Mobile Ban in England: स्कूलों में अब नहीं दिखेगा मोबाइल! इंग्लैंड सरकार का बड़ा फैसला
लंदन। बच्चों की एकाग्रता और पढ़ाई के गिरते स्तर को देखते हुए इंग्लैंड की सरकार ने एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। अब इंग्लैंड के सभी स्कूलों में छात्रों के मोबाइल फोन इस्तेमाल पर 'फुल टाइम' बैन (Mobile Phone Ban) लगा दिया गया है। यह नियम इतना सख्त है कि छात्र न केवल क्लास के दौरान, बल्कि ब्रेक टाइम, लंच और क्लास बदलने के समय भी फोन को हाथ नहीं लगा सकेंगे। सरकार का मानना है कि मोबाइल फ्री माहौल से बच्चों का ध्यान भटकना कम होगा और वे बिना किसी 'डिजिटल रुकावट' के बेहतर तरीके से सीख पाएंगे।
कैलकुलेटर के लिए भी फोन पर पाबंदी: सरकार का कड़ा रुख
इंग्लैंड के शिक्षा विभाग द्वारा जारी नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, यह प्रतिबंध केवल सोशल मीडिया या चैटिंग तक सीमित नहीं है। छात्र अब पढ़ाई, रिसर्च या कैलकुलेटर के रूप में भी मोबाइल का उपयोग नहीं कर पाएंगे। स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि वे जरूरत पड़ने पर छात्रों को वैकल्पिक साधन मुहैया कराएं, ताकि उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो। सरकार का संदेश साफ है—स्कूल केवल सीखने की जगह है, स्क्रीन पर समय बिताने की नहीं।
टीचर्स को भी रहना होगा मोबाइल से दूर
नियम केवल छात्रों पर ही नहीं, बल्कि शिक्षकों पर भी लागू होते हैं। सरकार ने शिक्षकों के लिए विशेष निर्देश जारी किए हैं कि वे बच्चों के सामने मोबाइल फोन का इस्तेमाल न करें। यदि शिक्षक स्वयं फोन चलाते पाए जाते हैं, तो इससे बच्चों पर गलत प्रभाव पड़ेगा। स्कूलों की निगरानी करने वाली एजेंसियां (Ofsted) अब यह भी देखेंगी कि क्या स्कूल परिसर में नियमों का कड़ाई से पालन किया जा रहा है या नहीं।
सोशल मीडिया पर भी कसेगा शिकंजा
मोबाइल बैन के साथ-साथ सरकार बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा और सोशल मीडिया की लत को लेकर भी गंभीर है। सरकारी सर्वे में यह बात सामने आई है कि सख्त नियमों के बावजूद छात्र चोरी-छिपे क्लास में फोन का इस्तेमाल कर रहे थे, जिसका असर उनके मानसिक स्वास्थ्य और एकाग्रता पर पड़ रहा था। यही वजह है कि अब प्राइमरी से लेकर सीनियर क्लास तक के सभी छात्रों के लिए एक समान नियम लागू कर दिए गए हैं।
पेरेंट्स और स्कूल का तालमेल जरूरी
शिक्षा मंत्री ने इस फैसले को लागू करने के लिए माता-पिता से भी सहयोग की अपील की है। पेरेंट्स से कहा गया है कि वे बच्चों को घर पर ही इन नियमों के महत्व के बारे में समझाएं। मोबाइल फोन के बिना स्कूल में बच्चे एक-दूसरे से अधिक बात कर सकेंगे और खेलकूद जैसी गतिविधियों में भाग लेंगे, जिससे उनका सामाजिक विकास भी बेहतर होगा।