Lord Vishnu Puja : परेशानियों से चाहते हैं छुटकारा? परिवर्तिनी एकादशी पर करें ये ख़ास दान, जानें व्रत खोलने का सही समय
News India Live, Digital Desk: Lord Vishnu Puja : हिन्दू धर्म में एकादशी का व्रत बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है और जब बात हो परिवर्तिनी एकादशी की, तो इसका महत्व और भी बढ़ जाता है. ऐसी मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु, जो चार महीनों के लिए योग निद्रा में होते हैं, करवट बदलते हैं. इस साल यह ख़ास एकादशी 3 सितंबर 2025, बुधवार को मनाई जाएगी.
कहा जाता है कि इस एकादशी का व्रत करने से वाजपेय यज्ञ के बराबर फल मिलता है और इंसान के सारे पाप धुल जाते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस दिन व्रत रखने के साथ-साथ दान करने का भी एक विशेष महत्व है? सही चीज़ों का दान करने से न सिर्फ व्रत का पुण्य कई गुना बढ़ जाता है, बल्कि जीवन में चल रही कई परेशानियों से भी मुक्ति मिल सकती है.
परिवर्तिनी एकादशी पर क्यों ज़रूरी है दान?
शास्त्रों में कहा गया है कि कोई भी व्रत या उपवास तभी पूर्ण माना जाता है, जब उसके पारण (व्रत खोलने) के बाद दान-पुण्य किया जाए.[2] परिवर्तिनी एकादशी पर किया गया दान घर में सुख, शांति और समृद्धि लाता है और दरिद्रता को दूर करता है
परेशानियों से मुक्ति के लिए क्या करें दान?
अगर आपके जीवन में भी उथल-पुथल मची है या आप किसी खास समस्या से जूझ रहे हैं, तो इस परिवर्तिनी एकादशी पर अपनी राशि या ज़रूरत के अनुसार दान करके लाभ पा सकते हैं:
- अन्न और भोजन का दान: यह सबसे उत्तम दान माना गया है. किसी ज़रूरतमंद या ब्राह्मण को भोजन कराने से घर में कभी अन्न की कमी नहीं होती.
- वस्त्रों का दान: गरीबों या ज़रूरतमंदों को कपड़े दान करने से स्वास्थ्य अच्छा रहता है और पितृ दोष से शांति मिलती है.
- हल्दी का दान: अगर आप आर्थिक तंगी से परेशान हैं, तो हल्दी का दान करना बहुत शुभ माना जाता है. इससे दरिद्रता दूर होती है.
- जल से भरा घड़ा: मिट्टी का घड़ा जीवन में स्थिरता और शांति का प्रतीक है. किसी लाल कपड़े में लपेटकर जल से भरा घड़ा दान करने से मानसिक तनाव और पारिवारिक कलह दूर होती है.
- फल, अनाज और मिठाई: भगवान विष्णु को पीला रंग बहुत प्रिय है, इसलिए पीली मिठाई, फल (जैसे केले) या चने की दाल का दान करना बहुत शुभ फलदायी माना जाता है.
कब और कैसे खोलें व्रत? (एकादशी व्रत पारण समय)
व्रत रखने जितना ही ज़रूरी है, उसे सही समय और सही तरीके से खोलना.
- व्रत पारण की तारीख: परिवर्तिनी एकादशी का व्रत 3 सितंबर को रखा जाएगा और इसका पारण अगले दिन यानी 4 सितंबर, गुरुवार को द्वादशी तिथि में होगा.
- व्रत खोलने का शुभ मुहूर्त: 4 सितंबर को व्रत खोलने का सबसे अच्छा समय दोपहर 01:36 बजे से शाम 04:07 बजे के बीच रहेगा. ध्यान रहे कि हरि वासर का समय सुबह 10:18 बजे समाप्त हो जाएगा, उसके बाद ही पारण करना उचित है.
इस परिवर्तिनी एकादशी पर आप भी व्रत, पूजा और अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान करके भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त कर सकते हैं और अपने जीवन में सुख-शांति ला सकते हैं.