LPG Cylinder Update: अब बिना एड्रेस प्रूफ के मिलेगा गैस सिलेंडर! ब्लैक में बेचने वालों पर सरकार का बड़ा एक्शन, जानिए ताजा स्थिति
गैस सिलेंडरों की बढ़ती मांग और आपूर्ति को लेकर आम जनता के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। रसोई गैस की बढ़ती जरूरत को आसानी से पूरा करने के लिए सरकार ने 5 किलोग्राम वाले 'छोटू' एलपीजी सिलेंडरों (5kg LPG Cylinder) की बिक्री काफी तेज कर दी है। सबसे खास बात यह है कि इन छोटे सिलेंडरों को खरीदने के लिए आपको भारी-भरकम कागजी कार्रवाई के झंझट में नहीं पड़ना होगा। पेट्रोलियम मंत्रालय की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, 23 मार्च 2026 से लेकर अब तक देशभर में करीब 6.6 लाख ऐसे छोटे सिलेंडर बेचे जा चुके हैं।
'छोटू' एफटीएल सिलेंडर के लिए नहीं चाहिए पते का प्रमाण
आम तौर पर घरों में इस्तेमाल होने वाले 14.2 किलोग्राम के सब्सिडी वाले नियमित घरेलू गैस कनेक्शन के लिए कई तरह के दस्तावेजों की जरूरत होती है। लेकिन इसके विपरीत, 5 किलोग्राम वाले छोटे एलपीजी सिलेंडरों (जिन्हें FTL यानी फ्री ट्रेड एलपीजी कहा जाता है) को आप बाजार कीमत पर आसानी से खरीद सकते हैं। इन्हें अपने नजदीकी किसी भी गैस एजेंसी से लेने के लिए पते का प्रमाण (Address Proof) देना बिल्कुल भी जरूरी नहीं है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने अपने आधिकारिक बयान में बताया कि केवल 4 अप्रैल को ही 90,000 से अधिक 5 किलो वाले एफटीएल सिलेंडर बेचे गए हैं।
देश में गैस की कोई कमी नहीं, घर बैठे हो रही 95% बुकिंग
मंत्रालय ने उन सभी अफवाहों पर भी विराम लगा दिया है जिनमें एलपीजी की किल्लत की बात कही जा रही थी। एलपीजी वितरकों के पास गैस की कोई कमी नहीं है और आपूर्ति सुचारू रूप से चल रही है। सिर्फ एक ही दिन के भीतर 51 लाख से अधिक घरेलू सिलेंडरों की सफल आपूर्ति की गई है। सबसे अच्छी बात यह है कि कुल मांग का लगभग 95 प्रतिशत हिस्सा लोग घर बैठे ऑनलाइन बुकिंग के जरिए पूरा कर रहे हैं।
कालाबाजारी और जमाखोरों पर सरकार का सख्त हंटर
गैस सिलेंडरों की जमाखोरी और ब्लैक मार्केटिंग करने वालों के खिलाफ प्रशासन ने अपना एक्शन काफी तेज कर दिया है। मार्च से लेकर अब तक देशभर में छापेमारी कर 50,000 से अधिक गैस सिलेंडर जब्त किए जा चुके हैं। एलपीजी गैस वितरकों की मनमानी रोकने और व्यवस्था सुधारने के लिए 1,400 से ज्यादा कारण बताओ नोटिस (Show Cause Notice) जारी किए गए हैं, जबकि गंभीर अनियमितताओं के चलते अब तक 36 डीलरशिप को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) भी किया जा चुका है।
कॉमर्शियल और नेचुरल गैस की सप्लाई का क्या है स्टेटस?
पेट्रोलियम मंत्रालय ने बताया कि कॉमर्शियल एलपीजी की आपूर्ति को फिलहाल संकट से पहले वाले स्तर के 70 प्रतिशत तक सीमित रखा गया है, ताकि छोटे सिलेंडरों की उपलब्धता बढ़ाकर आम जनता की मांग का दबाव कम किया जा सके। बात अगर नेचुरल गैस की करें, तो घरेलू उपयोग और परिवहन (सीएनजी) के लिए पूरी सप्लाई जारी है। वहीं, 6 अप्रैल से उर्वरक संयंत्रों (Fertilizers Plants) के लिए सप्लाई औसत खपत के करीब 90 प्रतिशत तक बढ़ा दी जाएगी, जिसे आने वाले एलएनजी कार्गो (LNG Cargo) के जरिए सपोर्ट मिलेगा।
अफवाहों पर न दें ध्यान, भरपूर मात्रा में उपलब्ध है ईंधन
मंत्रालय ने देशवासियों को आश्वस्त किया है कि देश की सभी रिफाइनरियां (Refineries) अपनी उच्च क्षमता पर काम कर रही हैं। देशभर के पेट्रोल पंपों पर भी पर्याप्त ईंधन उपलब्ध है। सरकार ने आम लोगों से खास अपील की है कि वे घबराकर जरूरत से ज्यादा खरीदारी (Panic Buying) न करें और सिर्फ आधिकारिक जानकारियों पर ही भरोसा जताएं।