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March 12 2026 05:55 pm

Marichyasana Benefits: रीढ़ की हड्डी को लोहे जैसा मजबूत और लचीला बना देगा यह खास योग, पाचन की समस्याओं से भी मिलेगी मुक्ति

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नई दिल्ली, ब्यूरो।आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में कमर दर्द, तनाव और खराब पाचन एक आम समस्या बन गई है। घंटों कुर्सी पर बैठकर काम करने से हमारी रीढ़ की हड्डी (Spine) अपनी प्राकृतिक लचीलापन खो देती है। ऐसे में मारीच्यासन (Marichyasana) एक ऐसा रामबाण योगाभ्यास है, जो न केवल आपके शरीर को लचीला बनाता है, बल्कि आपके मन को भी असीम शांति प्रदान करता है। ऋषि मारीचि के नाम पर आधारित यह आसन 'प्रकाश की किरण' की तरह आपके स्वास्थ्य में नई ऊर्जा भर देता है।

क्यों खास है मारीच्यासन? जानें आयुष मंत्रालय की राय

आयुष मंत्रालय के विशेषज्ञों के अनुसार, मारीच्यासन केवल एक शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह शरीर के आंतरिक अंगों की 'सर्विसिंग' जैसा है। जब आप इस आसन में अपने शरीर को ट्विस्ट (Twist) करते हैं, तो इससे पेट के अंगों जैसे लीवर, किडनी, पैंक्रियाज और छोटी आंत पर दबाव पड़ता है, जिससे वे अधिक सक्रिय हो जाते हैं। यह आसन मधुमेह (Diabetes) के प्रबंधन और ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाने में भी अविश्वसनीय रूप से सहायक है।

मारीच्यासन करने की सही विधि: स्टेप-बाय-स्टेप गाइड

इस आसन का पूरा लाभ उठाने के लिए इसे सही तरीके से करना बेहद जरूरी है। आइए जानते हैं इसकी सरल प्रक्रिया:

दंडासन: सबसे पहले जमीन पर पैरों को सीधा फैलाकर बैठ जाएं।

घुटना मोड़ें: अपने दाहिने घुटने को मोड़ें और पैर के तलवे को जमीन पर टिकाएं।

ट्विस्ट करें: बाएं हाथ को दाहिनी जांघ के बाहर लाएं और सांस छोड़ते हुए शरीर को दाईं ओर घुमाएं।

पीछे देखें: अपनी गर्दन को घुमाकर पीछे की ओर देखें। यदि संभव हो, तो अपने हाथों को पीठ के पीछे ले जाकर आपस में पकड़ने का प्रयास करें।

सांस पर ध्यान: इस स्थिति में 5-10 गहरी सांसें लें और फिर यही प्रक्रिया दूसरी तरफ से दोहराएं।

एक आसन, अनेक फायदे: शरीर पर होता है जादुई असर

नियमित रूप से मारीच्यासन का अभ्यास करने वाले लोगों को ये बड़े फायदे मिलते हैं:

कंधों और गर्दन का खिंचाव: यह आसन गर्दन और कंधों की मांसपेशियों को रिलैक्स करता है।

पाचन में सुधार: पेट के अंगों की मालिश होने से कब्ज और गैस जैसी समस्याओं से राहत मिलती है।

तनाव में कमी: शरीर के ट्विस्ट होने से तंत्रिका तंत्र शांत होता है, जिससे मानसिक तनाव कम होता है।

प्रजनन तंत्र: यह प्रजनन अंगों को सक्रिय कर उनके स्वास्थ्य में सुधार लाता है।

सावधानी: किन्हें नहीं करना चाहिए यह आसन?

योग हमेशा अपनी शारीरिक क्षमता के अनुसार ही करना चाहिए। गर्भवती महिलाओं, गंभीर कमर दर्द (Slip Disc) से पीड़ित व्यक्तियों या जिनकी हाल ही में कोई सर्जरी हुई हो, उन्हें यह आसन करने से बचना चाहिए। किसी भी योगाभ्यास को शुरू करने से पहले विशेषज्ञ या डॉक्टर की सलाह लेना हमेशा बेहतर होता है।