बाज़ार में हलचल: अमेरिका-चीन की खींचतान का एशियाई बाज़ारों पर असर
आज हफ़्ते के पहले दिन यानी सोमवार को एशियाई शेयर बाज़ारों में थोड़ी सुस्ती देखने को मिली। इसकी बड़ी वजह अमेरिका और चीन के बीच व्यापार को लेकर चल रही खींचतान है, जिससे निवेशकों में थोड़ा डर का माहौल बन गया है। बाज़ार पहले से ही काफी ऊपर थे, इसलिए ऐसी खबरों से घबराहट होना स्वाभाविक है।
हालांकि, दूसरी तरफ से एक अच्छा संकेत भी मिल रहा है। वॉल स्ट्रीट के वायदा कारोबार (Futures Market) में तेज़ी देखी जा रही है, जिससे लगता है कि निवेशक जोखिम उठाने को तैयार हैं। आज अमेरिका और जापान में छुट्टी होने की वजह से सुबह के कारोबार में थोड़ा उतार-चढ़ाव ज़्यादा रहा। वहीं, जापान और यूरोप के बाज़ारों पर राजनीतिक अनिश्चितता का असर अभी भी बना हुआ है।
क्या है पूरा मामला?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले चीन पर भारी टैरिफ लगाने की बात कही थी, लेकिन अब उनके सुर थोड़े नरम पड़ गए हैं। उन्होंने कहा है कि सब ठीक हो जाएगा और अमेरिका, चीन को कोई नुकसान नहीं पहुंचाना चाहता। वहीं, चीन ने भी अपने कुछ सामानों के निर्यात पर लगे प्रतिबंधों को सही ठहराया है, लेकिन अमेरिका के उत्पादों पर कोई नया शुल्क लगाने से बचा है।
जानकारों का मानना है कि दोनों देशों के बीच जल्द ही कोई समाधान निकल सकता है, जिसमें मौजूदा टैरिफ को आगे भी टाला जा सकता है और कुछ नई रियायतें दी जा सकती हैं।
बाकी दुनिया में क्या चल रहा है?
इधर, मिस्र में गाजा युद्धविराम को लेकर दुनिया के बड़े नेता एक बैठक कर रहे हैं, जिसमें ट्रंप भी शामिल हैं। इसका असर भी बाज़ार पर पड़ सकता है।
जापान के बाज़ारों की अपनी अलग परेशानियां हैं। वहां नए प्रधानमंत्री को लेकर स्थिति साफ़ नहीं है, जिसकी वजह से पिछले हफ़्ते जापानी मुद्रा येन में काफ़ी तेज़ी आ गई थी और निक्केई वायदा बाज़ार 5% तक गिर गया था।
आज के बाज़ार का हाल
- सोमवार को जापान का निक्केई बाज़ार बंद रहा।
- दक्षिण कोरिया के बाज़ार में 2.1% की गिरावट आई।
- ऑस्ट्रेलिया का बाज़ार भी 0.5% नीचे रहा।
- एशिया के दूसरे बाज़ारों को दिखाने वाले MSCI इंडेक्स में भी 0.6% की कमजोरी रही।
- वहीं, अमेरिका के एसएंडपी 500 और नैस्डैक वायदा बाज़ार में क्रमशः 1.1% और 1.6% की तेज़ी के साथ वापसी के संकेत मिल रहे हैं।