झारखंड के चाईबासा में बड़ा नक्सली हमला IED ब्लास्ट की चपेट में आए कोबरा जवान, एयरलिफ्ट कर रांची भेजा गया
News India Live, Digital Desk: झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में नक्सलियों के खिलाफ जारी 'ऑपरेशन क्लीन' के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया है। टोंटो थाना क्षेत्र के अति-नक्सल प्रभावित इलाके में नक्सलियों द्वारा बिछाए गए प्रेशर आईईडी (IED) की चपेट में आने से सीआरपीएफ (CRPF) की कोबरा बटालियन का एक जवान गंभीर रूप से घायल हो गया है। घटना के बाद सुरक्षाबलों ने इलाके में घेराबंदी तेज कर दी है और घायल जवान को बेहतर इलाज के लिए हेलीकॉप्टर से रांची शिफ्ट किया गया है।
सर्च ऑपरेशन के दौरान हुआ जोरदार धमाका
जानकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह सुरक्षाबलों की संयुक्त टीम (कोबरा 203 बटालियन, झारखंड जगुआर और जिला पुलिस) टोंटो और गोइलकेरा की सीमा पर स्थित घने जंगलों में नक्सलियों के शीर्ष नेताओं की मौजूदगी की सूचना पर सर्च ऑपरेशन चला रही थी। इसी दौरान रेंगराहातु के पास एक पहाड़ी रास्ते पर जवान का पैर नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखे गए आईईडी पर पड़ गया। धमाका इतना जोरदार था कि इसकी गूंज दूर तक सुनी गई और जवान गंभीर रूप से जख्मी हो गया।
एयरलिफ्ट कर रांची के मेडिका अस्पताल में भर्ती
ब्लास्ट की सूचना मिलते ही जिला मुख्यालय से अतिरिक्त बल रवाना किया गया। दुर्गम क्षेत्र होने के कारण घायल जवान को तुरंत प्राथमिक उपचार देकर सुरक्षित स्थान पर लाया गया, जहां से रांची से आए विशेष हेलीकॉप्टर के जरिए उन्हें एयरलिफ्ट किया गया। वर्तमान में जवान का इलाज रांची के मेडिका अस्पताल में चल रहे है, जहां डॉक्टरों की टीम उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। अधिकारियों के मुताबिक जवान की हालत स्थिर लेकिन गंभीर बनी हुई है।
नक्सलियों की कायराना हरकत: ग्रामीणों और जवानों को निशाना बनाने की साजिश
पश्चिमी सिंहभूम के जंगलों में नक्सलियों ने अपनी हार के डर से कदम-कदम पर आईईडी और बूबी ट्रैप बिछा रखे हैं। पिछले कुछ महीनों में इन धमाकों की चपेट में आकर कई निर्दोष ग्रामीणों और मवेशियों की भी जान जा चुकी है। पुलिस अधीक्षक (SP) आशुतोष शेखर ने बताया कि नक्सलियों की इन कायराना हरकतों के बावजूद सुरक्षाबलों का मनोबल ऊंचा है और जंगलों से नक्सलियों के सफाए तक अभियान जारी रहेगा।
इलाके में सर्च ऑपरेशन तेज, नक्सलियों की घेराबंदी
इस घटना के बाद चाईबासा पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल ने पूरे वन क्षेत्र को चारों तरफ से घेर लिया है। शक है कि ब्लास्ट के बाद नक्सली दस्ते पास की पहाड़ियों में छिपे हो सकते हैं। पुलिस डॉग स्क्वायड और बम निरोधक दस्ते (BDDS) की मदद से अन्य संभावित आईईडी को डिफ्यूज करने का काम किया जा रहा है। प्रशासन ने स्थानीय ग्रामीणों से भी अपील की है कि वे जंगलों के अनजान रास्तों पर जाने से बचें।