IIT Bombay controversy : पोस्टर पर मोदी-शाह की तस्वीर और लिखा हम तुम्हें मूर्ख बनाते हैं, बवाल के बाद IIT बॉम्बे ने झाड़ा पल्ला
News India Live, Digital Desk: IIT Bombay controversy : देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थानों में से एक, IIT बॉम्बे, एक बार फिर विवादों में है. इस बार मामला एक पोस्टर से जुड़ा है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीरों का इस्तेमाल किया गया है. इस पोस्टर के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर जमकर हंगामा हुआ, जिसके बाद IIT बॉम्बे को खुद सामने आकर सफाई देनी पड़ी.
आखिर क्या है इस पूरे पोस्टर विवाद में?
यह पूरा विवाद एक अकादमिक वर्कशॉप के पोस्टर से शुरू हुआ, जिसका विषय 'साउथ एशियन कैपिटलिज्म' यानी 'दक्षिण एशियाई पूंजीवाद' था. यह वर्कशॉप अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, बर्कले, IIT बॉम्बे और यूनिवर्सिटी ऑफ मैसाचुसेट्स एमहर्स्ट मिलकर आयोजित कर रहे थे.
इस वर्कशॉप के लिए जो पोस्टर बनाया गया, वह 1911 के एक मशहूर एंटी-कैपिटलिस्ट कार्टून "पूंजीवादी व्यवस्था का पिरामिड" पर आधारित था इस पोस्टर में एक पिरामिड बनाया गया, जिसमें सबसे नीचे किसान और मजदूर दिखाए गए थे, जिनके लिए लिखा था, "हम सबके लिए काम करते हैं" और “हम सबका पेट भरते हैं.”
विवाद पिरामिड के ऊपरी हिस्सों को लेकर हुआ. एक हिस्से में सेना की तस्वीर के साथ लिखा था, "हम तुम पर गोली चलाते हैं" (We Shoot At You).ससे ठीक ऊपर वाले हिस्से में पीएम मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और सीएम योगी आदित्यनाथ की तस्वीर लगाकर लिखा गया था, "हम तुम्हें मूर्ख बनाते हैं" (We Fool You). इस पोस्टर में एक भगवाधारी साधु को भी दिखाया गया था, जबकि किसी दूसरे धर्म के धर्मगुरु का चित्र नहीं था, जिसे लेकर भी लोगों ने आपत्ति जताई.
सोशल मीडिया पर फूटा गुस्सा
जैसे ही यह पोस्टर सोशल मीडिया पर आया, लोगों का गुस्सा फूट पड़ा. कई लोगों ने इस बात पर नाराज़गी जताई कि देश के प्रधानमंत्री और गृह मंत्री का इस तरह अपमान कैसे किया जा सकता है यूज़र्स ने IIT बॉम्बे जैसे संस्थान के इस आयोजन से जुड़ने पर सवाल उठाए और कहा कि टैक्सपेयर्स के पैसे से चलने वाले संस्थान में देश के नेताओं का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जा सकता लोगों ने इसे अकादमिक स्वतंत्रता के नाम पर एकतरफा प्रोपेगेंडा बताया.
विवाद बढ़ा तो IIT बॉम्बे ने क्या कहा?
चौतरफा आलोचना के बाद IIT बॉम्बे ने एक आधिकारिक बयान जारी कर इस पूरे मामले से खुद को अलग कर लिया. संस्थान ने कहा कि वे इस पोस्टर के बारे में "पूरी तरह से अनजान" थे और इसका कंटेंट देखकर "गहरा सदमा और दुख" हुआ है
अपने बयान में IIT ने साफ किया कि इस इवेंट से उनका कोई लेना-देना नहीं है.उन्होंने आयोजकों को तुरंत इस पोस्टर को सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटाने और उस पर से IIT बॉम्बे का नाम हटाने के निर्देश दिए हैं. संस्थान के मुताबिक, उनका एक प्रोजेक्ट 'न्यू पॉलिटिकल इकोनॉमिक इनिशिएटिव' से संबंधित है, लेकिन उन्हें इस तरह के किसी फ्लायर की जानकारी नहीं थी.
यह घटना एक बार फिर अकादमिक संस्थानों में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और उसकी सीमाओं को लेकर एक बड़ी बहस छेड़ गई है.