Middle East Crisis: कुवैत में ईरानी हमले का तांडव, भारतीय कर्मचारी की दर्दनाक मौत; UAE में भी बैलिस्टिक मिसाइल के मलबे से 5 भारतीय घायल
मध्य पूर्व (Middle East) में जारी भीषण जंग अब भारतीय नागरिकों के लिए काल बनती जा रही है। सोमवार, 30 मार्च को कुवैत के बिजली मंत्रालय ने एक बेहद दुखद खबर की पुष्टि की है। ईरान द्वारा कुवैत के एक पावर और पानी डीसैलिनेशन प्लांट (Desalination Plant) पर किए गए मिसाइल हमले में एक भारतीय कर्मचारी की जान चली गई है। यह हमला इतना भीषण था कि प्लांट की सर्विस बिल्डिंग और आसपास के इंफ्रास्ट्रक्चर को भारी नुकसान पहुंचा है। खाड़ी देशों में छिड़ा यह महायुद्ध अब निर्दोष विदेशी कामगारों को अपनी चपेट में ले रहा है, जिससे वैश्विक स्तर पर शोक और गुस्से की लहर है।
कुवैत के पावर प्लांट पर 'ईरानी आक्रामकता'
कुवैत के बिजली मंत्रालय की प्रवक्ता फातिमा अब्बास जौहर हयात ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए बताया कि ईरानी आक्रामकता के तहत देश के एक महत्वपूर्ण पावर और पानी शुद्धिकरण संयंत्र को निशाना बनाया गया। इस हमले में वहां ड्यूटी पर तैनात भारतीय मजदूर की मौत हो गई। प्रवक्ता ने इस घटना को कुवैत की संप्रभुता पर हमला करार दिया है। गौरतलब है कि रविवार रात से ही तेहरान और आसपास के इलाकों में हवाई हमलों के कारण बिजली गुल है, जिससे स्थिति और भी तनावपूर्ण हो गई है।
UAE में गिरा मिसाइल का मलबा, 5 भारतीय नागरिक जख्मी
संकट केवल कुवैत तक सीमित नहीं है, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में भी भारतीय नागरिक इस युद्ध की आग में झुलस रहे हैं। यूएई के एयर डिफेंस सिस्टम ने ईरान की एक बैलिस्टिक मिसाइल को हवा में ही मार गिराया, लेकिन उसका मलबा 'खलीफा इकोनॉमिक जोंस, अबू धाबी' (KEZAD) के पास गिर गया। इस मलबे की चपेट में आने से पांच भारतीय नागरिक घायल हो गए हैं। अबू धाबी मीडिया ऑफिस ने घायलों की पुष्टि करते हुए जनता से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। इससे पहले हुए हमलों में भी एक भारतीय और एक पाकिस्तानी नागरिक की जान जा चुकी है।
डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी और जमीनी हमले की आहट
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस संकट पर कड़ा रुख अपनाते हुए पहले ही चेतावनी दी थी कि यदि ईरान शांति समझौते के लिए मेज पर नहीं आता, तो उसके पावर स्टेशनों को पूरी तरह तबाह कर दिया जाएगा। इस बीच, क्षेत्र में 3,500 अतिरिक्त अमेरिकी सैनिकों के साथ एक युद्धपोत के पहुंचने से जमीनी हमले (Ground Operation) की सुगबुगाहट तेज हो गई है। ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघर ग़ालिबफ ने भी पलटवार करते हुए कहा है कि किसी भी अमेरिकी जमीनी कार्रवाई का जवाब पूरी ताकत के साथ दिया जाएगा।
शांति के लिए पाकिस्तान की मध्यस्थता की कोशिश
बढ़ते वैश्विक तनाव और चरमराती अर्थव्यवस्था के बीच पाकिस्तान ने शांति दूत बनने की पेशकश की है। इस्लामाबाद में सऊदी अरब, मिस्र और तुर्की के विदेश मंत्रियों के साथ हुई एक महत्वपूर्ण बैठक के बाद पाकिस्तान के विदेश मंत्री इसहाक डार ने कहा कि वे वाशिंगटन और तेहरान के बीच 'सार्थक बातचीत' आयोजित करने के लिए तैयार हैं। दुनिया भर के देश उम्मीद कर रहे हैं कि इस चतुष्पक्षीय शिखर सम्मेलन के जरिए कोई कूटनीतिक रास्ता निकलेगा, ताकि और अधिक निर्दोष जानों को जाने से बचाया जा सके।