राजस्थान में फुल टैंक का महा-अभियान पेट्रोल खत्म होने की अफवाह पर आधी रात को सड़कों पर उतरी जनता
News India Live, Digital Desk: राजस्थान के कई जिलों में सोमवार रात और मंगलवार, 24 मार्च 2026 की सुबह एक ऐसी अफवाह फैली कि देखते ही देखते पेट्रोल पंप 'रणक्षेत्र' में तब्दील हो गए। सोशल मीडिया पर एक फर्जी मैसेज वायरल हुआ कि "ईरान-इजरायल युद्ध के कारण देश में तेल का संकट होने वाला है और कल से पंपों पर ताले लटक जाएंगे।" इस एक लाइन ने प्रदेशवासियों की ऐसी नींद उड़ाई कि लोग अपनी गाड़ियां छोड़कर केन, पीपे और प्लास्टिक की बोतलें लेकर पंपों की ओर दौड़ पड़े। जयपुर, उदयपुर, बीकानेर और डूंगरपुर जैसे शहरों में पंपों पर किलोमीटर लंबी कतारें लग गईं, जिससे प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए।
1. अफवाह की 'फुल स्पीड' और जनता का पैनिक
अफवाह ने सोशल मीडिया के जरिए जंगल की आग की तरह फैलना शुरू किया।
नजारा: जो लोग कल तक ₹100 का तेल डलवा रहे थे, वे भी आज 'फुल टैंक' करवाने की होड़ में शामिल दिखे। उदयपुर और सलूंबर जैसे क्षेत्रों में तो हालात इतने बेकाबू हो गए कि पेट्रोल पंप संचालकों को भीड़ संभालने के लिए पुलिस बुलानी पड़ी।
जुगाड़ मोड: कई स्थानों पर लोग हाथ में बड़े-बड़े कैंपर और बाल्टियां लेकर कतार में खड़े नजर आए, जिससे व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई।
2. प्रशासन और एसोसिएशन की सफाई: "स्टॉक की कोई कमी नहीं"
बढ़ते हड़कंप के बीच राजस्थान पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन और जिला रसद अधिकारियों (DSO) को मोर्चा संभालना पड़ा।
आधिकारिक बयान: अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की सप्लाई पूरी तरह सामान्य है। भारत के पास पर्याप्त रणनीतिक तेल भंडार (Strategic Reserves) मौजूद है और सप्लाई चेन में कोई बाधा नहीं है।
अपील: बीकानेर और आबूरोड के रसद अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि वे सोशल मीडिया के अनवेरिफाइड फॉरवर्ड्स पर भरोसा न करें।
3. युद्ध की आशंका और 'होरमुज जलडमरूमध्य' का डर
दरअसल, इस अफवाह का आधार 'होरमुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) के बंद होने की खबरों को बनाया गया था।
हकीकत: हालांकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव है, लेकिन भारत सरकार और केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने पहले ही आश्वस्त किया है कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है। तेल कंपनियां (IOC, BPCL, HPCL) सामान्य रूप से रिफिलिंग कर रही हैं।
4. ब्लैक मार्केटिंग की कोशिशों पर नजर
अफवाह का फायदा उठाकर कुछ असामाजिक तत्वों ने तेल की कालाबाजारी (Black Marketing) शुरू करने की कोशिश की। कई जगहों पर बोतल में तेल देने पर पाबंदी लगा दी गई है। पुलिस अब उन सोशल मीडिया हैंडल्स की पहचान कर रही है जिन्होंने सबसे पहले इस भ्रामक खबर को साझा किया था।
5. क्या है वर्तमान स्थिति?
मंगलवार दोपहर तक जयपुर और उदयपुर के अधिकांश पंपों पर स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है और पंप संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे पैनिक क्रियेट न होने दें। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।