के शुरू में ही एक मोटा-मोटा हिसाब बना लें। आप 50/30/20 का नियम अपना सकते हैं: 50% पैसा ज़रूरतों (घर का किराया, राशन, बिल) पर, 30% इच्छाओं (घूमना, शॉपिंग, मूवी) पर और 20% बचत और निवेश पर।
2. पहले बचाओ, फिर खर्च करो (Pay Yourself First)
हमारी सबसे बड़ी गलती है कि हम सब कुछ खर्च करने के बाद जो बचता है, उसे बचाने की सोचते हैं। नियम को पलट दीजिए। जैसे ही सैलरी आए, सबसे पहले बचत और निवेश का 20% हिस्सा अलग निकाल दें। अब जो बचा है, उसी से पूरा महीना चलाएं।
3. अचानक आई मुसीबत का फंड (इमरजेंसी फंड)
ज़िंदगी में कब क्या हो जाए, कोई नहीं जानता। नौकरी चली जाना या कोई मेडिकल इमरजेंसी, ऐसी किसी भी मुसीबत के लिए तैयार रहें। अपने 3 से 6 महीने के खर्च के बराबर पैसा एक अलग सेविंग्स अकाउंट में रखें, जिसे आप सिर्फ और सिर्फ इमरजेंसी में ही छुएंगे।
4. उधार के बोझ तले न दबें (कर्ज से बचें)
क्रेडिट कार्ड और 'अभी खरीदो, बाद में चुकाओ' (Buy Now Pay Later) का दौर है। लेकिन बेवजह के कर्ज से हमेशा बचें। होम लोन जैसे बड़े और जरूरी कर्ज ठीक हैं, लेकिन महंगे शौक के लिए EMI पर चीजें लेना आपको कर्ज के जाल में फंसा सकता है।
5. अपनी और परिवार की सुरक्षा (इंश्योरेंस)
इंश्योरेंस को खर्च नहीं, बल्कि एक सुरक्षा कवच समझें। दो इंश्योरेंस सबसे ज़्यादा जरूरी हैं: एक हेल्थ इंश्योरेंस (बीमारी के खर्च के लिए) और दूसरा टर्म इंश्योरेंस (अगर आपको कुछ हो जाए तो परिवार की आर्थिक सुरक्षा के लिए)।
6. पैसे को काम पर लगाओ (निवेश शुरू करें)
सिर्फ पैसे बचाना काफी नहीं है, उसे महंगाई से बचाने के लिए निवेश करना भी जरूरी है। जितनी जल्दी निवेश शुरू करेंगे, उतना ज़्यादा फायदा होगा। आप SIP के जरिए म्यूचुअल फंड में छोटी शुरुआत कर सकते हैं।
7. बिना लक्ष्य के बचत कैसी? (वित्तीय लक्ष्य बनाएं)
आप पैसे क्यों बचा रहे हैं? घर खरीदना है, गाड़ी लेनी है, बच्चों की पढ़ाई या फिर घूमना? जब आपके पास एक लक्ष्य होता है, तो पैसे बचाना आसान और मज़ेदार हो जाता है।
8. बुढ़ापे का सहारा बनो (रिटायरमेंट प्लानिंग)
आज की मेहनत का फल आपको बुढ़ापे में मिलना चाहिए। रिटायरमेंट के लिए आज से ही थोड़ा-थोड़ा पैसा अलग रखना शुरू कर दें, ताकि आप अपना बुढ़ापा किसी पर निर्भर हुए बिना शान से जी सकें।
9. टैक्स बचाना भी कमाई है (टैक्स प्लानिंग)
आप अपनी मेहनत की कमाई का एक हिस्सा टैक्स में देते हैं। सरकार ने टैक्स बचाने के कई कानूनी तरीके दिए हैं, जैसे 80C। इनका इस्तेमाल करें और अपने ज़्यादा से ज़्यादा पैसे बचाएं।
10. समय-समय पर जायजा लें (वित्तीय समीक्षा)
साल में कम से कम एक बार अपनी पूरी वित्तीय स्थिति का जायजा जरूर लें। देखें कि आपके निवेश कैसा कर रहे हैं, क्या आपके लक्ष्य बदल गए हैं? यह एक फाइनेंशियल हेल्थ चेक-अप की तरह है।
इन नियमों को अपनाना शुरू में थोड़ा मुश्किल लग सकता है, लेकिन यकीन मानिए, ये छोटी-छोटी आदतें आपको आर्थिक रूप से आजाद बनाएंगी।