पाकिस्तान में गहराया ऊर्जा और आर्थिक संकट: रात 8 बजे बाजार बंद, महंगाई ने तोड़ी कमर
पड़ोसी देश पाकिस्तान इस समय एक गंभीर आर्थिक और ऊर्जा संकट से गुजर रहा है। मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के कारण पैदा हुए वैश्विक तेल संकट ने पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को बुरी तरह झकझोर दिया है। स्थिति इतनी विकट हो गई है कि सरकार को बिजली और ईंधन बचाने के लिए सख्त कदम उठाने पड़ रहे हैं, जिसका सीधा असर आम जनता की रोजमर्रा की जिंदगी और जेब पर पड़ रहा है।
यहाँ इस संकट से जुड़ी सबसे अहम और बड़ी बातें दी गई हैं:
रात 8 बजे बाजार बंद करने का सख्त फरमान
ईंधन और बिजली की भारी कमी से निपटने के लिए पाकिस्तान सरकार ने एक नया 'एनर्जी कंजर्वेशन प्लान' (ऊर्जा संरक्षण योजना) लागू किया है।
बाजार और मॉल: सिंध प्रांत को छोड़कर पूरे देश में सभी बाजारों और शॉपिंग मॉल्स को रात 8 बजे तक अनिवार्य रूप से बंद करने के आदेश दिए गए हैं।
रेस्टोरेंट और मैरिज हॉल: खाने-पीने की जगहों और शादी घरों को रात 10 बजे तक बंद करना होगा।
छूट: आपातकालीन स्थितियों को ध्यान में रखते हुए केवल मेडिकल स्टोर्स और फार्मेसी को इस नियम से बाहर रखा गया है।
परिवहन और माल ढुलाई के किराए में भारी उछाल
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगी आग ने ट्रांसपोर्ट सेक्टर की कमर तोड़ दी है। पंजाब प्रांत के 38 जिलों के ताजा आंकड़े बेहद चिंताजनक हैं:
बस किराया: इंटरसिटी बसों के किराए में सीधे 30% तक की बढ़ोतरी हो गई है।
माल ढुलाई (Logistics): सामान ढोने वाले छोटे ट्रकों के किराए में 12% से 50% और बड़े ट्रेलरों के किराए में 13% से लेकर 100% (कोट अद्दू में दोगुना) तक का भयंकर उछाल आया है।
यात्री घटे: सफर महंगा होने के कारण लोगों ने गैर-जरूरी यात्राएं बंद कर दी हैं। कई जिलों में बस यात्रियों की संख्या में 10% से 63% तक की गिरावट आई है। मुरी और हाफिजाबाद में तो 71% बसें सड़कों से नदारद हो गई हैं।
खाने-पीने की चीजों पर महंगाई की चौतरफा मार
महंगे ट्रांसपोर्ट का सीधा असर लोगों की थाली पर दिख रहा है।
सब्जियां और राशन: जरूरी खाद्य पदार्थों की कीमतों में औसतन 25% का इजाफा हुआ है।
टमाटर के दाम में आग: लैय्या जैसे जिलों में टमाटर की कीमतों में 125% तक का भारी उछाल दर्ज किया गया है।
राहत की बात सिर्फ इतनी है कि बाजार में अभी सामान की आपूर्ति (Supply) सामान्य है और आटे की कीमतें फिलहाल स्थिर हैं। हालांकि, माल ढुलाई के महंगे होने से आने वाले दिनों में अनाज के दाम बढ़ने का खतरा भी मंडरा रहा है।
कुल मिलाकर, महंगे तेल और कड़े सरकारी प्रतिबंधों के बीच पाकिस्तान की आम जनता के लिए परिवहन से लेकर घर की रसोई तक का खर्च उठाना एक बड़ी चुनौती बन गया है।