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March 26 2026 12:46 pm

कांशीराम जयंती से पहले मायावती का राहुल गांधी पर पलटवार,दलितों के अपमान की जननी है कांग्रेस, कार्यकर्ताओं को दी चेतावनी

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News India Live, Digital Desk: बसपा प्रमुख मायावती ने कांग्रेस को 'दलिट विरोधी' करार देते हुए कहा है कि जिस पार्टी ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर का सम्मान नहीं किया, वह आज कांशीराम जी के नाम पर राजनीति करने का ढोंग कर रही है। मायावती का यह बयान राहुल गांधी के उस दावे के बाद आया है जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर उनके परदादा (नेहरू) जीवित होते, तो कांशीराम कांग्रेस की ओर से मुख्यमंत्री होते।

मायावती के हमले के 3 बड़े तर्क

भारत रत्न का मुद्दा: मायावती ने लिखा कि कांग्रेस ने दशकों तक सत्ता में रहने के बावजूद बाबा साहेब अंबेडकर को 'भारत रत्न' नहीं दिया। ऐसे में वह पार्टी कांशीराम जी को यह सम्मान देने की बात कैसे कर सकती है?

राष्ट्रीय शोक का विवाद: उन्होंने याद दिलाया कि 2006 में जब कांशीराम जी का निधन हुआ, तब केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी, लेकिन उन्होंने एक दिन का भी राष्ट्रीय शोक घोषित नहीं किया था।

बसपा का गठन: मायावती ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस की 'दलित विरोधी मानसिकता' के कारण ही मान्यवर कांशीराम जी को मजबूरन बहुजन समाज पार्टी (BSP) का गठन करना पड़ा था।

कार्यकर्ताओं को चेतावनी: 'हथकंडों से सावधान रहें'

मायावती ने अपने समर्थकों और दलित समुदाय को आगाह किया कि चुनाव (UP 2027) नजदीक आते देख कांग्रेस और अन्य पार्टियां 'किस्म-किस्म के हथकंडे' अपनाकर बसपा को कमजोर करने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने अपील की है कि कार्यकर्ता इन भ्रमित करने वाली बातों से सचेत रहें।

कल के लिए 'लखनऊ चलो' का आह्वान

तारीख: 15 मार्च 2026 (कांशीराम जी की 92वीं जयंती)।

आयोजन: बसपा लखनऊ के कांशीराम स्मारक स्थल और नोएडा में भव्य कार्यक्रम आयोजित करेगी।

रणनीति: इस शक्ति प्रदर्शन के जरिए मायावती 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी का एजेंडा और अपनी ताकत पेश करेंगी।

अन्य दलों की भी है नजर

केवल कांग्रेस ही नहीं, बल्कि सपा (PDA दिवस) और बीजेपी (SC मोर्चा कार्यक्रम) भी कल के दिन को बड़े स्तर पर मनाने की तैयारी में हैं, ताकि दलित वोट बैंक में सेंध लगाई जा सके।