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April 08 2026 01:09 am

माइक्रोसॉफ्ट का बड़ा यू-टर्न कोपायलट अब प्रोफेशनल असिस्टेंट नहीं, बल्कि एक मनोरंजन टूल यूजर्स हैरान

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News India Live, Digital Desk: दुनिया की दिग्गज टेक कंपनी माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) ने अपने एआई चैटबॉट कोपायलट (Copilot) को लेकर एक ऐसा फैसला किया है जिसने तकनीकी जगत में खलबली मचा दी है। माइक्रोसॉफ्ट ने अपनी सेवा की शर्तों (Terms of Use) में गुपचुप तरीके से एक बड़ा बदलाव करते हुए अब 'कोपायलट' को एक 'एंटरटेनमेंट टूल' (Entertainment Tool) यानी मनोरंजन का साधन घोषित कर दिया है। अब तक इसे एक शक्तिशाली 'प्रोडक्टिविटी टूल' और 'प्रोफेशनल असिस्टेंट' के रूप में प्रचारित किया जा रहा था, लेकिन इस अचानक आए बदलाव ने यूजर्स और विशेषज्ञों के बीच कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

शर्तों में क्या बदला?

माइक्रोसॉफ्ट के अपडेटेड 'सप्लीमेंटल टर्म्स' के अनुसार, कंपनी ने स्पष्ट रूप से लिखा है कि "ऑनलाइन सेवाएं केवल मनोरंजन के उद्देश्यों (Entertainment Purposes) के लिए हैं; ये ऑनलाइन सेवाएं कोई पेशेवर सलाह (Professional Advice) नहीं हैं।" इसका सीधा मतलब यह है कि अगर आप कोडिंग, कानूनी सलाह, मेडिकल जानकारी या वित्तीय गणनाओं के लिए पूरी तरह कोपायलट पर भरोसा करते हैं, तो माइक्रोसॉफ्ट उसकी सटीकता की कोई जिम्मेदारी नहीं लेगा।

माइक्रोसॉफ्ट ने क्यों लिया यह यू-टर्न?

विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम के पीछे मुख्य कारण कानूनी सुरक्षा (Legal Protection) है।

AI मतिभ्रम (Hallucinations): एआई चैटबॉट्स अक्सर गलत या मनगढ़ंत जानकारी (Hallucinations) देते हैं। इसे 'मनोरंजन टूल' बताकर माइक्रोसॉफ्ट खुद को उन मुकदमों से बचाना चाहता है जो गलत जानकारी के कारण कंपनी पर हो सकते हैं।

सटीकता की गारंटी नहीं: यदि कोई यूजर कोपायलट की सलाह पर निवेश करता है या कोई मेडिकल निर्णय लेता है और उसे नुकसान होता है, तो अब माइक्रोसॉफ्ट कोर्ट में यह तर्क दे सकता है कि यह केवल मनोरंजन के लिए था।

लागत और संसाधन: एआई को हर समय 100% सटीक बनाए रखना बेहद खर्चीला और तकनीकी रूप से कठिन है।

यूजर्स पर क्या होगा असर?

माइक्रोसॉफ्ट के इस 'यू-टर्न' से उन यूजर्स को सबसे बड़ा झटका लगा है जो अपने ऑफिस के काम, ईमेल ड्राफ्टिंग और रिसर्च के लिए कोपायलट का इस्तेमाल कर रहे थे।

भरोसे में कमी: अब यूजर्स को कोपायलट द्वारा दी गई हर जानकारी को दो बार चेक (Fact-check) करना होगा।

प्रोफेशनल इस्तेमाल पर सवाल: क्या कंपनियां अब अपने कर्मचारियों को ऐसे टूल के इस्तेमाल की अनुमति देंगी जिसे खुद निर्माता ही 'मनोरंजन' का साधन बता रहा है?

प्रतिस्पर्धा: गूगल (Gemini) और ओपनएआई (ChatGPT) जैसे प्रतिद्वंद्वी इस स्थिति का फायदा उठा सकते हैं, हालांकि वे भी इसी तरह की कानूनी चेतावनियां देते हैं।