रनवे पर बिखरा पड़ा था सामान, दहशत में यात्री लखनऊ एयरपोर्ट पर 7 घंटे तक क्यों मची खलबली?

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News India Live, Digital Desk: हवाई सफर को हम सबसे तेज और सुरक्षित मानते हैं। लेकिन सोचिये आप अपनी फ्लाइट में बैठे हों, टेक-ऑफ (उड़ान) का इंतज़ार कर रहे हों, और तभी पता चले कि रनवे पर कुछ लावारिस सामान बिखरा पड़ा है और बम निरोधक दस्ता (Bomb Squad) वहां पहुंच गया है! दिल बैठ जाएगा न?

कल लखनऊ के चौधरी चरण सिंह एयरपोर्ट पर कुछ ऐसा ही डरावना मंजर देखने को मिला, जिसकी वजह से सैकड़ों यात्रियों की जान हलक में अटक गई।

आखिर हुआ क्या था?
सब कुछ सामान्य चल रहा था। फ्लाइट्स आने-जाने की तैयारी में थीं। अचानक सुरक्षाकर्मियों की नज़र रनवे के एक हिस्से पर पड़ी। वहां कुछ लावारिस बैग और सामान बिखरा हुआ था। एयरपोर्ट जैसी हाई-सिक्योरिटी वाली जगह पर, जहां परिंदा भी पर नहीं मार सकता, वहां रनवे पर लावारिस सामान दिखना कोई छोटी बात नहीं है।

तुरंत मच गया हड़कंप
देखते ही देखते सायरन बज उठे। सीआईएसएफ (CISF) और एयरपोर्ट प्रशासन चौकन्ना हो गया। तुरंत डॉग स्क्वाड (Dog Squad) और बम डिस्पोजल टीम को बुलाया गया। कुत्तों ने हर एक बैग को सूंघा, मेटल डिटेक्टर्स से जांच की गई। इस दौरान यात्रियों को कुछ समझ नहीं आ रहा था कि हो क्या रहा है, बस डर का माहौल था।

यात्रियों के 7 घंटे खराब
इस पूरी गहमागहमी में करीब 7 घंटे तक अफरातफरी रही। फ्लाइट्स लेट हो गईं। जो यात्री घर जल्दी पहुंचने की उम्मीद में आए थे, वो एयरपोर्ट की लॉबी में ही परेशान घूमते रहे। छोटे बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा परेशान हुए।

सामान किसका था?
घंटों की जांच के बाद जब सामान खोला गया, तो पता चला कि यह किसी आतंकी साजिश का हिस्सा नहीं, बल्कि घोर लापरवाही (Negligence) का नतीजा था। यह सामान किसी फ्लाइट से लोडिंग-अनलोडिंग के दौरान ट्राली से गिर गया था और कर्मचारियों को पता ही नहीं चला! सोचिये, कितनी बड़ी चूक है।

आखिरकार, जब पुष्टि हो गई कि कोई खतरा नहीं है, तब जाकर विमानों को उड़ने की इजाजत मिली। लेकिन यात्रियों के लिए वो 7 घंटे किसी डरावने सपने से कम नहीं थे। अब सवाल यह है कि ऐसी लापरवाही करने वालों पर क्या कार्रवाई होगी?