Ludhiana weather : पंजाब में आसमानी आफत: जब बारिश, बाढ़ और खौफ ने एक साथ दी दस्तक

Post

 पंजाब में बाढ़ और बारिश का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले 48 घंटों से जारी मूसलाधार बारिश ने हालात और गंभीर कर दिए हैं, और अब मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए भी खतरे की घंटी बजा दी है। राज्य के कई जिलों के लिए "रेड अलर्ट" जारी किया गया है, जिसका मतलब है कि इन इलाकों में बहुत भारी बारिश हो सकती है, जिससे बाढ़ और भूस्खलन का खतरा और बढ़ सकता है।

इन जिलों पर है सबसे बड़ा खतरा

मौसम विभाग (IMD) ने साफ तौर पर कुछ जिलों को सबसे ज्यादा जोखिम में बताया है। पठानकोट, होशियारपुर, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, नवांशहर, रूपनगर, मोगा, बरनाला और संगरूर के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है वहीं, अमृतसर, तरनतारन, फतेहगढ़ साहिब और मोहाली जैसे जिलों को ऑरेंज और येलो अलर्ट पर रखा गया है, जहां भारी बारिश की संभावना है। लगातार हो रही बारिश से ब्यास और सतलुज जैसी प्रमुख नदियां उफान पर हैं, जिससे निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।

क्यों हो रही है इतनी बारिश और आगे क्या?

यह भारी बारिश मानसून की सक्रियता के कारण हो रही है, जिसका असर पूरे उत्तर भारत में देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे बेहद जरूरी होने पर ही घरों से बाहर निकलें  प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए चंडीगढ़ और कई अन्य बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्कूलों में छुट्टी की घोषणा कर दी है। बचाव और राहत के लिए एनडीआरएफ और सेना की टीमें तैनात हैं।

अगले कुछ घंटे और दिन पंजाब के लिए बेहद मुश्किल भरे हो सकते हैं। प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है, लेकिन लोगों को भी पूरी सावधानी बरतने की जरूरत है, ताकि किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान से बचा जा सके।