Medical College Scam : एमबीबीएस एडमिशन का वो काला सच, जो आपके करोड़ों रुपये डुबा सकता है

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News India Live, Digital Desk : डॉक्टर को समाज में सबसे समझदार और जागरूक लोगों में गिना जाता है। लेकिन सोचिए, क्या हो अगर एक डॉक्टर ही अपनी बेटी को डॉक्टर बनाने के चक्कर में ठगों के जाल में फंस जाए और अपनी जिंदगी भर की कमाई, यानी करीब 5 करोड़ रुपये गंवा दे?

यह कोई फिल्मी कहानी नहीं, बल्कि मुंबई में हुई एक सच्ची और चौंकाने वाली घटना है, जो उन सभी माता-पिता के लिए एक बड़ी चेतावनी है जो अपने बच्चों को मेडिकल कॉलेज में एडमिशन दिलाने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार रहते हैं।

आखिर कैसे एक डॉक्टर के साथ हो गई इतनी बड़ी ठगी?

यह पूरा मामला मुंबई के एक नामी डॉक्टर से जुड़ा है। उनकी बेटी और बेटी के कुछ दोस्तों के NEET UG परीक्षा में अच्छे नंबर नहीं आए, जिससे उन्हें सरकारी मेडिकल कॉलेज में सीट नहीं मिल पा रही थी। इसी बीच, डॉक्टर साहब ठगों के एक ऐसे गिरोह के संपर्क में आ गए, जिसने उन्हें मुंबई और पुणे के बड़े-बड़े प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में 'मैनेजमेंट कोटा' या 'एनआरआई कोटे' से MBBS की सीट दिलाने का सुनहरा सपना दिखाया।

5 स्टार होटल, मंत्रालय का 'अफसर' और करोड़ों का धोखा

ये ठग कोई मामूली चोर-उचक्के नहीं थे। वे बेहद शातिर थे और उन्होंने अपना जाल बड़ी ही चालाकी से बुना था।

  • बड़े होटलों में होती थी मीटिंग: वे अपनी विश्वसनीयता बनाने के लिए डॉक्टर और दूसरे पेरेंट्स से मीटिंग मुंबई के 5-स्टार होटलों में करते थे।
  • धीरे-धीरे वसूले पैसे: उन्होंने एक बार में सारे पैसे नहीं लिए। साल 2018 से लेकर अब तक, उन्होंने डॉक्टर से 13 छात्रों के एडमिशन के नाम पर अलग-अलग किस्तों में कुल 4.71 करोड़ रुपये वसूल लिए।

जब सालों तक इंतजार करने के बाद भी किसी भी बच्चे का एडमिशन नहीं हुआ और ठगों ने फोन उठाना बंद कर दिया, तब डॉक्टर को एहसास हुआ कि उनके साथ बहुत बड़ा धोखा हो चुका है।

क्या है इस घटना से सीखने वाली सबसे बड़ी बात?

यह घटना एक दर्दनाक सबक है। भारत में मेडिकल कॉलेजों, खासकर MBBS की सीटों पर एडमिशन का सिर्फ और सिर्फ एक ही पारदर्शी और कानूनी रास्ता है - NEET UG परीक्षा में अच्छी रैंक लाना।

'मैनेजमेंट कोटा', 'डायरेक्ट एडमिशन' या 'पैसे देकर सीट' दिलाने का वादा करने वाले 99.9% लोग फ्रॉड होते हैं। वे आपकी भावनाओं और आपके बच्चे के भविष्य के साथ खेलते हैं। किसी भी शॉर्टकट या ऐसे लुभावने वादों पर भरोसा करने का मतलब है अपनी मेहनत की कमाई और अपने बच्चे का कीमती समय, दोनों को बर्बाद करना।