महाराष्ट्र के DGP बनकर करोड़ों की ठगी, सीतामढ़ी से गिरफ्तार हुआ मास्टरमाइंड महेश मुखिया, नेपाली सिम का करता था इस्तेमाल

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News India Live, Digital Desk : बिहार के सीतामढ़ी जिले की पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए महेश मुखिया नामक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी कोई साधारण अपराधी नहीं, बल्कि एक ऐसा शातिर जालसाज है जिसने अपनी ठगी के जाल में बड़े-बड़े लोगों को फंसाया। उसने महाराष्ट्र पुलिस के सबसे बड़े अधिकारी (DGP) की फर्जी आईडी बनाई और लोगों को डरा-धमकाकर या काम कराने के नाम पर करोड़ों रुपए ऐंठ लिए।

ठगी का अनोखा और खतरनाक तरीका (Modus Operandi)

जांच में सामने आया है कि महेश मुखिया गिरफ्तारी से बचने के लिए बेहद शातिर तकनीक अपनाता था:

फेक सोशल मीडिया प्रोफाइल: आरोपी ने व्हाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर महाराष्ट्र के DGP की फोटो और नाम वाली फर्जी प्रोफाइल बना रखी थी।

नेपाली सिम कार्ड का प्रयोग: चूंकि सीतामढ़ी नेपाल सीमा के करीब है, इसलिए वह नेपाली सिम कार्ड का उपयोग करता था। इससे भारतीय जांच एजेंसियों के लिए उसकी लोकेशन ट्रेस करना बेहद मुश्किल हो जाता था।

करोड़ों का ट्रांजैक्शन: पुलिस की शुरुआती जांच में आरोपी के पास से भारी मात्रा में बैंक ट्रांजैक्शन के सबूत मिले हैं। अनुमान है कि उसने अब तक करोड़ों रुपए की ठगी की है।

कैसे पकड़ा गया आरोपी?

महाराष्ट्र पुलिस और बिहार पुलिस के संयुक्त इनपुट के आधार पर सीतामढ़ी पुलिस ने जाल बिछाया। तकनीकी सर्विलांस और मुखबिरों की सूचना पर उसे उसके ठिकाने से दबोच लिया गया।

बरामदगी: गिरफ्तारी के समय उसके पास से कई मोबाइल फोन, फर्जी दस्तावेज और नेपाली सिम कार्ड बरामद किए गए हैं।

नेपाल कनेक्शन: पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या इस गिरोह के तार नेपाल में बैठे किसी बड़े सिंडिकेट से जुड़े हैं।

पुलिस की अपील: प्रोफाइल पिक्चर देखकर न आएं झांसे में

इस घटना के बाद पुलिस ने आम जनता को सचेत किया है:

किसी भी बड़े अधिकारी की प्रोफाइल फोटो देखकर तुरंत भरोसा न करें।

व्हाट्सएप कॉल या मैसेज पर पैसे की मांग करने वालों की आधिकारिक पुष्टि जरूर करें।

किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर दें।